फीचर्डमौसम

सावधान! पहाड़ों की सैर से पहले पढ़ें यह रिपोर्ट: हिमाचल में 3 नेशनल हाईवे समेत 655 सड़कें ठप, मौसम विभाग ने जारी किया भारी बर्फबारी का ‘येलो अलर्ट’

शिमला/देहरादून: यदि आप इस वीकेंड की छुट्टियों का आनंद लेने के लिए पहाड़ों की वादियों का रुख करने की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए एक जरूरी ‘ट्रैवल अलर्ट’ है। हिमाचल प्रदेश वर्तमान में कुदरत के सफेद सितम से जूझ रहा है। भारी बर्फबारी के कारण प्रदेश का संपर्क कई प्रमुख हिस्सों से कट गया है। मौसम विभाग (IMD) की ताजा भविष्यवाणियों ने पर्यटकों और स्थानीय प्रशासन की चिंता और बढ़ा दी है, क्योंकि एक नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस (पश्चिमी विक्षोभ) उत्तर-पश्चिम भारत की ओर तेजी से बढ़ रहा है।

बर्फीला संकट: 3 नेशनल हाईवे और सैकड़ों सड़कें बंद

स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (SEOC) द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, हिमाचल प्रदेश में स्थिति काफी चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। भारी बर्फबारी और भूस्खलन के कारण प्रदेश में 3 नेशनल हाईवे समेत कुल 655 सड़कें यातायात के लिए पूरी तरह बंद हैं।

सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में लाहौल-स्पीति और शिमला जिले शामिल हैं। लाहौल-स्पीति में रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण लेह-मनाली नेशनल हाईवे (NH-3) और एनएच 505 (काजा-ग्रम्फू) अभी भी बर्फ के नीचे दबे हुए हैं, जिससे स्पीति घाटी का संपर्क शेष विश्व से कटा हुआ है।

जिलों के अनुसार बंद सड़कों का हाल:

  • लाहौल-स्पीति: 287 सड़कें (सर्वाधिक प्रभावित)

  • शिमला: 135 सड़कें

  • कुल्लू: 81 सड़कें

  • मंडी: 77 सड़कें

  • चंबा: 40 सड़कें

  • किन्नौर: 27 सड़कें


अंधेरे में डूबे गांव: बिजली और पानी की सप्लाई ठप

सिर्फ सड़कें ही नहीं, बल्कि भारी बर्फबारी ने बिजली के बुनियादी ढांचे को भी भारी नुकसान पहुंचाया है। सरकारी बुलेटिन के अनुसार, प्रदेश भर में लगभग 669 ट्रांसफार्मर ठप पड़े हैं। इसके कारण हजारों घरों की बिजली गुल है। कड़ाके की ठंड में बिजली न होने से पानी की पाइपलाइनों में बर्फ जम गई है, जिससे पेयजल आपूर्ति भी बुरी तरह प्रभावित हुई है। हालांकि, लोक निर्माण विभाग (PWD) और बिजली बोर्ड के कर्मचारी जेसीबी और स्नो ब्लोअर मशीनों के साथ दिन-रात बहाली के काम में जुटे हैं, लेकिन लगातार गिरते तापमान और जमी हुई बर्फ बाधा बनी हुई है।


मौसम विभाग की चेतावनी: 31 जनवरी से फिर बदलेगा मिजाज

पर्यटकों के लिए सबसे बड़ी चिंता की बात मौसम विभाग का ताजा पूर्वानुमान है। शिमला मौसम केंद्र के अनुसार, 31 जनवरी से 3 फरवरी के बीच हिमाचल प्रदेश में एक बार फिर भारी बारिश और बर्फबारी का दौर शुरू होने वाला है।

मुख्य अलर्ट:

  1. येलो अलर्ट: मौसम विभाग ने 1 फरवरी के लिए प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में भारी स्नोफॉल और मैदानी इलाकों में बारिश का ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है।

  2. नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस: 2 फरवरी से एक और सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ दस्तक देने जा रहा है। इसका असर न केवल हिमाचल बल्कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख पर भी व्यापक रूप से पड़ेगा।

  3. कोहरे का कहर: पहाड़ों पर जाने वाले यात्रियों को मैदानी इलाकों (दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश) में ‘घने से बहुत घने’ कोहरे का सामना करना पड़ेगा, जिससे विजिबिलिटी शून्य तक रह सकती है।


उत्तराखंड का हाल: गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना

पड़ोसी राज्य उत्तराखंड की बात करें तो यहाँ स्थिति हिमाचल के मुकाबले थोड़ी राहत भरी है, लेकिन यहाँ भी मौसम विभाग ने सतर्क रहने को कहा है। 31 जनवरी और 1 फरवरी को उत्तराखंड के चमोली, उत्तरकाशी और पिथौरागढ़ जैसे जिलों में छिटपुट बारिश और ऊंचाई वाले स्थानों पर हल्की बर्फबारी हो सकती है। 1 से 3 फरवरी के बीच 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का भी अनुमान है। केदारनाथ, बद्रीनाथ और औली जाने वाले पर्यटकों को स्थानीय प्रशासन की गाइडलाइंस का पालन करने की सलाह दी गई है।


पर्यटकों के लिए एडवाइजरी: इन बातों का रखें खास ख्याल

यदि आप फिर भी पहाड़ों पर जाने का जोखिम उठा रहे हैं, तो इन सुरक्षा उपायों को नजरअंदाज न करें:

  • रूट की जानकारी: निकलने से पहले स्थानीय पुलिस के हेल्पलाइन नंबर या ‘स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर’ से सड़कों की स्थिति जरूर पूछें।

  • वाहन की जांच: बर्फ वाले रास्तों पर गाड़ी चलाने का अनुभव न हो तो स्वयं ड्राइविंग से बचें। टायरों में चेन का उपयोग करें।

  • होटल बुकिंग: केवल उन्हीं स्थानों पर जाएं जहाँ बिजली और हीटिंग की उचित व्यवस्था हो।

  • इमरजेंसी किट: अपने साथ पर्याप्त गर्म कपड़े, दवाइयां, टॉर्च और पावर बैंक जरूर रखें।

हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में आने वाले कुछ दिन मौसम के लिहाज से काफी अस्थिर रहने वाले हैं। वेस्टर्न डिस्टर्बेंस की सक्रियता से पहाड़ों पर बर्फ की चादर और मोटी होगी, जो देखने में जितनी सुंदर है, सफर के लिहाज से उतनी ही खतरनाक साबित हो सकती है। सुरक्षित सफर के लिए बेहतर होगा कि आप मौसम साफ होने का इंतजार करें या केवल सुरक्षित और खुले हुए टूरिस्ट स्पॉट्स तक ही अपनी यात्रा सीमित रखें।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button