देहरादून: उत्तराखंड की शांत वादियों और राजधानी देहरादून की कानून व्यवस्था को ठेंगा दिखाते हुए दबंगई का एक बेहद विचलित करने वाला मामला सामने आया है। शहर के वीआईपी और रिहायशी माने जाने वाले रायपुर थाना क्षेत्र में बेखौफ हुड़दंगियों ने क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए एक दिव्यांग युवक को सड़क किनारे लिटाकर लात-घूसों और थप्पड़ों से बेरहमी से पीट डाला। इस सनसनीखेज वारदात का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे देखकर स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश है। देहरादून क्राइम न्यूज़ के गलियारों में इस घटना ने कानून व्यवस्था और रात के समय शराब की दुकानों के बाहर होने वाले हुड़दंग पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। पीड़ित दिव्यांग ने लहूलुहान हालत में स्थानीय पुलिस स्टेशन पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई है और हमलावरों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
मंगलवार की रात 10:15 बजे: वाइन शॉप के बाहर ऐसे शुरू हुआ खूनी खेल
प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस को दी गई तहरीर के अनुसार, यह पूरी घटना 9 जून 2026 की रात करीब 10:15 बजे की है। देहरादून के रायपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ऋषि नगर इलाके में स्थित एक वाइन शॉप के पास माहौल उस समय तनावपूर्ण हो गया, जब हरियाणा रजिस्ट्रेशन नंबर की दो लक्जरी कारों में सवार होकर करीब 8 युवक वहां पहुंचे। शराब खरीदने के दौरान या गाड़ियों को पार्क करने को लेकर वहां मौजूद एक स्थानीय दिव्यांग युवक से इन बाहरी युवकों की किसी बात पर मामूली कहासुनी हो गई।
शराब के नशे में चूर इन रसूखदार और दबंग युवकों पर इंसानियत का चश्मा ऐसा उतरा कि वे यह भी भूल गए कि उनके सामने खड़ा शख्स शारीरिक रूप से अक्षम (दिव्यांग) है और अपना बचाव करने में पूरी तरह असमर्थ है। चंद मिनटों की बहस के बाद सभी आठों युवक उस निहत्थे दिव्यांग पर भेड़ियों की तरह टूट पड़े।
सड़क पर गिराकर लात-घूसों की बौछार: वायरल वीडियो बयां कर रहावानियत
सोशल मीडिया पर जो वीडियो तैर रहा है, वह कानून के इकबाल को खुली चुनौती देता नजर आता है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि दबंगों ने पहले दिव्यांग युवक को कॉलर से पकड़कर घसीटा और फिर उसे सड़क किनारे बेरहमी से नीचे गिरा दिया। जब युवक जमीन पर गिर गया, तो आरोपियों ने उस पर रहम खाने के बजाय अंधाधुंध लात और घूसों की बरसात कर दी।
पीड़ित युवक दर्द से कराहता रहा, खुद को बख्श देने की भीख मांगता रहा, लेकिन शराब के नशे में धुत्त उन हमलावरों का दिल नहीं पसीजा। सड़क से गुजर रहे कुछ राहगीरों ने जब बीच-बचाव करने की कोशिश की, तो आरोपी उन्हें भी अंजाम भुगतने की धमकी देने लगे। इस बर्बर मारपीट में पीड़ित के सिर, पीठ और अंदरूनी अंगों में गंभीर चोटें आई हैं। वारदात को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी अपनी गाड़ियों में सवार होकर सहस्त्रधारा मार्ग की तरफ तेजी से फरार हो गए।
हरियाणा नंबर की गाड़ियां लेकिन रसूख स्थानीय: पुलिस जांच में बड़ा खुलासा
घटना के तुरंत बाद डरे-सहमे पीड़ित ने हिम्मत जुटाई और राजकीय अस्पताल में अपना मेडिकल करवाया। इसके बाद उसने अपने साथ हुई इस दरिंदगी का वीडियो साक्ष्य और मेडिकल रिपोर्ट के साथ थाना रायपुर में औपचारिक लिखित शिकायत दर्ज कराई। पीड़ित ने पुलिस को बताया कि हमलावर हरियाणा नंबर की दो अलग-अलग गाड़ियों में आए थे, जिससे प्राथमिक रूप से उनके बाहरी राज्यों के पर्यटक होने का अंदेशा था।
थाना प्रभारी का बयान:
रायपुर थाना प्रभारी संजीत कुमार ने इस मामले पर त्वरित संज्ञान लेते हुए बताया, “पीड़ित की शिकायत के आधार पर हमलावरों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। प्राथमिक जांच और सीसीटीवी फुटेज खंगालने के बाद गाड़ियों और हमलावरों की पहचान कर ली गई है। हालांकि कारें हरियाणा नंबर की हैं, लेकिन शुरुआती इनपुट के मुताबिक, उसमें सवार सभी हुड़दंगी युवक देहरादून के ही रहने वाले स्थानीय निवासी हैं। आरोपियों को दबोचने के लिए पुलिस टीमें रवाना कर दी गई हैं, जल्द ही सभी सलाखों के पीछे होंगे।”
बढ़ते हुड़दंग से सहमे दूनवासी: वाइन शॉप्स के बाहर सुरक्षा पर उठे सवाल
इस वारदात ने देहरादून की शांतिप्रिय छवि पर एक बार फिर गहरा दाग लगाया है। देहरादून क्राइम न्यूज़ के इस मामले ने स्थानीय निवासियों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या अब राजधानी की सड़कें रात के समय सुरक्षित नहीं रह गई हैं? विशेष रूप से रायपुर, राजपुर और सहस्त्रधारा रोड जैसे इलाकों में स्थित वाइन शॉप्स और पब्स के बाहर रात 10 बजे के बाद असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगना एक आम बात हो गई है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि शराब के ठेकों के बाहर पीसीआर वैन की गश्त न होने के कारण इन हुड़दंगियों के हौसले बुलंद हैं। ऋषि नगर के एक स्थानीय निवासी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि रात होते ही गाड़ियों में तेज म्यूजिक बजाकर शराब पीना और राहगीरों से बदतमीजी करना इन लड़कों का शगल बन चुका है। अगर समय रहते पुलिस ने ऐसे तत्वों पर नकेल नहीं कसी, तो भविष्य में कोई बड़ी अनहोनी हो सकती है।
एक दिव्यांग, जो समाज में पहले ही कई चुनौतियों से जूझ रहा होता है, उस पर इस तरह का जानलेवा और अमानवीय हमला किसी भी सभ्य समाज में स्वीकार्य नहीं किया जा सकता। देहरादून पुलिस के लिए यह मामला महज एक ‘मारपीट’ की एफआईआर (FIR) नहीं, बल्कि कानून के प्रति आम जनता के विश्वास को बहाल करने की परीक्षा है।
अब देखना यह होगा कि रायपुर थाना पुलिस कितनी मुस्तैदी से इन रसूखदार स्थानीय आरोपियों को गिरफ्तार करती है और कोर्ट के सामने ऐसा कड़ा पक्ष रखती है जिससे समाज में यह संदेश जाए कि किसी कमजोर या दिव्यांग पर हाथ उठाने का अंजाम कितना खौफनाक हो सकता है। देहरादून की जनता इस समय आरोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी और सलाखों के पीछे उनके रोने की खबर का इंतजार कर रही है।



