
चम्पावत: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने ‘आदर्श जनपद‘ संकल्प को धरातल पर उतारने की दिशा में एक और बड़ी छलांग लगाई है। जनपद चम्पावत के दौरे पर पहुंचे मुख्यमंत्री ने जिले के सर्वांगीण विकास के लिए ₹36.83 करोड़ की कुल 17 महत्वपूर्ण विकास योजनाओं की सौगात दी। इन योजनाओं के माध्यम से न केवल जिले की आधारभूत संरचना (Infrastructure) मजबूत होगी, बल्कि स्वास्थ्य, शिक्षा और खेल के क्षेत्र में भी क्रांतिकारी बदलाव देखने को मिलेंगे।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने गांधी चौक पर स्थापित 100 फीट ऊंचे विशाल राष्ट्रीय ध्वज का विधिवत अनावरण किया। इस गौरवशाली क्षण में उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यह तिरंगा हमारी राष्ट्रीय एकता और अखंडता का प्रतीक है, जो आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रसेवा के लिए सदैव प्रेरित करता रहेगा।
विकास का गणित: शिलान्यास और लोकार्पण की पूरी रूपरेखा
मुख्यमंत्री द्वारा घोषित इन परियोजनाओं में विकास की दोहरी रणनीति दिखाई देती है। कुल ₹36.83 करोड़ के बजट को निम्नलिखित दो भागों में विभाजित किया गया है:
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लोकार्पण: ₹7.12 करोड़ की लागत वाली 4 योजनाएं पूरी हो चुकी हैं, जिन्हें आज जनता को समर्पित किया गया।
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शिलान्यास: ₹29.71 करोड़ की 13 नई योजनाओं की आधारशिला रखी गई, जिन पर जल्द ही काम शुरू होगा।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि चम्पावत आदर्श जनपद विकास योजनाएं जिले के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक पहुंचनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्य की गुणवत्ता और समयसीमा से कोई समझौता न किया जाए।
धार्मिक पर्यटन और संस्कृति: गोलज्यू कॉरिडोर का कायाकल्प
चम्पावत की पहचान इसके गौरवशाली इतिहास और धार्मिक आस्था से है। मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में जनपद में ₹117 करोड़ की लागत से भव्य गोलज्यू कॉरिडोर का निर्माण कार्य तीव्र गति से चल रहा है। इस कॉरिडोर के बनने से न केवल श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि काशी-विश्वनाथ और उज्जैन के महाकाल लोक की तर्ज पर यहाँ भी धार्मिक पर्यटन को नए आयाम मिलेंगे। इसके साथ ही शारदा कॉरिडोर के निर्माण से सीमांत क्षेत्र में पर्यटन के नए द्वार खुलेंगे और स्थानीय युवाओं के लिए स्वरोजगार के अवसर पैदा होंगे।

स्वास्थ्य सेवाओं में आत्मनिर्भरता: अब नहीं जाना होगा बाहर
जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए धामी सरकार ने बड़े निवेश किए हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि जिला चिकित्सालय में ₹20 करोड़ की लागत से 50 बेड का ‘अत्याधुनिक क्रिटिकल केयर यूनिट’ स्थापित किया जा चुका है।
“अब चम्पावत के नागरिकों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। हमने ₹5 करोड़ की लागत से सीटी स्कैन और एमआरआई जैसी आधुनिक मशीनें उपलब्ध करा दी हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर ही उच्च स्तरीय जांच संभव होगी।” – पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री
शिक्षा और तकनीक: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का युग
आने वाली पीढ़ी को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने के उद्देश्य से चम्पावत में ₹57 करोड़ की लागत से एक आधुनिक साइंस सेंटर बनाया जा रहा है। सीएम धामी ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस दौर में हमारे बच्चों के पास आधुनिकतम ज्ञान होना अनिवार्य है। यह सेंटर विज्ञान और तकनीक के प्रति छात्रों में रुचि जगाने का केंद्र बनेगा।
खेल और सशक्तिकरण: लोहाघाट में प्रदेश का पहला महिला स्पोर्ट्स कॉलेज
महिला सशक्तिकरण और खेलों को बढ़ावा देने के लिए लोहाघाट में ₹257 करोड़ की लागत से राज्य का पहला ‘महिला स्पोर्ट्स कॉलेज’ निर्माणाधीन है। यह कॉलेज न केवल उत्तराखंड बल्कि उत्तर भारत की बेटियों के लिए खेल जगत में अपनी प्रतिभा दिखाने का एक बड़ा मंच साबित होगा। इसके अलावा, भारत-नेपाल सीमा पर व्यापारिक गतिविधियों को सुगम बनाने के लिए ‘ड्राई पोर्ट’ और बुजुर्गों के सम्मान के लिए ₹8.99 करोड़ की लागत से वृद्धाश्रम का निर्माण भी किया जा रहा है।
सैनिकों और पर्यावरण मित्रों का सम्मान
कार्यक्रम के दौरान एक भावुक क्षण तब आया जब मुख्यमंत्री ने स्वयं वीर सैनिकों, वीर नारियों और पर्यावरण मित्रों को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड ‘वीर भूमि’ है और यहाँ के सैनिकों का सम्मान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति
इस भव्य समारोह में दर्जा राज्य मंत्री श्याम नारायण पांडे, जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद सिंह अधिकारी, भाजपा जिलाध्यक्ष गोविंद सामंत, और चम्पावत नगर पालिका अध्यक्ष प्रेमा पांडेय सहित कई स्थानीय जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। जिलाधिकारी मनीष कुमार और पुलिस अधीक्षक रेखा यादव ने मुख्यमंत्री को जनपद में चल रहे अन्य विकास कार्यों की प्रगति रिपोर्ट भी पेश की।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का यह दौरा चम्पावत की तकदीर और तस्वीर बदलने वाला साबित हो रहा है। चम्पावत आदर्श जनपद विकास योजनाएं न केवल कागजों पर हैं, बल्कि धरातल पर उतरती दिखाई दे रही हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और खेल के इन प्रोजेक्ट्स से यह स्पष्ट है कि आने वाले समय में चम्पावत उत्तराखंड के सबसे विकसित जनपदों में से एक बनकर उभरेगा।



