
देहरादून, 19 मार्च 2026: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में रसोई गैस (LPG) की कालाबाजारी और वितरण में धांधली करने वालों के खिलाफ जिला प्रशासन ने अब तक का सबसे बड़ा अभियान छेड़ दिया है। जिलाधिकारी (DM) सविन बंसल ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि किसी भी गैस एजेंसी की संलिप्तता कालाबाजारी में पाई गई, तो एजेंसी स्वामी की पहचान कर उसे नामजद करते हुए सीधे जेल भेजा जाएगा। प्रशासन की इस सख्ती से जिले के अवैध गैस कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।
एजेंसियों पर ‘प्रशासनिक पहरा’: 70 क्यूआरटी टीमें तैनात
गैस वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाने और उपभोक्ताओं को हो रही परेशानी को दूर करने के लिए जिलाधिकारी ने जिले की 70 गैस एजेंसियों पर ‘क्विक रिस्पांस टीम’ (QRT) के अधिकारी तैनात कर दिए हैं। कलेक्ट्रेट के ऋषिपर्णा सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में डीएम ने निर्देश दिए कि ये अधिकारी प्रतिदिन एजेंसियों के स्टॉक, बैकलॉग और वितरण रजिस्टर का निरीक्षण करेंगे। अब एजेंसी की हर हलचल पर प्रशासन की सीधी नजर होगी।
कालाबाजारी पर सर्जिकल स्ट्राइक: 5 मुकदमे, 296 सिलेंडर जब्त
जिला प्रशासन की प्रवर्तन टीम (QRT) द्वारा की गई छापेमारी में अब तक 05 मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं और 03 आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है। इस बड़ी कार्रवाई के दौरान प्रशासन ने भारी मात्रा में अवैध सिलेंडर बरामद किए हैं, जिनमें शामिल हैं:
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150 घरेलू सिलेंडर
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139 व्यावसायिक (Commercial) सिलेंडर
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07 छोटे सिलेंडर
जिलाधिकारी ने पुलिस अधीक्षक (नगर) को कड़े निर्देश दिए हैं कि जब्त किए गए सिलेंडरों को ट्रेस किया जाए कि वे किस एजेंसी से बाहर निकले। जिस एजेंसी का सिलेंडर अवैध रूप से बिकता पाया जाएगा, उसके मालिक के खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
बैकलॉग पर ‘अल्टीमेटम’: शाम तक सॉफ्टवेयर अपडेट करने के निर्देश
बैठक के दौरान डीएम सविन बंसल ने गैस बुकिंग के बढ़ते बैकलॉग पर नाराजगी जताई। तेल कंपनियों के अधिकारियों ने बताया कि 3 दिन सॉफ्टवेयर में आई तकनीकी खराबी के कारण लगभग 25 हजार मैनुअल बुकिंग दर्ज की गई थी, जो ऑनलाइन पोर्टल पर अपडेट नहीं हो पाई है। इसके अलावा 11 मार्च से लागू हुए नए नियमों (शहरी क्षेत्र में 25 दिन और ग्रामीण में 45 दिन की एडवांस बुकिंग) के कारण भी बैकलॉग बढ़ा दिख रहा है।
इस पर डीएम ने सख्त लहजे में कहा, “आज शाम तक सारा मैनुअल डेटा सॉफ्टवेयर पर अपडेट होना चाहिए। निर्देशों का अनुपालन न करने वाली एजेंसियों और तेल कंपनियों पर तत्काल एक्शन लिया जाए।” उन्होंने जिला पूर्ति अधिकारी (DSO) को 25 और 45 दिन की बुकिंग की पृथक रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया।
सिर्फ होम डिलीवरी और OTP: गोदाम से वितरण पर रोक
प्रशासन ने उपभोक्ताओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए शत-प्रतिशत होम डिलीवरी व्यवस्था अनिवार्य कर दी है। जिलाधिकारी ने निर्देशित किया है कि:
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किसी भी गैस एजेंसी या गोदाम से सीधे सिलेंडर का वितरण नहीं होगा।
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उपभोक्ताओं को सिलेंडर केवल OTP (वन टाइम पासवर्ड) आधार पर ही दिया जाएगा।
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एजेंसियों पर उपभोक्ता जागरूकता के लिए फ्लैक्सी, बुकिंग नंबर और आवश्यक जानकारी बड़े अक्षरों में चस्पा होनी चाहिए।
प्रशासन का मानना है कि इस व्यवस्था से एजेंसियों पर लगने वाली भीड़ कम होगी और कानून-व्यवस्था नियंत्रण में रहेगी।
अवैध कारोबारियों में भय, उपभोक्ताओं को राहत
जिला प्रशासन की इस सक्रियता से जहां कालाबाजारी करने वाले गिरोहों में भय का माहौल है, वहीं आम उपभोक्ताओं ने राहत की सांस ली है। होम डिलीवरी सुनिश्चित होने से कामकाजी लोगों और बुजुर्गों को सिलेंडर के लिए लाइनों में नहीं लगना पड़ेगा। बैठक में अपर जिलाधिकारी के.के मिश्रा, एसपी सिटी प्रमोद कुमार और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे, जबकि ऋषिकेश और विकासनगर के एसडीएम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े।
सुशासन की ओर एक बड़ा कदम
देहरादून जिला प्रशासन की यह कार्रवाई दर्शाती है कि आवश्यक सेवाओं में भ्रष्टाचार और कालाबाजारी को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। LPG कालाबाजारी के खिलाफ इस युद्ध में ‘एजेंसी मालिक को सीधी जेल’ का संदेश एक नजीर पेश करेगा।



