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उत्तराखंड: देहरादून ब्रिगेडियर मर्डर केस, पुलिस मुठभेड़ के बाद दो और आरोपी गिरफ्तार, एक के पैर में लगी गोली

देहरादून में रिटायर्ड ब्रिगेडियर मुकेश जोशी की हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। लंबे समय से फरार चल रहे दो आरोपियों को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। इस दौरान एक बदमाश के पैर में गोली लग गई, जिसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस कार्रवाई के बाद पुलिस ने राहत की सांस ली है, वहीं स्थानीय लोगों में भी कुछ हद तक संतोष देखने को मिल रहा है।

राजधानी देहरादून के राजपुर थाना क्षेत्र में हुए इस सनसनीखेज हत्याकांड ने कानून-व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए थे। 30 मार्च की सुबह सैर पर निकले रिटायर्ड ब्रिगेडियर मुकेश जोशी को गोली मार दी गई थी, जिसके बाद पूरे इलाके में दहशत और गुस्से का माहौल था। इस घटना के बाद से ही पुलिस पर आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने का दबाव लगातार बढ़ रहा था।

पुलिस के अनुसार, शुक्रवार रात को जोहड़ी गांव में सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि हत्या में शामिल संदिग्ध बदमाश इलाके में देखे गए हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपियों का पीछा शुरू कर दिया। पीछा करते हुए पुलिस गुनियाल गांव के जंगल क्षेत्र तक पहुंची, जहां एक आरोपी को बिना किसी मुठभेड़ के गिरफ्तार कर लिया गया।

हालांकि, दूसरा आरोपी भागने की कोशिश में पुलिस पर फायरिंग करने लगा। इसके जवाब में पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की, जिसमें बदमाश के पैर में गोली लग गई और वह घायल हो गया। घायल आरोपी को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। मौके से पुलिस ने एक पिस्टल भी बरामद की है, जिसे हमले में इस्तेमाल किया गया था या नहीं, इसकी जांच की जा रही है।

घटना की जानकारी मिलते ही एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल और एसपी सिटी प्रमोद कुमार मौके पर पहुंचे और पूरे घटनास्थल का जायजा लिया। फील्ड यूनिट की टीम ने भी घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने का काम शुरू कर दिया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच जारी है।

जांच में सामने आया है कि इस हत्याकांड की शुरुआत एक मामूली विवाद से हुई थी। 29 मार्च की रात आरोपी कुठालगेट स्थित एक रेस्टोरेंट में पहुंचे थे, जहां उन्होंने खाना और शराब का सेवन किया। जब बिल करीब 40 हजार रुपये आया, तो आरोपियों ने भुगतान करने के बजाय बार स्टाफ के साथ मारपीट शुरू कर दी। यह विवाद धीरे-धीरे बढ़ते हुए सड़क तक पहुंच गया।

इसके बाद 30 मार्च की सुबह आरोपी बार स्टाफ की फॉर्च्यूनर कार का पीछा करते हुए जोहड़ी गांव पहुंचे। इसी दौरान उन्होंने चलती कार से फायरिंग शुरू कर दी। दुर्भाग्यवश, इस फायरिंग की एक गोली सुबह सैर कर रहे रिटायर्ड ब्रिगेडियर मुकेश जोशी के सीने में जा लगी। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में आक्रोश फैल गया था। स्थानीय लोगों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने विशेष टीमों का गठन कर लगातार चेकिंग और दबिश अभियान चलाने के निर्देश दिए थे।

पुलिस की लगातार कार्रवाई के चलते अब तक इस मामले में कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इससे पहले भी पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। ताजा गिरफ्तारी के बाद पुलिस का दावा है कि इस हत्याकांड से जुड़े लगभग सभी मुख्य आरोपी अब उनकी गिरफ्त में हैं।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा और चार्जशीट दाखिल की जाएगी। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिले।

यह मामला न केवल देहरादून बल्कि पूरे उत्तराखंड के लिए एक बड़ा सबक बनकर सामने आया है, जहां एक छोटी सी बहस ने एक निर्दोष व्यक्ति की जान ले ली। अब देखने वाली बात यह होगी कि पुलिस इस मामले को अदालत में किस तरह पेश करती है और पीड़ित परिवार को कब तक न्याय मिल पाता है।

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