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देहरादून में एक और खून: लापता युवक के दोस्त ने ही बेसबॉल बैट से पीट-पीटकर की हत्या, हरिद्वार में फेंकी लाश

देहरादून (ब्यूरो): उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में कानून व्यवस्था और बढ़ते क्राइम ग्राफ ने पुलिस की नींद उड़ा दी है। अभी पुलिस एक गुत्थी सुलझा भी नहीं पाती कि अपराधी दूसरी बड़ी वारदात को अंजाम देकर चुनौती पेश कर देते हैं। ताजा मामला शहर के पॉश इलाके बसंत विहार और नगर कोतवाली क्षेत्र से जुड़ा है, जहाँ एक युवक की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस जांच में एक रोंगटे खड़े कर देने वाले हत्याकांड का खुलासा हुआ है।

जिस युवक को पुलिस और परिजन तलाश रहे थे, उसकी हत्या उसके ही जिगरी दोस्तों ने शराब के नशे में धुत होकर बेसबॉल बैट से पीट-पीटकर कर दी। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को हिरासत में लिया है, जिन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया है।

क्या है पूरा मामला? कोर्ट से शुरू हुई कहानी

मामले की पटकथा 9 फरवरी से शुरू होती है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान दिगंबर धीमान के रूप में हुई है। दिगंबर के खिलाफ साल 2021 में बसंत विहार थाने में पोक्सो (POCSO) एक्ट के तहत एक मामला दर्ज किया गया था, जिसमें वह फिलहाल जमानत पर बाहर था।

बीती 9 फरवरी को इसी मामले में दिगंबर की देहरादून कोर्ट में पेशी थी। वह अपने पिता के साथ सुबह कोर्ट पहुंचा, जहाँ उसने कोर्ट रजिस्टर में अपने हस्ताक्षर भी किए। हालांकि, किन्हीं कारणों से उस दिन उसकी पेशी नहीं हो पाई। कोर्ट की कार्यवाही स्थगित होने के बाद दिगंबर ने अपने पिता को यह कहकर घर भेज दिया कि वह कुछ काम निपटाकर शाम तक लौट आएगा। उसने बताया था कि वह अपने दोस्तों से मिलने जा रहा है। लेकिन जब देर रात तक दिगंबर घर नहीं लौटा, तो परिजनों की चिंता बढ़ गई।

गुमशुदगी की रिपोर्ट और पुलिस की तफ्तीश

परिजनों ने दिगंबर की हर संभावित जगह तलाश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लगा। हार मानकर 11 फरवरी को दिगंबर के पिता ने देहरादून नगर कोतवाली में बेटे की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। मामला संवेदनशील होने के कारण पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की।

पुलिस ने दिगंबर की कॉल डिटेल्स (CDR) और आखिरी लोकेशन को ट्रैक करना शुरू किया। जांच के दौरान पुलिस को कुछ संदिग्ध नंबरों और लोकेशन के आधार पर तीन युवकों के बारे में जानकारी मिली, जो दिगंबर के दोस्त बताए जा रहे थे। जब पुलिस ने शक के आधार पर इन तीनों को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की, तो उन्होंने जो कहानी सुनाई उसे सुनकर पुलिस अधिकारी भी दंग रह गए।

नशे की पार्टी, बहस और खूनी संघर्ष

पूछताछ में सामने आया कि कोर्ट से निकलने के बाद दिगंबर सीधे रेसकोर्स इलाके में अपने दोस्तों के पास ‘गड्ढों वाली गली’ में गया था। वहाँ चारों ने मिलकर शराब की पार्टी की। रात चढ़ने के साथ ही चारों नशे में धुत हो गए। इसी दौरान किसी पुरानी बात या बहस को लेकर दिगंबर और उसके तीनों दोस्तों के बीच विवाद शुरू हो गया।

नशे की हालत में यह विवाद इतना बढ़ गया कि बात हाथापाई तक पहुँच गई। आरोपियों ने गुस्से में आकर कमरे में रखे बेसबॉल बैट से दिगंबर पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। दिगंबर के सिर पर बेसबॉल बैट से कई वार किए गए, जिससे वह लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़ा और मौके पर ही उसकी मौत हो गई।

लाश को ठिकाने लगाने के लिए टैक्सी से पहुंचे हरिद्वार

हत्या के बाद जब आरोपियों का नशा उतरा, तो वे बुरी तरह घबरा गए। पकड़े जाने के डर से उन्होंने शव को ठिकाने लगाने की साजिश रची। आरोपियों ने एक टैक्सी किराए पर ली और दिगंबर की लाश को उसमें लादकर रात के अंधेरे में हरिद्वार की ओर रवाना हो गए। हरिद्वार पहुँचकर उन्होंने लाश को गंगा या किसी सुनसान इलाके में फेंक दिया और वापस देहरादून लौट आए।

वसंत विहार थाना प्रभारी अशोक राठौड़ ने बताया कि, “शुरुआती जांच में सिर पर बेसबॉल बैट का प्रहार मौत का मुख्य कारण नजर आ रहा है। आरोपियों ने शव को हरिद्वार में ठिकाने लगाने की बात स्वीकार की है। पुलिस की एक टीम आरोपियों को साथ लेकर शव की बरामदगी के लिए हरिद्वार रवाना हो चुकी है।”

पुलिस के सामने चुनौतियां और बढ़ता अपराध

देहरादून में पिछले कुछ महीनों में अपराध के तरीकों में आए बदलाव ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। राजधानी के रिहायशी इलाकों में इस तरह से हत्या और फिर शव को दूसरे शहर ले जाकर ठिकाने लगाना, पुलिस की गश्त और चेकिंग दावों की पोल खोलता है। हालांकि, इस मामले में नगर कोतवाली और बसंत विहार पुलिस की संयुक्त सक्रियता से आरोपियों को जल्द पकड़ लिया गया, लेकिन मुख्य चुनौती अभी भी मृतक का शव बरामद करना है।

दोस्तों पर भरोसा पड़ा भारी

दिगंबर धीमान हत्याकांड ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि अपराध की दुनिया में ‘नशा’ सबसे बड़ा दुश्मन है। एक छोटी सी बहस और शराब के नशे ने न केवल एक नौजवान की जान ले ली, बल्कि तीन अन्य युवाओं का भविष्य भी सलाखों के पीछे धकेल दिया। पुलिस का कहना है कि लाश बरामद होते ही औपचारिक रूप से हत्या की धाराओं में मुकदमा तरमीम कर आरोपियों को जेल भेजा जाएगा।

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