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धामी सरकार की बड़ी पहल: देहरादून सर्किट हाउस एनेक्सी का होगा कायाकल्प, लोक संस्कृति और आधुनिकता का बनेगा संगम

देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में राज्य के अतिथियों के स्वागत और सत्कार की व्यवस्थाओं को वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाने की दिशा में धामी सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और मुख्य सचिव के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में देहरादून स्थित राज्य अतिथि गृह ‘सर्किट हाउस एनेक्सी’ के व्यापक नवीनीकरण और सुदृढ़ीकरण की प्रक्रिया तेज हो गई है। गुरुवार को आवास व राज्य संपत्ति सचिव डॉ. आर राजेश कुमार ने एनेक्सी का औचक निरीक्षण कर कायाकल्प की विस्तृत कार्ययोजना को हरी झंडी दिखाई।

सिर्फ मरम्मत नहीं, सांस्कृतिक पहचान का केंद्र बनेगा अतिथि गृह

निरीक्षण के दौरान सचिव डॉ. आर राजेश कुमार ने स्पष्ट किया कि सर्किट हाउस एनेक्सी का नवीनीकरण केवल रंग-रोगन या बुनियादी मरम्मत तक सीमित नहीं रहेगा। सरकार का लक्ष्य इसे एक ऐसे ‘मॉडल गेस्ट हाउस’ के रूप में विकसित करना है, जहाँ कदम रखते ही अतिथियों को उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति (Folk Culture) की अनुभूति हो।

कार्ययोजना के अनुसार, मीटिंग हॉल का संपूर्ण कायाकल्प किया जाएगा। हॉल की दीवारों पर राज्य की पारंपरिक कला, पहाड़ी जीवन और सांस्कृतिक विरासत को दर्शाने वाली विशिष्ट पेंटिंग्स लगाई जाएंगी। इससे न केवल परिसर की सुंदरता बढ़ेगी, बल्कि बाहरी राज्यों से आने वाले वीवीआईपी (VVIP) अतिथियों को देवभूमि की परंपराओं से रूबरू होने का अवसर भी मिलेगा।

दो चरणों में पूरा होगा मिशन ‘कायाकल्प’

प्रशासन ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना को सुव्यवस्थित तरीके से पूरा करने के लिए इसे दो मुख्य चरणों में विभाजित किया है:

प्रथम चरण: कमरों और डोरमैट्री का आधुनिकीकरण

पहले चरण में मुख्य भवन के उन हिस्सों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा जिनका उपयोग सबसे अधिक होता है।

  • कक्ष संख्या 1 से 12: भूतल और प्रथम तल के इन 12 कमरों को पूरी तरह से री-डिजाइन किया जाएगा। इनमें पुरानी साज-सज्जा को हटाकर आधुनिक फर्नीचर और इंटीरियर लगाया जाएगा।

  • डोरमैट्री का सुधार: डोरमैट्री के भूतल पर स्थित कक्ष संख्या 19 से 22 तक के कमरों का भी नवीनीकरण किया जाएगा, ताकि यहाँ ठहरने वाले स्टाफ और अन्य कर्मियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

द्वितीय चरण: विस्तार और भविष्य की योजनाएं

दूसरे चरण में गेस्ट हाउस परिसर की खाली भूमि का उपयोग करते हुए इसके विस्तार की संभावनाओं को तलाशा जाएगा। इसमें नए ब्लॉक का निर्माण और अत्याधुनिक सुविधाओं का समावेश प्रस्तावित है।

आधुनिक सुविधाओं पर विशेष फोकस: DTH से लेकर लाइटिंग तक

अतिथियों के प्रवास को आरामदायक बनाने के लिए सूक्ष्म स्तर पर भी बदलाव किए जा रहे हैं। आवास सचिव ने निर्देश दिए हैं कि:

  1. डिजिटल कनेक्टिविटी: प्रत्येक कक्ष में हाई-डेफिनिशन डीटीएच (DTH) कनेक्शन सुनिश्चित किया जाए।

  2. आरामदायक प्रवास: सभी कमरों में उच्च गुणवत्ता वाले नए गद्दे और बेड लिनन की व्यवस्था की जाए।

  3. प्रकाश व्यवस्था: कोरिडोर और लॉबी में लाइटिंग को इस तरह व्यवस्थित किया जाए कि वह न केवल आकर्षक दिखे, बल्कि आवागमन में भी सुगम हो।

  4. लॉन का सौंदर्यीकरण: डोरमैट्री से सटे लॉन क्षेत्र में खुलापन बढ़ाने के लिए अनावश्यक बाउंड्री दीवारों को हटाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि अतिथि हरियाली का आनंद ले सकें।

अधिकारियों को समयबद्धता का अल्टीमेटम

निरीक्षण के दौरान सचिव डॉ. आर राजेश कुमार के साथ अपर सचिव लक्ष्मण सिंह, मुख्य व्यवस्थाधिकारी आलोक सिंह चौहान और पेयजल निगम के प्रोजेक्ट मैनेजर राकेश चंद्र तिवारी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सचिव ने स्पष्ट लहजे में कहा कि कार्य की गुणवत्ता के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने संबंधित कार्यदायी संस्थाओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर काम पूरा करने की चेतावनी दी है।

मुख्यमंत्री का विजन: ‘अतिथि देवो भव:’

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का मानना है कि राज्य के अतिथि गृह प्रदेश की छवि का प्रतिबिंब होते हैं। डॉ. आर राजेश कुमार ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “मुख्यमंत्री जी के विजन के अनुरूप हम राज्य के सभी प्रमुख गेस्ट हाउसों को आधुनिक बना रहे हैं। सर्किट हाउस एनेक्सी इस श्रृंखला का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यहाँ आने वाले अतिथियों को उच्च स्तरीय सुविधाओं के साथ उत्तराखंडी आतिथ्य का वास्तविक अनुभव प्राप्त होगा।”

सुदृढ़ बुनियादी ढांचे की ओर बढ़ता उत्तराखंड

देहरादून सर्किट हाउस एनेक्सी का यह कायाकल्प न केवल सरकारी संपत्तियों के रखरखाव को बेहतर बनाएगा, बल्कि राज्य की पर्यटन और प्रशासनिक छवि को भी नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। लोक संस्कृति के साथ आधुनिक सुविधाओं का यह मेल निश्चित रूप से एक सराहनीय पहल है।

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