देशफीचर्डराजनीति

विधानसभा चुनाव 2026: असम, केरल और पुडुचेरी में शांतिपूर्ण मतदान जारी, लोकतंत्र का महापर्व उत्साह के साथ मनाया जा रहा

देश के तीन महत्वपूर्ण हिस्सों—असम, केरल और पुडुचेरी—में आज विधानसभा चुनाव 2026 के तहत मतदान जारी है। सुबह 7 बजे से शुरू हुआ मतदान शाम 6 बजे तक चलेगा। करीब 5.3 करोड़ से अधिक मतदाता इन चुनावों में अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं। दो राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में हो रहे इस चुनाव को लेकर मतदाताओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है। कई मतदान केंद्रों पर सुबह से ही लंबी कतारें लगनी शुरू हो गईं, जो लोकतंत्र के प्रति लोगों की जागरूकता और भागीदारी को दर्शाती हैं।

चुनाव आयोग ने इन चुनावों को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। संवेदनशील और अति-संवेदनशील मतदान केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं। इसके साथ ही कई स्थानों पर वेबकास्टिंग की व्यवस्था की गई है ताकि मतदान प्रक्रिया पर नजर रखी जा सके। लॉजिस्टिक स्तर पर भी पर्याप्त तैयारी की गई है जिससे किसी प्रकार की बाधा न आए।

यदि सीटों की बात करें तो केरल में 140, असम में 126 और पुडुचेरी में 30 सीटों पर मतदान हो रहा है। ये सभी सीटें एक ही चरण में कवर की जा रही हैं। चुनाव परिणाम 4 मई को घोषित किए जाएंगे, जो पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु के चुनाव नतीजों के साथ सामने आएंगे।

असम में इस बार मुकाबला मुख्य रूप से दो दलों के बीच देखा जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी की कोशिश कर रहा है। वहीं कांग्रेस, गौरव गोगोई के नेतृत्व में एक दशक बाद सत्ता में वापसी की उम्मीद लगाए हुए है। राज्य में लगभग 2.5 करोड़ मतदाता हैं, जिनमें बड़ी संख्या में महिला मतदाता, पहली बार वोट देने वाले युवा, वरिष्ठ नागरिक और दिव्यांगजन शामिल हैं। ये सभी 31,490 मतदान केंद्रों पर अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं।

मतदान के दिन मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने गुवाहाटी स्थित मां कामाख्या मंदिर में पूजा-अर्चना की और राज्य के लोगों की भलाई की कामना की। उन्होंने इसे लोकतंत्र का महत्वपूर्ण दिन बताया। वहीं कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने भी जोरहाट में मतदान किया और इसे असम के लिए अहम दिन बताया। उन्होंने अपने पिता और पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए भावुक क्षण भी साझा किए।

केरल में चुनावी मुकाबला काफी दिलचस्प है। यहां वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) के नेतृत्व में मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी की कोशिश कर रहे हैं। उनके सामने कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) मजबूत चुनौती पेश कर रहा है। केरल में विकास कार्यों को लेकर एलडीएफ सरकार अपनी उपलब्धियों के दम पर जनता से समर्थन मांग रही है।

केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने दावा किया है कि जनता ने एलडीएफ को तीसरी बार मौका देने का मन बना लिया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने अपने कार्यकाल में कई विकास परियोजनाओं को पूरा किया है, जिनका असर जमीनी स्तर पर दिख रहा है। वहीं राज्य में भाजपा भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराने की कोशिश कर रही है।

केरल में कई प्रमुख नेताओं और हस्तियों ने मतदान किया, जिनमें मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन, भाजपा नेता राजीव चंद्रशेखर और केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी शामिल हैं। फिल्म अभिनेता पृथ्वीराज सुकुमारन भी मतदान केंद्र पर कतार में खड़े नजर आए, जिससे आम लोगों में भी उत्साह देखने को मिला।

पुडुचेरी में इस बार मुकाबला बहुकोणीय है। यहां एनडीए, कांग्रेस-डीएमके गठबंधन और अभिनेता विजय की नई पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिल रही है। पुडुचेरी, कराईकल, माहे और यनम क्षेत्रों में कुल 1,099 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जहां करीब 9.5 लाख मतदाता 294 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला कर रहे हैं।

पुडुचेरी के उपराज्यपाल के. कैलाशनाथन, पूर्व मुख्यमंत्री वी. नारायणसामी और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वी. पी. रामलिंगम सहित कई नेताओं ने मतदान किया और लोगों से भी वोट देने की अपील की। यहां एक मतदान केंद्र पर रोबोट द्वारा मतदाताओं का स्वागत किया जाना चर्चा का विषय बना हुआ है, जो तकनीकी नवाचार की दिशा में एक अनूठी पहल मानी जा रही है।

सुबह 9 बजे तक के आंकड़ों के अनुसार असम में 17.87%, केरल में 16.23% और पुडुचेरी में 17.41% मतदान दर्ज किया गया। ये आंकड़े शुरुआती रुझान को दर्शाते हैं और उम्मीद जताई जा रही है कि शाम तक मतदान प्रतिशत में और वृद्धि होगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी तीनों राज्यों के मतदाताओं से बड़ी संख्या में मतदान करने की अपील की। उन्होंने इसे लोकतंत्र का महापर्व बताते हुए कहा कि हर नागरिक का कर्तव्य है कि वह अपने वोट का इस्तेमाल करे। उन्होंने खासतौर पर युवाओं और महिलाओं से बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की।

चुनाव के दौरान राजनीतिक बयानबाजी भी तेज रही। कांग्रेस नेता के.सी. वेणुगोपाल ने असम सरकार पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री पर गंभीर आरोप लगाए। वहीं भाजपा नेताओं ने कांग्रेस पर सांप्रदायिक राजनीति करने का आरोप लगाया। इन आरोप-प्रत्यारोप के बीच जनता अपने वोट के जरिए फैसला करने के लिए तैयार है।

कुल मिलाकर असम, केरल और पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव 2026 का मतदान शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित तरीके से जारी है। सुरक्षा व्यवस्था, तकनीकी निगरानी और प्रशासनिक तैयारी के चलते अब तक किसी बड़ी अप्रिय घटना की खबर नहीं आई है। यह चुनाव न केवल इन राज्यों की राजनीतिक दिशा तय करेगा, बल्कि देश की व्यापक राजनीति पर भी इसका असर देखने को मिल सकता है।

अब सभी की नजरें 4 मई पर टिकी हैं, जब मतगणना के बाद यह स्पष्ट होगा कि जनता ने किसे सत्ता की कमान सौंपी है। लोकतंत्र के इस महापर्व में जनता की भागीदारी एक बार फिर यह साबित कर रही है कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा और सबसे मजबूत लोकतंत्र है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button