
उत्तराखंड के विकास और कनेक्टिविटी को एक नई दिशा देते हुए पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून से पिथौरागढ़ के बीच हवाई सेवा का शुभारंभ कर दिया है। इस नई सेवा के तहत एलाइंस एयर का 42 सीटर विमान संचालित किया जाएगा, जिससे राज्य के गढ़वाल और कुमाऊं क्षेत्रों के बीच यात्रा अब बेहद आसान और तेज हो जाएगी।
इस हवाई सेवा का संचालन केंद्र सरकार की क्षेत्रीय संपर्क योजना उड़ान योजना (UDAN) के अंतर्गत किया जा रहा है। मुख्यमंत्री धामी ने इस सेवा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और इसे सीमांत क्षेत्रों के विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया।
समय की बचत, सफर में राहत
अब तक देहरादून से पिथौरागढ़ तक सड़क मार्ग से यात्रा करने में लगभग 14 से 15 घंटे का समय लगता था। पहाड़ी रास्तों, मौसम की अनिश्चितता और लंबी दूरी के कारण यह सफर काफी कठिन माना जाता था। लेकिन अब इस नई हवाई सेवा के शुरू होने से यह दूरी महज एक घंटे में तय की जा सकेगी। इससे यात्रियों को न केवल समय की बचत होगी, बल्कि सफर भी अधिक सुरक्षित और आरामदायक बनेगा।
पर्यटन और व्यापार को मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि इस हवाई सेवा से पिथौरागढ़ जैसे सीमांत जिले को सीधे हवाई नेटवर्क से जोड़ने में मदद मिलेगी। इससे पर्यटन को नई गति मिलेगी, क्योंकि कुमाऊं क्षेत्र के सुंदर प्राकृतिक स्थल अब पर्यटकों के लिए और अधिक सुलभ हो जाएंगे। साथ ही व्यापार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह की कनेक्टिविटी से स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। होटल, ट्रांसपोर्ट, गाइड सेवा और अन्य पर्यटन से जुड़े क्षेत्रों में तेजी आएगी।
आपदा प्रबंधन में भी होगी मदद
उत्तराखंड एक आपदा संवेदनशील राज्य है, जहां भूकंप, भूस्खलन और बाढ़ जैसी घटनाएं अक्सर होती रहती हैं। ऐसे में हवाई सेवाएं राहत और बचाव कार्यों में बेहद अहम भूमिका निभाती हैं। इस नई सेवा से आपातकालीन परिस्थितियों में तेजी से सहायता पहुंचाना संभव हो सकेगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में राज्य में हेलीपोर्ट और हेलीपैड की संख्या में काफी वृद्धि हुई है। जहां पहले केवल 2 हेलीपोर्ट थे, अब उनकी संख्या बढ़कर 12 हो गई है। वहीं हेलीपैड की संख्या 60 से बढ़कर 118 तक पहुंच चुकी है। यह राज्य के मजबूत होते एविएशन इकोसिस्टम को दर्शाता है।
केंद्र सरकार की योजनाओं का असर
धामी ने केंद्र सरकार की नीतियों की सराहना करते हुए कहा कि वर्ष 2014 के बाद देश में हवाई संपर्क के क्षेत्र में अभूतपूर्व विकास हुआ है। एयरपोर्ट्स का तेजी से विस्तार हुआ है और UDAN जैसी योजनाओं के माध्यम से छोटे शहरों और दूरस्थ क्षेत्रों को भी हवाई नेटवर्क से जोड़ा गया है।
उन्होंने बताया कि ‘उड़ान योजना 2.0’ के तहत करीब 29,000 करोड़ रुपये की लागत से 100 नए हवाई अड्डे और 200 नए हेलीपैड विकसित किए जाएंगे, जिससे उत्तराखंड समेत पूरे देश को लाभ मिलेगा।
सीमांत क्षेत्रों को मिलेगी नई पहचान
देहरादून–पिथौरागढ़ हवाई सेवा की शुरुआत को सीमांत क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे न केवल क्षेत्रीय असमानता कम होगी, बल्कि विकास की गति भी तेज होगी।
कुल मिलाकर, यह नई हवाई सेवा उत्तराखंड के लिए एक बड़ी उपलब्धि है, जो राज्य के पर्यटन, व्यापार, रोजगार और आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लाएगी। अब पहाड़ों की दूरी कम हो गई है और विकास को सच में “नई उड़ान” मिल गई है।



