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Uttarakhand: सुशासन की मिसाल कालसी के पंजीटिलानी में उमड़ा जनसैलाब, प्रभारी मंत्री सुबोध उनियाल ने शाम 5:30 बजे तक सुनीं जनसमस्याएं

देहरादून/कालसी: “मुख्यमंत्री का संकल्प है कि अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक सरकार की योजनाएं पारदर्शी और सरल ढंग से पहुँचें।” इन्ही शब्दों के साथ उत्तराखंड के प्रभारी मंत्री श्री सुबोध उनियाल ने कालसी के पंजीटिलानी मिनी स्टेडियम में आयोजित विशाल बहुउद्देशीय शिविर का नेतृत्व किया। ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान के तहत आयोजित इस शिविर में सोमवार को प्रशासन और जनता के बीच सीधा संवाद देखने को मिला।

प्रभारी मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार ‘अंत्योदय’ की भावना से काम कर रही है और अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि जनसमस्याओं के निराकरण में किसी भी प्रकार की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

शाम तक चली जनसुनवाई: ग्रामीणों की शिकायतों पर कड़ा एक्शन

पंजीटिलानी के मिनी स्टेडियम में आयोजित इस शिविर में उत्साह का आलम यह था कि जनसुनवाई शाम 5:30 बजे तक चलती रही। प्रभारी मंत्री ने कुल 178 जनसमस्याओं को व्यक्तिगत रूप से सुना।

[Image Suggestion: Minister Subodh Uniyal and DM Savin Bansal interacting with rural women and elderly at a stall]

प्रमुख शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई:

  1. घटिया सड़क निर्माण की जांच: खमरौली–चिबऊ मोटर मार्ग के निर्माण में घटिया सामग्री के उपयोग की शिकायत पर मंत्री ने तत्काल जांच के आदेश दिए।

  2. लंबित मुआवजा: वर्ष 2008 से लंबित कृषि भूमि मुआवजे के मामले में लोक निर्माण विभाग को ‘वन-टाइम मेंटेनेंस’ के तहत समाधान सुनिश्चित करने को कहा।

  3. पेयजल और शिक्षा: खमरोली में पानी की लीकेज और स्कूलों में शिक्षकों की अनुपलब्धता पर जिलाधिकारी को जांच कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए।

  4. विद्युत आपूर्ति: नराया और बोआ जैसे सुदूर गांवों की छानियों में बिजली न होने पर विभाग को तत्काल कनेक्शन प्रक्रिया शुरू करने के आदेश दिए।

योजनाओं का पिटारा: मौके पर ही मिला सरकारी लाभ

शिविर केवल शिकायतों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह ‘वन-विंडो सॉल्यूशन’ साबित हुआ। प्रभारी मंत्री ने पात्र लाभार्थियों को कृषि यंत्रों का वितरण किया।

  • कृषि यंत्र: अज्जू तोमर और इन्द्र सिंह को 80% अनुदान पर पावर वीडर और आटा चक्की जैसे उपकरण प्रदान किए गए।

  • स्वास्थ्य जांच: 544 से अधिक लोगों का एलोपैथिक, होम्योपैथिक और आयुर्वेदिक परीक्षण कर निःशुल्क दवाएं दी गईं। 18 लोगों की टीबी जांच और 50 आयुष्मान कार्ड मौके पर ही बनाए गए।

  • पेंशन और प्रमाण पत्र: समाज कल्याण विभाग ने 75 बुजुर्गों को सहायक उपकरण वितरित किए और 8 नई पेंशन स्वीकृत कीं। वहीं, राजस्व विभाग ने 48 खतौनी और कई प्रमाण पत्र मौके पर जारी किए।

‘विकास पुस्तिका-2025’ का विमोचन

इस अवसर पर प्रभारी मंत्री सुबोध उनियाल और जिलाधिकारी सविन बंसल ने जिला सूचना कार्यालय द्वारा प्रकाशित ”विकास पुस्तिका-2025” का विमोचन किया। यह पुस्तिका जिले में हुए विकास कार्यों और भविष्य की योजनाओं का एक व्यापक दस्तावेज है। जिलाधिकारी सविन बंसल ने जनता को आश्वस्त किया कि शिविर में प्राप्त प्रत्येक आवेदन पर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई होगी।

डिजिटल और सामाजिक सुरक्षा का कवरेज

मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने बताया कि मुख्यमंत्री की इस अनूठी पहल से अब तक जिले में 13 हजार से अधिक लोग लाभान्वित हो चुके हैं और करीब 2500 शिकायतों का सफल निस्तारण किया गया है। शिविर में आधार अपडेशन से लेकर राशन कार्ड में नई यूनिट जोड़ने तक के काम एक ही छत के नीचे संपन्न हुए।

जनप्रनिधियों की उपस्थिति

शिविर में राज्यमंत्री कुलदीप कुमार, जिला पंचायत सदस्य मधु चौहान, ब्लॉक प्रमुख सावित्री चौहान सहित भारी संख्या में क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। ग्रामीणों ने सरकार की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों में ऐसे शिविरों के आयोजन से उन्हें जिला मुख्यालय के चक्कर काटने से मुक्ति मिली है।

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