
देहरादून/चकराता: उत्तराखंड की शांत वादियों ने एक बार फिर सफेद मखमली चादर ओढ़ ली है। बसंत पंचमी के पावन पर्व पर हुई सीजन की पहली जोरदार बर्फबारी ने जहां बागवानों के चेहरों पर मुस्कान ला दी है, वहीं पर्यटकों के लिए यह किसी वरदान से कम नहीं रहा। हालांकि, इस उत्साह के बीच अव्यवस्था की स्थिति भी देखने को मिली। देहरादून जिले के ऊंचाई वाले क्षेत्र चकराता में शनिवार, 24 जनवरी को पर्यटकों की ऐसी भीड़ उमड़ी कि पूरा क्षेत्र ‘चक्का जाम’ की चपेट में आ गया।
चांदी की चादर में लिपटी पर्वतमालाएं
शुक्रवार से शुरू हुआ बर्फबारी का सिलसिला शनिवार सुबह तक जारी रहा, जिससे चकराता और आसपास की पर्वतमालाएं धूप खिलते ही चांदी की तरह चमक उठीं। देवदार, बांज और बुरांश के ऊंचे पेड़ों पर जमी बर्फ ने प्राकृतिक सौंदर्य में चार चांद लगा दिए हैं। इस मनमोहक दृश्य का लुत्फ उठाने के लिए न केवल उत्तराखंड, बल्कि पड़ोसी राज्यों हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, चंडीगढ़ और हिमाचल प्रदेश के पांवटा साहिब से भारी संख्या में सैलानी चकराता पहुंच रहे हैं।
पर्यटकों का सैलाब और पुलिस की मशक्कत
शनिवार सुबह से ही चकराता जाने वाले मार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई थीं। दोपहर होते-होते चकराता-कालसी मोटर मार्ग पर कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया। पर्यटकों की भारी भीड़ के चलते चकराता और कालसी थाना पुलिस को यातायात सुचारू करने में भारी मशक्कत करनी पड़ी।
पुलिस प्रशासन की कार्रवाई:
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चकराता पुलिस: सड़क के किनारे फंसे वाहनों को हटाने और पार्किंग व्यवस्था दुरुस्त करने में जुटी रही।
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कालसी पुलिस: वाहनों को व्यवस्थित तरीके से पास कराने के लिए मुख्य चौराहों पर मुस्तैद दिखी।
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बर्फ की वजह से सड़कों पर फिसलन होने के कारण पुलिस ने ड्राइवरों को सुरक्षित वाहन चलाने की सलाह दी है।
सैलानियों ने लिया ‘स्नो-फाइट’ का आनंद
बर्फबारी का दीदार करने पहुंचे सैलानी मस्ती के मूड में नजर आए। चकराता की सड़कों और खुले मैदानों में युवा और बच्चे बर्फ के गोले बनाकर एक-दूसरे पर मारते (Snow-fight) दिखे। सेल्फी और वीडियो रील बनाने का सिलसिला भी जोरों पर रहा। हरियाणा से अपने परिवार के साथ आई एक युवती ने बताया, “चकराता की खूबसूरती शब्दों में बयां नहीं की जा सकती। हालांकि जाम की समस्या जरूर हुई, लेकिन बर्फ की सफेद चादर के सामने सारी थकान मिट गई।”

किसान, बागवान और व्यापारियों के खिले चेहरे
इस सीजन की पहली बर्फबारी केवल पर्यटकों के लिए ही नहीं, बल्कि स्थानीय निवासियों के लिए भी खुशहाली लेकर आई है।
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बागवानी: सेब और अन्य नकदी फसलों के लिए यह बर्फबारी ‘सफेद सोना’ मानी जा रही है। चिलिंग ऑवर पूरा होने से फसल की गुणवत्ता बेहतर होगी।
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होटल व्यवसाय: पिछले कुछ समय से मंदी झेल रहे होटल और होमस्टे संचालकों के लिए यह सप्ताहांत (Weekend) बंपर कमाई वाला साबित हो रहा है। चकराता के लगभग सभी होटल पैक हैं।
यात्रा से पहले इन बातों का रखें ध्यान
यदि आप भी उत्तराखंड की बर्फबारी का आनंद लेने चकराता या आसपास के हिल स्टेशनों का रुख कर रहे हैं, तो प्रशासन ने कुछ सावधानियां बरतने की सलाह दी है:
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वाहन की स्थिति: पहाड़ी रास्तों पर फिसलन होने के कारण टायरों की ग्रिप और ब्रेक की जांच अवश्य करें।
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समय का प्रबंधन: सुबह जल्दी निकलने की कोशिश करें ताकि जाम से बचा जा सके।
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गर्म कपड़े: अत्यधिक ठंड को देखते हुए पर्याप्त गर्म कपड़े साथ रखें।
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ईंधन: भारी जाम की स्थिति को देखते हुए वाहन में पर्याप्त ईंधन (Fuel) रखें।
उत्तराखंड में बर्फबारी ने पर्यटन को नई ऊर्जा दी है। चकराता की हसीन वादियां इस समय अपने पूरे शबाब पर हैं। हालांकि, भारी भीड़ और चकराता में जाम की समस्या प्रशासन के लिए चुनौती बनी हुई है। आने वाले कुछ दिनों तक पर्यटकों की संख्या में और इजाफा होने की उम्मीद है, जिसे देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती भी की जा सकती है।



