By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
The Hill IndiaThe Hill IndiaThe Hill India
Notification Show More
Font ResizerAa
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Reading: Uttarakhand: जीएसटी दरों में ऐतिहासिक कटौती: उत्तराखंड में कृषि, पर्यटन और शिल्प उद्योग को नई गति
Share
Font ResizerAa
The Hill IndiaThe Hill India
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Search
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Have an existing account? Sign In
Follow US
The Hill India > Blog > उत्तराखंड > Uttarakhand: जीएसटी दरों में ऐतिहासिक कटौती: उत्तराखंड में कृषि, पर्यटन और शिल्प उद्योग को नई गति
उत्तराखंडफीचर्ड

Uttarakhand: जीएसटी दरों में ऐतिहासिक कटौती: उत्तराखंड में कृषि, पर्यटन और शिल्प उद्योग को नई गति

The Hill India News
Last updated: October 21, 2025 8:10 am
The Hill India News
Published: October 21, 2025
Share
SHARE

देहरादून: देवभूमि उत्तराखंड में हाल ही में लागू की गई वस्तु एवं सेवा कर (GST) दरों में कटौती ने राज्य की कृषि, पर्यटन और हस्तशिल्प आधारित अर्थव्यवस्था को नई दिशा दी है।

Contents
कृषि उत्पादों को मिली मजबूतीपर्यटन उद्योग को नई उड़ानमहिलाओं के नेतृत्व वाले हस्तशिल्प को बढ़ावारिंगाल और ऊनी शिल्प में रोजगार का संचारऔद्योगिक क्षेत्र को भी राहत‘सस्टेनेबल डेवलपमेंट’ की दिशा में निर्णायक कदमस्थानीय से वैश्विक तक: पहाड़ों से उभरती नई अर्थव्यवस्था

केंद्र सरकार के निर्णय के बाद अब पहाड़ी तूर दाल, लाल चावल और लखौरी मिर्च पर जीएसटी घटाकर 5% कर दिया गया है। वहीं, ₹7,500 तक के होटल शुल्क और पारंपरिक शिल्प उत्पादों पर भी कर में कमी आने से राज्य की स्थानीय आजीविका और पर्यटन क्षेत्र में उत्साह का माहौल है।

कृषि उत्पादों को मिली मजबूती

उत्तराखंड के 13 पहाड़ी जिलों में उगाई जाने वाली स्थानीय तूर दाल, लाल चावल और लखौरी मिर्च जैसे उत्पादों पर अब 18% या 12% से घटाकर 5% जीएसटी लागू किया गया है। इस निर्णय से छोटे किसानों और जैविक उत्पादकों को सीधा लाभ मिलेगा।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह कदम स्थानीय ब्रांडिंग और जीआई टैग वाले उत्पादों को देशभर के बाजारों में प्रतिस्पर्धी बनाएगा।
देहरादून स्थित राज्य कृषि विपणन बोर्ड के अनुसार, इस सुधार से लगभग 25,000 छोटे किसान लाभान्वित होंगे, जो अब अपने उत्पादों को ऑनलाइन और खुदरा चैनलों के ज़रिए बेहतर दामों पर बेच सकेंगे।

पर्यटन उद्योग को नई उड़ान

उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था में पर्यटन का योगदान लगभग 13.57% है और यह करीब 80,000 लोगों को प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार प्रदान करता है।
अब ₹7,500 तक के होटल शुल्क पर जीएसटी 12% से घटाकर 5% किए जाने से यात्रा और आवास और अधिक किफायती होंगे।
इस सुधार से नैनीताल, मसूरी, औली, चोपता, हरिद्वार और ऋषिकेश जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों पर होमस्टे, छोटे होटल और रेस्टोरेंट संचालकों को राहत मिलेगी।
होटल एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड के अनुसार, इससे पर्यटन सीजन में औसत बुकिंग दर 15–20% तक बढ़ने की संभावना है।

महिलाओं के नेतृत्व वाले हस्तशिल्प को बढ़ावा

कुमाऊँ क्षेत्र की पारंपरिक “ऐपण कला” को भी इस कर सुधार से नया जीवन मिला है। जीएसटी दर 12% से घटाकर 5% करने के बाद इस क्षेत्र से जुड़ी करीब 4,000 महिला उद्यमियों को सीधा आर्थिक लाभ मिलने की उम्मीद है।
ऐपण अब केवल सजावट की कला नहीं रही, बल्कि बैग, उपहार वस्तुएँ और दीवार सज्जा उत्पादों के रूप में देश-विदेश में मांग पा रही है। राज्य सरकार ने ऐपण को जीआई टैग दिलाने और इसे ग्लोबल हैंडीक्राफ्ट बाजारों में ले जाने के लिए भी कदम तेज किए हैं।

रिंगाल और ऊनी शिल्प में रोजगार का संचार

रिंगाल (पहाड़ी बाँस) और पारंपरिक ऊनी उत्पादों पर जीएसटी घटाने से पहाड़ी जिलों की शिल्प अर्थव्यवस्था को नई ताकत मिली है। रिंगाल, जो मुख्यतः पिथौरागढ़, चंपावत और नैनीताल में तैयार होता है, से टोकरियाँ, ट्रे और सजावटी वस्तुएँ बनाई जाती हैं।
जीएसटी दर 12% से घटाकर 5% करने से यह सुधार अनुसूचित जाति/जनजाति समुदायों के लिए राहत लेकर आया है। गढ़वाल विश्वविद्यालय के एक अध्ययन के अनुसार, 47.65% पहाड़ी परिवार रिंगाल या बाँस शिल्प से आय अर्जित करते हैं, जिससे यह बदलाव ग्रामीण आजीविका को स्थायी सहारा प्रदान करेगा।

वहीं, चमोली, उत्तरकाशी और बागेश्वर में निर्मित पारंपरिक ऊनी उत्पाद (पंखी, शॉल, स्टोल) अब 6–7% सस्ते हो जाएंगे। इससे 10,000 से अधिक कारीगरों, विशेषकर महिला समूहों को सीधा लाभ मिलेगा। स्थानीय मेलों और ऑनलाइन बिक्री में भी इन उत्पादों की मांग बढ़ने की उम्मीद है।

औद्योगिक क्षेत्र को भी राहत

पर्यटन और कृषि के अलावा, ऑटोमोबाइल उद्योग पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। वाहनों पर जीएसटी 28% से घटाकर 18% करने से अब वाहनों की कीमतें औसतन 8–10% तक कम हो जाएँगी।
हरिद्वार और रुड़की के औद्योगिक क्लस्टर में इससे उत्पादन में बढ़ोतरी और 50,000 नई नौकरियों की संभावना जताई जा रही है। राज्य उद्योग विभाग के अनुसार, इन बदलावों से छोटे और मंझोले उद्यम (MSME) सेक्टर में निवेश का प्रवाह बढ़ेगा।

‘सस्टेनेबल डेवलपमेंट’ की दिशा में निर्णायक कदम

विश्लेषकों का मानना है कि ये कर सुधार उत्तराखंड को एक ‘सस्टेनेबल और समावेशी विकास मॉडल’ की दिशा में आगे बढ़ाते हैं। इनसे न केवल राज्य की उत्पादन लागत घटेगी, बल्कि स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय बाजारों तक पहुँच भी आसान होगी। विशेष रूप से यह कदम महिला सशक्तिकरण, ग्रामीण आजीविका और हरित उद्यमिता के लक्ष्यों के अनुरूप है।

स्थानीय से वैश्विक तक: पहाड़ों से उभरती नई अर्थव्यवस्था

उत्तराखंड अब केवल देवभूमि नहीं, बल्कि ‘क्राफ्ट, कल्चर और क्रिएटिविटी की भूमि’ के रूप में भी उभर रहा है।
जीएसटी में यह व्यापक कटौती एक नीति-सुधार से बढ़कर, राज्य की पहाड़ी अर्थव्यवस्था को आत्मनिर्भर और प्रतिस्पर्धी बनाने का सशक्त कदम है। कृषि से लेकर पर्यटन, और शिल्प से लेकर उद्योग तक, यह बदलाव उत्तराखंड को आने वाले वर्षों में ‘मेक इन माउंटेन्स’ मॉडल की मिसाल बना सकता है।

You Might Also Like

Haryana Nuh Violence: नूंह जिले के सभी एंट्री प्वाइंट सील, पैरा मिलिट्री फोर्स तैनात, स्कूल-कॉलेज बंद
पीएम मोदी ने लिखी जॉर्जिया मेलोनी की आत्मकथा की प्रस्तावना, कहा- “ये उनके मन की बात है”
UP Voter List 2026: वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने का आखिरी मौका, आयोग ने शुरू की ‘बुक-ए-कॉल’ सेवा; जानें दलों के दावे और आपत्तियों का गणित
नई दिल्ली : 540 करोड़ रूपये की फसल बीमा दावा राशि का जल्द होगा भुगतान -नरेंद्र सिंह तोमर
देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने कालिका मंदिर पहुंचकर की पूजा अर्चना, राज्य की खुशहाली के लिए की कामना
Share This Article
Facebook Email Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
उत्तराखंडफीचर्ड

उत्तराखण्ड के लिए ऐतिहासिक दिन: धामी-गडकरी बैठक में ₹7,000 करोड़ की सड़क परियोजनाओं को मिली महा-स्वीकृति, सीमांत क्षेत्रों और पर्यटन को मिलेगी नई उड़ान

The Hill India News
The Hill India News
June 30, 2026
उत्तराखंड में मदरसा बोर्ड समाप्त: 1 जुलाई से लागू हुआ ‘अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण’, मानकों पर खरे उतरने वाले मदरसों को ही मिलेगी मान्यता
अंकिता भंडारी हत्याकांड: दोषियों को हाईकोर्ट से तगड़ा झटका, जमानत याचिका पर राहत देने से साफ़ इनकार
निजी स्कूलों की मनमानी फीस वसूली पर नैनीताल जिला प्रशासन का बड़ा प्रहार; डीएम का सख्त आदेश- अतिरिक्त शुल्क लौटाएं या एडजस्ट करें, उल्लंघन पर 5 लाख तक जुर्माना
अंगदान मानव सेवा का सर्वोच्च व पुनीत कार्य, जनभागीदारी से इसे राष्ट्रव्यापी जनआंदोलन बनाना आवश्यक: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा
फीफा वर्ल्ड कप 2026: डेम्बेले की खौफनाक हैट्रिक से फ्रांस ने नॉर्वे को उड़ाया, सेनेगल ने इराक को 5-0 से रौंदकर जिंदा रखीं उम्मीदें
अलीगढ़ में AIMIM नेता का खौफनाक एलान, BJP नेता नाजिया इलाही की जुबान काटने वाले को 1 लाख का इनाम
रुड़की में मामा की बेटी से लव मैरिज की खौफनाक सजा, सगे मामा ने बीच बाजार भांजे को चाकुओं से गोदकर मार डाला
मध्य भारत को पार कर यूपी-उत्तराखंड की ओर बढ़ा मानसून, मुंबई में भारी आफत का ‘ऑरेंज अलर्ट’, दिल्ली-NCR में भी बदलेगा मौसम
वेनेजुएला में कुछ ही मिनटों में आए दो शक्तिशाली भूकंप, राजधानी काराकास में इमारतें जमींदोज, सुनामी का हाई अलर्ट
© The Hill India. All Rights Reserved | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?