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अंकिता भंडारी को मिला सम्मान: डोभ (श्रीकोट) नर्सिंग कॉलेज का नाम अब ‘स्व. अंकिता भंडारी’ के नाम पर, CM धामी के निर्देश पर शासनादेश जारी

देहरादून/पौड़ी: उत्तराखंड सरकार ने पौड़ी गढ़वाल की बेटी अंकिता भंडारी (Ankita Bhandari) के सम्मान में एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (Pushkar Singh Dhami) के निर्देश पर त्वरित कार्रवाई करते हुए, पौड़ी स्थित राजकीय नर्सिंग कॉलेज डोभ (श्रीकोट) का नाम बदलकर अब ‘स्व. अंकिता भंडारी राजकीय नर्सिंग कॉलेज डोभ (श्रीकोट) पौड़ी’ कर दिया गया है। चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग ने इस संबंध में आधिकारिक शासनादेश (Government Order) भी जारी कर दिया है।

मुख्यमंत्री का निर्देश और तत्काल अमल

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हाल ही में अंकिता भंडारी के माता-पिता से मुलाकात की थी। इस भावुक मुलाकात के दौरान, अंकिता के परिजनों ने अपनी कुछ मांगें मुख्यमंत्री के समक्ष रखी थीं। मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वासन दिया था कि अंकिता केवल उनकी ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश की बेटी है और उसके सम्मान में सरकार कोई कसर नहीं छोड़ेगी।

इसी वादे पर अमल करते हुए, मुख्यमंत्री के निर्देश के कुछ ही घंटों के भीतर सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार द्वारा कार्यालय ज्ञाप जारी किया गया। यह कदम न केवल अंकिता की यादों को संजोने का प्रयास है, बल्कि उस न्याय की लड़ाई के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का भी प्रतीक है, जो पिछले काफी समय से चर्चा का विषय बनी हुई है।

न्याय की लड़ाई में सरकार का रुख

अंकिता भंडारी हत्याकांड उत्तराखंड के इतिहास में एक संवेदनशील अध्याय रहा है। मुख्यमंत्री धामी ने स्पष्ट किया है कि उनकी सरकार पीड़ित परिवार के साथ चट्टान की तरह खड़ी है। उन्होंने कहा, पीड़ित परिवार की मांगों पर विधि-सम्मत, निष्पक्ष और त्वरित कार्यवाही करना हमारी जिम्मेदारी है। अंकिता को न्याय दिलाना हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।”

नर्सिंग कॉलेज के नामकरण को अंकिता के संघर्ष और प्रदेश की बेटियों के प्रति सम्मान से जोड़कर देखा जा रहा है। सरकार का मानना है कि यह संस्थान आने वाली पीढ़ियों को अंकिता के साहस की याद दिलाता रहेगा।


सियासी और सामाजिक निहितार्थ (SEO Analysis)

उत्तराखंड की राजनीति और सामाजिक परिवेश में अंकिता भंडारी केस (Ankita Bhandari Case) का गहरा प्रभाव रहा है। कॉलेज का नाम बदलकर सरकार ने न केवल भावनात्मक कार्ड खेला है, बल्कि विपक्ष के उन हमलों को भी शांत करने का प्रयास किया है जो अक्सर ‘न्याय में देरी’ का आरोप लगाते रहे हैं।

Ankita Bhandari News Update: यह फैसला ऐसे समय में आया है जब हरिद्वार में वीआईपी विवाद (VIP Controversy) को लेकर एसआईटी की जांच तेज हो गई है। ऐसे में कॉलेज का नामकरण करना यह दर्शाता है कि सरकार इस मुद्दे को ठंडे बस्ते में नहीं डालना चाहती।

पौड़ी और श्रीकोट क्षेत्र में खुशी की लहर

राजकीय नर्सिंग कॉलेज डोभ (श्रीकोट) का नाम बदले जाने पर स्थानीय निवासियों और छात्र संगठनों ने संतोष व्यक्त किया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह निर्णय अंकिता के बलिदान के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है। पौड़ी जनपद की इस संस्था से अब अंकिता का नाम जुड़ने से यहाँ शिक्षा प्राप्त करने वाली छात्राएं एक नई प्रेरणा के साथ आगे बढ़ेंगी।

कैसे हुआ नाम परिवर्तन? (The Official Process)

  1. परिजनों की मांग: गत दिवस अंकिता के माता-पिता ने सीएम आवास पर पुष्कर सिंह धामी से भेंट की थी।

  2. मुख्यमंत्री का आश्वासन: सीएम ने तत्काल मांगों पर कार्यवाही का भरोसा दिलाया।

  3. प्रशासनिक सक्रियता: चिकित्सा शिक्षा विभाग ने नियमानुसार नाम परिवर्तन का ड्राफ्ट तैयार किया।

  4. शासनादेश: गुरुवार को सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने आधिकारिक रूप से कार्यालय ज्ञाप पर हस्ताक्षर कर इसे लागू किया।


सम्मान के साथ न्याय की उम्मीद

भले ही कॉलेज का नाम ‘स्व. अंकिता भंडारी’ के नाम पर रख दिया गया हो, लेकिन उत्तराखंड की जनता की निगाहें अभी भी कानूनी कार्यवाही पर टिकी हैं। अंकिता के हत्यारों को कड़ी सजा दिलाने और ‘वीआईपी’ का चेहरा बेनकाब करने की मांग अभी भी गूंज रही है। सरकार के इस कदम से यह संदेश गया है कि वह अंकिता को भूलने नहीं देगी, लेकिन असली संतोष तभी होगा जब न्याय की प्रक्रिया अपने तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचेगी।

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