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उत्तराखंड: देहरादून में हरीश रावत से कांग्रेसी नेताओं की विशेष मुलाकात, “उत्तराखंडियत” और विकास के मुद्दों पर हुई गहन चर्चा..

आज उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत से उनके देहरादून स्थित आवास पर परवादून कांग्रेस जिलाध्यक्ष मोहित उनियाल, कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता प्रमोद कपूरवान शास्त्री सहित अन्य कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने शिष्टाचार भेंट की।

यह मुलाकात महज़ औपचारिकता तक सीमित नहीं रही, बल्कि उत्तराखंड की राजनीति, विकास यात्रा और “उत्तराखंडियत” की मूल भावना को समझने का एक महत्वपूर्ण अवसर बन गई। इस दौरान राज्य के अतीत, वर्तमान और भविष्य से जुड़े कई अहम मुद्दों पर गहन चर्चा की गई।

मुलाकात के दौरान यह अनुभव किया गया कि हरीश रावत केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि उत्तराखंड की आत्मा से जुड़े संवेदनशील और दूरदर्शी नेता हैं। उनके व्यक्तित्व में राजनीतिक अनुभव की गहराई के साथ-साथ आम जनता के प्रति सहज जुड़ाव और संवेदनशीलता स्पष्ट रूप से झलकती है।

उत्तराखंड के विकास इतिहास में उनका योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है। विशेष रूप से 2013 केदारनाथ आपदा के बाद राज्य में पुनर्निर्माण और पुनर्वास के लिए किए गए प्रयास आज भी एक मिसाल के रूप में देखे जाते हैं। उस कठिन समय में उनके नेतृत्व ने प्रशासनिक क्षमता और दृढ़ इच्छाशक्ति का परिचय दिया। केदारनाथ धाम और आसपास के क्षेत्रों के पुनर्निर्माण में उनकी भूमिका आस्था, विश्वास और पुनर्जीवन का प्रतीक बनकर उभरी।

उनके कार्यकाल में अनेक जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन हुआ। खाद्य सुरक्षा योजना के माध्यम से गरीबों को सस्ती दरों पर राशन उपलब्ध कराया गया, वहीं “मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना” के जरिए युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान कर स्वरोजगार को बढ़ावा दिया गया। महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए स्वयं सहायता समूहों को प्रोत्साहित कर उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी उल्लेखनीय कार्य किए गए।

पर्यटन और तीर्थाटन के क्षेत्र में भी उनके प्रयास सराहनीय रहे, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार मिला और राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली। साथ ही, उन्होंने मंडुवा, झंगोरा, काफल, माल्टा जैसे पारंपरिक उत्पादों को राष्ट्रीय पहचान दिलाने का कार्य किया, जिससे “लोकल को ग्लोबल” की सोच को बल मिला।

राजनीतिक दृष्टि से भी हरीश रावत का योगदान उल्लेखनीय रहा है। वर्ष 2002 में उत्तराखंड में कांग्रेस सरकार के गठन में उनकी भूमिका अहम रही। संगठन में उनकी मजबूत पकड़ और जमीनी कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद उनकी सबसे बड़ी ताकत है।

इस अवसर पर जिलाध्यक्ष मोहित उनियाल एवं प्रदेश प्रवक्ता प्रमोद कपूरवान शास्त्री ने हरीश रावत के अनुभव और मार्गदर्शन को संगठन के लिए प्रेरणादायक बताया। हरीश रावत ने भी कार्यकर्ताओं से संगठन को मजबूत करने, जनसमस्याओं के समाधान के लिए सक्रिय रहने और जनता से निरंतर जुड़ाव बनाए रखने का आह्वान किया।

कुल मिलाकर यह मुलाकात प्रेरणादायक रही, जिसने उत्तराखंड के विकास की दिशा और सशक्त नेतृत्व की भूमिका को पुनः रेखांकित किया।

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