
दुनियाभर में पॉप संगीत के बादशाह कहे जाने वाले माइकल जैक्सन की जिंदगी पर बनी फिल्म ‘माइकल’ रिलीज के बाद से लगातार सुर्खियों में बनी हुई है। 24 अप्रैल 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन करते हुए कमाई के नए रिकॉर्ड बना दिए हैं। फिल्म में माइकल जैक्सन के किरदार में उनके भतीजे जाफर जैक्सन नजर आए हैं, जिनकी उम्र 29 साल है। जाफर की एक्टिंग और माइकल जैक्सन जैसी बॉडी लैंग्वेज को दर्शकों ने काफी पसंद किया है। यही वजह है कि फिल्म को दुनियाभर में जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला और अब तक यह करीब 4150 करोड़ रुपये का कारोबार कर चुकी है।
फिल्म की सफलता के बावजूद इसे लेकर विवाद भी लगातार बढ़ता जा रहा है। सोशल मीडिया से लेकर फिल्म समीक्षकों तक, कई लोग इस बात पर सवाल उठा रहे हैं कि फिल्म में माइकल जैक्सन की जिंदगी के विवादित पहलुओं को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया है। आलोचकों का कहना है कि फिल्म सिर्फ माइकल जैक्सन की चमकदार छवि दिखाती है, जबकि उनके जीवन से जुड़े गंभीर आरोपों और कानूनी विवादों को कहानी से लगभग गायब कर दिया गया है।
दरअसल, फिल्म की कहानी माइकल जैक्सन के शुरुआती संघर्ष, उनके सुपरस्टार बनने और 1988 तक के करियर को दिखाती है। फिल्म में उनके म्यूजिक करियर, डांस स्टाइल, फैमिली लाइफ और दुनिया भर में मिली लोकप्रियता को बड़े स्तर पर पेश किया गया है। लेकिन माइकल जैक्सन पर लगे विवादित आरोपों से जुड़े हिस्से फिल्म में दिखाई नहीं देते। यही बात अब विवाद की सबसे बड़ी वजह बन गई है।
जानकारी के मुताबिक, फिल्म मेकर्स ने शुरुआत में माइकल जैक्सन की जिंदगी के विवादित अध्यायों से जुड़े कुछ अहम सीन शूट किए थे। इनमें 1993 के उस चर्चित मामले का जिक्र भी शामिल था, जिसने माइकल जैक्सन की छवि को दुनियाभर में प्रभावित किया था। हालांकि बाद में कानूनी अड़चनें सामने आने लगीं। बताया जा रहा है कि उस समय हुए कोर्ट से बाहर समझौते में यह शर्त शामिल थी कि मामले का इस्तेमाल किसी फिल्म, डॉक्यूमेंट्री या व्यावसायिक प्रोजेक्ट में नहीं किया जाएगा।
इसी कानूनी शर्त के कारण फिल्म निर्माताओं को अपनी रणनीति बदलनी पड़ी। रिपोर्ट्स के अनुसार, विवादित हिस्सों को हटाने के लिए फिल्म के कई सीन दोबारा शूट किए गए। यहां तक कि फिल्म के आखिरी हिस्से में भी बदलाव करना पड़ा। जाफर जैक्सन के साथ नए सीन शूट किए गए ताकि फिल्म किसी कानूनी विवाद में न फंस जाए। इन बदलावों पर करीब 1.5 करोड़ रुपये अतिरिक्त खर्च हुए।
फिल्म के निर्देशक और प्रोडक्शन टीम का मानना है कि उनका मकसद माइकल जैक्सन की कला, संगीत और उपलब्धियों को दिखाना था, न कि पुराने विवादों को दोहराना। हालांकि आलोचकों का कहना है कि किसी भी बायोपिक का उद्देश्य किसी व्यक्ति की पूरी जिंदगी को ईमानदारी से दिखाना होना चाहिए। ऐसे में विवादों को हटाना फिल्म की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करता है।
दूसरी ओर, माइकल जैक्सन के फैंस इस फिल्म को एक शानदार श्रद्धांजलि बता रहे हैं। दर्शकों का कहना है कि फिल्म में माइकल के स्टेज परफॉर्मेंस, डांस मूव्स और म्यूजिक को बेहद शानदार तरीके से दिखाया गया है। IMDb पर फिल्म को 7.7 की रेटिंग मिली है, जो इसकी लोकप्रियता को दर्शाती है। खास बात यह है कि फिल्म को अमेरिका, यूरोप और एशिया समेत कई देशों में जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला है।
करीब 1600 करोड़ रुपये के भारी-भरकम बजट में बनी ‘माइकल’ इस समय साल 2026 की सबसे बड़ी फिल्मों में शामिल हो चुकी है। ट्रेड एनालिस्ट्स का मानना है कि आने वाले दिनों में फिल्म की कमाई और बढ़ सकती है। हालांकि बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्डतोड़ प्रदर्शन के बीच यह विवाद भी लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है कि क्या फिल्म ने माइकल जैक्सन की जिंदगी का पूरा सच दिखाया है या सिर्फ उनकी चमकदार छवि को ही सामने रखा गया है।



