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Health: हल्के में न लें ‘डायबिटीज’ को, हो सकते हैं गंभीर परिणाम

The Hill India News
Last updated: June 17, 2023 5:18 am
The Hill India News
Published: June 17, 2023
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हेल्थ डेस्क:- डायबिटीज (मधुमेह) विश्व में सबसे तेजी से बढ़ती गंभीर बिमारियों में से एक है. हर साल लाखों लोगों में इस गंभीर रोग की चपेट में आते है. स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक आहार और जीवनशैली में गड़बड़ी के साथ आनुवांशिक कारणों के चलते भी मधुमेह की समस्या हो सकती है. डायबिटीज को ‘साइलेंट किलर’ के रूप में जाना जाता है, जो शरीर में कई अन्य गंभीर बीमारियों का भी कारण बन सकती है. करीब एक दशक पहले तक डायबिटीज को उम्र बढ़ने के साथ होने वाली बीमारी माना जाता था, हालांकि अब बहुत ही कम उम्र के लोगों में भी इस रोग का निदान किया जा रहा है.

विशेषज्ञों के अनुसार मधुमेह, मेटाबॉलिज्म से संबंधित रोग है, जिसमें ब्लड में शुगर की मात्रा बढ़ जाती है. मधुमेह की स्थिति में आपका शरीर या तो पर्याप्त इंसुलिन नहीं बना पाता है या फिर जो इंसुलिन बनाता है उसका प्रभावी ढंग से उपयोग नहीं हो पाता है. आइए आगे की स्लाइडों में डायबिटीज रोग के बारे में विस्तार से जानते हैं.

डायबिटीज के प्रकार:-
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक रक्त में शुगर की मात्रा बढ़ जाने के कारण होने वाली इस बीमारी के मुख्यरूप से चार प्रकार होते हैं.

टाइप 1 डायबिटीज यह एक ऑटोइम्यून बीमारी है, जिसमें प्रतिरक्षा प्रणाली अग्न्याशय की कोशिकाओं पर हमला कर देती है. जिससे इंसुलिन का उत्पादन प्रभावित हो जाता है. मधुमेह के लगभग 10 प्रतिशत लोगों में इस प्रकार की समस्या होती है.

टाइप 2 डायबिटीज इस स्थिति में आपका शरीर इंसुलिन प्रतिरोधी हो जाता है और रक्त में शर्करा की मात्रा बढ़ने लगती है.

टाइप 3 प्रीडायबिटीज रक्त शर्करा सामान्य से अधिक लेकिन टाइप 2 मधुमेह के निदान के लिए पर्याप्त न होने की स्थिति.

टाइप 4 गर्भावधि मधुमेह यह गर्भावस्था के दौरान होने वाली मधुमेह की समस्या है.

लक्षण:-
हेल्थ विशेषज्ञों के अनुसार:- डायबिटीज महिला और पुरुष दोनों को हो सकती है, हालांकि दोनों में कुछ लक्षणों में भिन्नता हो सकती है. मधुमेह के सामान्य लक्षणों के अलावा पुरुषों में सेक्स ड्राइव में कमी, स्तंभन दोष और मांसपेशियों की कमजोरी हो सकती है, वहीं महिलाओं को डायबिटीज के कारण मूत्र मार्ग का संक्रमण, यीस्ट संक्रमण और शुष्क, खुजली वाली त्वचा जैसे लक्षण भी हो सकते हैं. इसके अलावा डायबिटीज की स्थिति को इन लक्षणों से पहचाना सकते है.
1:- धुंधला दिखाई देना।.
2:- अत्यधिक थकान.
3:- वजन घटना.
4:- बार-बार पेशाब आना.
5:- घाव जो ठीक लंबे समय तक ठीक नहीं होते.
6:- बाथरूम की सीट के आसपास चींटियां दिखाई देना.

डायबिटीज होने के कारण:-
हेल्थ विशेषज्ञ बताते हैं कि यदि आपके माता-पिता को डायबिटीज रहा हो तो बच्चों में भी इसका खतरा बढ़ जाता है. डायबिटीज के कारण लिंग, उम्र और मेडिकल स्थिति के आधार पर अलग-अलग हो सकते हैं. इसके अलावा आहार में चीनी युक्त चीजों का अधिक सेवन, शारीरिक गतिविधि में कमी, मोटापा आदि के कारण भी इसका जोखिम बढ़ जाता है. समय के साथ डायबिटीज के कारण हृदय रोग, हार्ट अटैक, स्ट्रोक, न्यूरो, आंख और कान से संबंधित समस्याएं भी हो सकती हैं.

डायबिटीज के इलाज का पहला लक्ष्य रोगी के ब्लड शुगर स्तर को कम करके अन्य खतरे को कम करना होता है. रोगी के लक्षण और गंभीरता को देखते हुए दवाइयां या फिर इंसुलिन दी जा सकती है. डायबिटीज के रोगियों को कार्बोहाइड्रेट और मीठी चीजों के सेवन से परहेज की सलाह दी जाती है. डायबिटीज के इलाज में बचाव और व्यायाम का बड़ा रोल होता है.

डायबिटीज से सुरक्षा:-
हेल्थ विशेषज्ञों के अनुसार टाइप 1 डायबिटीज को रोका नहीं जा सकता क्योंकि यह प्रतिरक्षा प्रणाली की समस्या के कारण होने वाली दिक्कत है. वहीं टाइप 2 मधुमेह के कुछ कारण, जैसे कि आपके जीन या उम्र, आपके नियंत्रण में नहीं होते हैं. इसके अलावा डायबिटीज से बचाव के लिए इन उपायों को प्रयोग में लाया जा सकता है. लक्षण दिखाई देने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लें .
1:- सप्ताह कम से कम 150 मिनट एरोबिक व्यायाम करें, जैसे पैदल चलना या साइकिलिंग करना.
2:- रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट के साथ सेचुरेटेड और ट्रांस फैट का सेवन करने से बचें.
3:- फल, सब्जियां और साबुत अनाज का सेवन अधिक करें.
4:- भोजन को थोड़ा-थोड़ा करके हर 2-2 घंटे पर कुछ खाते रहें.
5:- यदि आपका वजन अधिक है तो इसे कम करने की कोशिश करें.

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