
अलीगढ़/मुंबई: भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में धार्मिक भावनाओं और नैतिक मूल्यों को लेकर एक बार फिर बहस छिड़ गई है। आगामी कन्नड़ फिल्म ‘केडी: द डेविल’ (KD: The Devil) के एक गाने को लेकर विवाद इतना बढ़ गया है कि अब इसमें धार्मिक संस्थाओं की एंट्री हो गई है। अलीगढ़ स्थित ‘मुस्लिम पर्सनल दारुल इफ्ता’ ने फिल्म के गाने और उसमें नोरा फतेही के दृश्यों को लेकर फतवा जारी कर दिया है। वहीं, मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए केंद्र सरकार ने इस विवादित गाने के प्रसारण पर रोक लगा दी है।
फतवे में क्या कहा गया? नैतिक मूल्यों पर प्रहार का आरोप
अलीगढ़ में मुस्लिम पर्सनल दारुल इफ्ता के प्रमुख, मुफ्ती मौलाना चौधरी इफ्राहिम हुसैन ने इस मामले पर कड़ा रुख अख्तियार किया है। उन्होंने आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा कि फिल्म ‘केडी द डेविल’ के गाने में जिस तरह के आपत्तिजनक दृश्य और बोल सामने आए हैं, वे अत्यंत चिंताजनक हैं।
मुफ्ती इफ्राहिम हुसैन ने फतवे के माध्यम से स्पष्ट किया, “इस तरह के अश्लील गाने और नृत्य दृश्य इस्लाम में पूरी तरह निषिद्ध (हराम) हैं और इन्हें बड़ा गुनाह माना जाता है। ऐसी सामग्री हमारे बच्चों, युवाओं और समाज के नैतिक ताने-बाने को भारी नुकसान पहुँचाती है। कोई भी कलाकार यदि इस तरह के कंटेंट का हिस्सा बनता है, तो उसे इस्लामी शिक्षाओं के विरुद्ध आचरण माना जाएगा।” उन्होंने मुस्लिम समुदाय के लोगों से ऐसी सामग्री से दूर रहने की अपील की है।
केंद्र सरकार की सख्त कार्रवाई: यूट्यूब से हटा गाना
विवाद की शुरुआत तब हुई जब इसी सप्ताह यूट्यूब पर इस गाने का हिंदी संस्करण रिलीज किया गया। गाने की पंक्तियों को लेकर सोशल मीडिया पर भारी विरोध शुरू हो गया, जिसे कई संगठनों ने ‘अश्लील’ और ‘मर्यादाहीन’ करार दिया। विरोध के सुर तेज होते ही केंद्र सरकार ने हस्तक्षेप किया और गाने पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी। नतीजतन, निर्माताओं को यह गाना यूट्यूब से हटाना पड़ा है।
नोरा फतेही और गीतकार आलम ने झाड़ा पल्ला
जैसे ही विवाद ने तूल पकड़ा, गाने में नजर आने वाली बॉलीवुड अभिनेत्री नोरा फतेही और हिंदी गीतकार आलम ने खुद को इस विवाद से अलग कर लिया है। नोरा फतेही ने अपनी सफाई में कहा कि उन्होंने इस गाने का मूल कन्नड़ संस्करण लगभग तीन साल पहले रिकॉर्ड किया था। उन्होंने दावा किया कि जब उन्होंने पहली बार इसका हिंदी अनुवाद सुना, तभी उन्होंने निर्माताओं के सामने अपनी आपत्ति दर्ज कराई थी।
वहीं, गीतकार आलम का कहना है कि उन्होंने निर्माताओं को पहले ही चेतावनी दी थी कि हिंदी के बोल अश्लील प्रतीत हो रहे हैं। आलम ने खुलासा किया, “मुझे निर्माताओं द्वारा कन्नड़ संस्करण का शब्दशः (Word-to-Word) अनुवाद करने का निर्देश दिया गया था। मैंने वही किया जो मुझसे कहा गया था।” गौरतलब है कि इस गाने के मूल कन्नड़ बोल फिल्म के निर्देशक प्रेम ने ही लिखे हैं।
फिल्म ‘केडी: द डेविल’ के बारे में
निर्देशक प्रेम के निर्देशन में बन रही यह फिल्म एक बड़े बजट की पीरियड एक्शन ड्रामा है। इसमें कन्नड़ सुपरस्टार ध्रुव सरजा मुख्य भूमिका में हैं, जबकि बॉलीवुड अभिनेता संजय दत्त एक महत्वपूर्ण किरदार निभा रहे हैं। फिल्म में नोरा फतेही का एक विशेष डांस नंबर शामिल किया गया था, जो अब विवादों के केंद्र में है। यह फिल्म 30 अप्रैल को बड़े पर्दे पर रिलीज होने वाली है, लेकिन इस विवाद ने फिल्म की मार्केटिंग रणनीति पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
समाज और कला के बीच का द्वंद्व
यह पहली बार नहीं है जब बॉलीवुड या दक्षिण भारतीय फिल्मों के किसी गाने पर फतवा जारी हुआ हो या रोक लगी हो। विशेषज्ञों का मानना है कि ‘क्रिएटिव फ्रीडम’ (रचनात्मक स्वतंत्रता) और ‘सामाजिक नैतिकता’ के बीच का संतुलन बिगड़ना इस तरह के विवादों को जन्म देता है। राष्ट्रीय स्तर के मीडिया घरानों में भी इस बात पर चर्चा तेज है कि क्या निर्माताओं को डबिंग या अनुवाद करते समय क्षेत्रीय संवेदनाओं और भाषाई मर्यादा का अधिक ध्यान नहीं रखना चाहिए?
आगे क्या होगा?
वर्तमान में फिल्म के निर्माताओं की ओर से कोई आधिकारिक माफीनामा या स्पष्टीकरण नहीं आया है। हालांकि, गाने को हटाए जाने और फतवा जारी होने के बाद फिल्म के कलेक्शन पर इसका असर पड़ सकता है। सेंसर बोर्ड (CBFC) की भूमिका भी अब अहम हो गई है, क्योंकि फिल्म की रिलीज में अब एक महीने से भी कम का समय बचा है।



