Maharashtra Political Update: महाराष्ट्र की स्थानीय राजनीति में बुधवार को एक बड़ा भूकंप आया। अंबरनाथ नगर परिषद चुनाव के नतीजों के बाद मचे सियासी घमासान के बीच, कांग्रेस के सभी 12 नवनिर्वाचित पार्षदों ने सामूहिक रूप से भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम लिया है। यह घटनाक्रम तब हुआ जब कांग्रेस ने इन पार्षदों को भाजपा के साथ हाथ मिलाने के आरोप में पार्टी से निलंबित कर दिया था।
वहीं, दूसरी ओर राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने स्थानीय स्तर पर कांग्रेस और AIMIM के साथ किए गए किसी भी अपवित्र गठबंधन को स्वीकार करने से इनकार करते हुए सख्त रुख अपनाया है।
विकास के नाम पर ‘पालाबदल’: रविंद्र चव्हाण का बयान
महाराष्ट्र भाजपा अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण ने इन पार्षदों का पार्टी में स्वागत करते हुए कहा कि यह निर्णय सत्ता के लिए नहीं, बल्कि क्षेत्र के विकास के लिए लिया गया है। चव्हाण ने कहा, “पार्षदों का मानना है कि भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार गतिशील है। जनता को किए गए विकास के वादों को पूरा करने के लिए उन्होंने यह कदम उठाया है।”
भाजपा में शामिल होने वाले पार्षदों की सूची:
भाजपा में शामिल होने वाले प्रमुख नामों में ब्लॉक अध्यक्ष प्रदीप नाना पाटील सहित दर्शना पाटील, अर्चना पाटील, हर्षदा पाटील, तेजस्विनी पाटील, विपुल पाटील, मनीष म्हात्रे, धनलक्ष्मी जयशंकर, संजवणी देवडे, दिनेश गायकवाड, किरण राठोड और कबीर गायकवाड शामिल हैं।
अंबरनाथ का गणित: कैसे हाशिये पर आई शिवसेना?
60 सदस्यीय अंबरनाथ नगर परिषद में शिवसेना 27 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी, लेकिन वह बहुमत (31) से चार कदम दूर रह गई।
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भाजपा (14), कांग्रेस (12) और एनसीपी-अजीत पवार (4) ने मिलकर ‘अंबरनाथ विकास अघाड़ी’ (AVA) नाम से एक नया मोर्चा बना लिया।
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एक निर्दलीय के समर्थन के साथ इस गठबंधन का आंकड़ा 32 पहुंच गया, जिससे सबसे बड़ी पार्टी होने के बावजूद शिवसेना सत्ता से बाहर हो गई।
कांग्रेस की कार्रवाई और जवाबी हमला
परंपरागत प्रतिद्वंद्वी भाजपा के साथ हाथ मिलाने पर कांग्रेस आलाकमान ने इसे ‘शर्मनाक’ बताया। बुधवार सुबह कांग्रेस ने अपने सभी 12 पार्षदों को निलंबित कर दिया और स्थानीय ब्लॉक इकाई को भंग कर दिया। हालांकि, निलंबन के कुछ ही घंटों बाद इन पार्षदों ने औपचारिक रूप से भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली।
फडणवीस की फटकार: “कांग्रेस-AIMIM के साथ गठबंधन बर्दाश्त नहीं”
जहाँ एक तरफ अंबरनाथ में भाजपा को मजबूती मिली है, वहीं दूसरी तरफ अकोला के अकोट में भाजपा द्वारा AIMIM के साथ गठबंधन करने पर विवाद खड़ा हो गया है। इस पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बेहद सख्त रुख अख्तियार किया है।
मुख्य घटनाक्रम:
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नोटिस: भाजपा विधायक प्रकाश भरसखाले को बिना अनुमति गठबंधन करने के लिए ‘कारण बताओ’ नोटिस जारी किया गया है।
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सख्त निर्देश: फडणवीस ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस या AIMIM के साथ किसी भी प्रकार का वैचारिक या राजनीतिक गठबंधन पार्टी अनुशासन के खिलाफ है।
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गठबंधन तोड़ने का आदेश: सीएम ने ऐसे सभी स्थानीय गठबंधनों को तत्काल प्रभाव से तोड़ने के निर्देश दिए हैं।
“पार्टी अनुशासन सर्वोपरि है। कांग्रेस या AIMIM के साथ कोई भी अपवित्र गठबंधन स्वीकार्य नहीं होगा। ऐसे निर्णयों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।” — देवेंद्र फडणवीस, मुख्यमंत्री
नगर परिषद का नया समीकरण (एक नजर में)
| पार्टी | सीटें | स्थिति |
| शिवसेना | 27 | सबसे बड़ी पार्टी (विपक्ष में) |
| भाजपा | 14+12 | अब 26 सदस्य (कांग्रेस पार्षदों के विलय के बाद) |
| NCP (अजीत पवार) | 04 | गठबंधन का हिस्सा |
| निर्दलीय | 02 | निर्णायक भूमिका |
अंबरनाथ की इस घटना ने महाराष्ट्र में ‘अघाड़ी’ की राजनीति को नया मोड़ दे दिया है। जहाँ एक ओर स्थानीय स्तर पर नेता विकास के नाम पर वैचारिक मतभेदों को भुला रहे हैं, वहीं राज्य नेतृत्व अपनी छवि को लेकर कोई समझौता करने को तैयार नहीं है।



