
देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में बदले मौसम के मिजाज और लगातार हो रही बारिश ने ठिठुरन बढ़ा दी है। शीतलहर के इस प्रकोप के बीच प्रशासनिक मशीनरी कितनी सतर्क है, इसे परखने के लिए जिलाधिकारी सविन बंसल शुक्रवार की देर रात अचानक सड़कों पर उतरे। कड़ाके की ठंड और बारिश की परवाह किए बिना जिलाधिकारी ने शहर के विभिन्न चौक-चौराहों पर जल रहे अलावों का निरीक्षण किया और रैन बसेरों में रात गुजार रहे निराश्रितों का हाल जाना।
जिलाधिकारी के इस औचक निरीक्षण से नगर निगम और तहसील प्रशासन में हड़कंप मच गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस भीषण ठंड में कोई भी असहाय व्यक्ति खुले आसमान के नीचे सोने को मजबूर न हो और रैन बसेरों में सुविधाओं का अभाव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
रैन बसेरों में जाकर जाना हाल: “सब ठीक है न?”
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी सविन बंसल सबसे पहले शहर के प्रमुख रैन बसेरों में पहुंचे। वहां उन्होंने केवल रजिस्टर ही नहीं चेक किए, बल्कि बिस्तर पर लेटे हुए लोगों के पास जाकर उनसे सीधा संवाद किया। उन्होंने पूछा कि क्या उन्हें पर्याप्त कंबल मिल रहे हैं? क्या पीने के लिए गर्म पानी की व्यवस्था है?
निरीक्षण के मुख्य बिंदु और निर्देश:
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स्वच्छता और बिस्तर: जिलाधिकारी ने नगर निगम को निर्देश दिए कि रैन बसेरों में बिस्तरों की चादरें नियमित रूप से बदली जाएं और वहां स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाए।
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गर्म पानी की सुविधा: उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि रैन बसेरों में ठहरे लोगों के लिए पीने और हाथ-मुंह धोने के लिए गर्म पानी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
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भोजन और कंबल: जिलाधिकारी ने सुनिश्चित किया कि निराश्रितों को पर्याप्त संख्या में कंबल उपलब्ध कराए जा रहे हैं और उनके भोजन की उचित व्यवस्था है।
अलाव व्यवस्था की होगी ‘डिजिटल’ निगरानी
शहर के मुख्य चौक-चौराहों पर ठंड से राहत देने के लिए जलाए जा रहे अलावों का निरीक्षण करते हुए जिलाधिकारी ने प्रशासन को तकनीक का उपयोग करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अलाव की व्यवस्था केवल कागजों पर नहीं, बल्कि धरातल पर दिखनी चाहिए।
सख्त हिदायत: जिलाधिकारी ने तहसील प्रशासन और नगर निगम को निर्देश दिया कि प्रतिदिन प्रत्येक ‘अलाव पॉइंट’ की फोटो सहित विस्तृत सूचना जिला मुख्यालय को प्रस्तुत की जाए। उन्होंने कहा कि यदि किसी स्थान पर अलाव नहीं जलता पाया गया, तो संबंधित क्षेत्र के अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी।
“कोई भी जरूरतमंद असुविधा का शिकार न हो”
मीडिया से बातचीत करते हुए जिलाधिकारी सविन बंसल ने कहा, “राजधानी में बारिश और शीतलहर को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है। जिला प्रशासन का मुख्य उद्देश्य असहाय, निराश्रित और बेघर लोगों को सुरक्षित आश्रय प्रदान करना है। ठंड के कारण किसी भी व्यक्ति के स्वास्थ्य पर बुरा असर न पड़े, इसके लिए रैन बसेरों की नियमित निगरानी के आदेश दिए गए हैं।”
उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि यदि रैन बसेरों में भीड़ बढ़ती है, तो तत्काल अतिरिक्त बिस्तरों और वैकल्पिक स्थलों की व्यवस्था की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासन की प्राथमिकता हर जान को सुरक्षित रखना है।
जमीनी स्तर पर अधिकारियों की मौजूदगी
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी के साथ उप जिलाधिकारी (SDM) सदर हरिगिरी और डीडीएमओ ऋषभ कुमार सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे। जिलाधिकारी ने एसडीएम सदर को निर्देशित किया कि वे समय-समय पर स्वयं भी इन स्थलों का औचक निरीक्षण करते रहें ताकि व्यवस्थाओं में ढिलाई न आए।
जनहित में प्रशासन की अपील
जिला प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि यदि उन्हें कहीं भी कोई व्यक्ति कड़ाके की ठंड में खुले में सोता हुआ दिखाई दे, तो तत्काल प्रशासन या नगर निगम के हेल्पलाइन नंबर पर सूचित करें, ताकि उसे नजदीकी रैन बसेरे तक पहुँचाया जा सके।
जिलाधिकारी सविन बंसल का यह रात्रि निरीक्षण शासन की संवेदनशीलता को दर्शाता है। राजधानी जैसे शहर में, जहाँ रात के समय पारा काफी नीचे गिर जाता है, वहाँ इस प्रकार की सक्रियता न केवल व्यवस्थाओं को दुरुस्त करती है, बल्कि समाज के सबसे निचले पायदान पर खड़े व्यक्ति को यह भरोसा दिलाती है कि शासन-प्रशासन उसके साथ खड़ा है।




