Nag Panchami 2026: सावन के तीसरे सोमवार और नाग पंचमी के संयोग पर महाकाल मंदिर में लाखों श्रद्धालु पहुंचे। हरसिद्धि मंदिर के सामने बैरिकेडिंग क्षेत्र में भीड़ बढ़ने से धक्का-मुक्की की स्थिति बनी, जिसमें कुछ महिलाएं, युवतियां और पुरुष बेहोश हो गए। घायलों और अस्वस्थ श्रद्धालुओं को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया।
उज्जैन: मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में नाग पंचमी के मौके पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सावन के तीसरे सोमवार, नाग पंचमी और भगवान महाकालेश्वर की सवारी एक ही दिन होने के कारण मंदिर क्षेत्र में सुबह से ही भक्तों का सैलाब देखने को मिला। इसी दौरान हरसिद्धि मंदिर के सामने बनाए गए बैरिकेडिंग क्षेत्र में अचानक भीड़ का दबाव बढ़ गया, जिसके बाद कुछ देर के लिए अफरा-तफरी और धक्का-मुक्की जैसी स्थिति बन गई।
भीड़ के दबाव के कारण कई श्रद्धालुओं की तबीयत बिगड़ गई। कुछ महिलाएं, युवतियां और पुरुष मौके पर ही बेहोश हो गए। वहीं, कुछ कांवड़ियों के चोटिल होने की भी जानकारी सामने आई है। स्थिति को देखते हुए प्रभावित श्रद्धालुओं को तत्काल उपचार के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में उनका इलाज जारी है और फिलहाल सभी की स्थिति सामान्य बताई जा रही है।
नागचंद्रेश्वर मंदिर के दर्शन के लिए उमड़ा जनसैलाब
महाकाल मंदिर में नाग पंचमी का दिन बेहद खास माना जाता है। इसी अवसर पर मंदिर परिसर स्थित नागचंद्रेश्वर मंदिर के कपाट वर्ष में केवल एक बार श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोले जाते हैं। ऐसे में नाग पंचमी के मौके पर देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु उज्जैन पहुंचते हैं।
इस बार नाग पंचमी के साथ सावन का तीसरा सोमवार भी होने के कारण श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ गई। इसके अलावा भगवान महाकालेश्वर की सवारी भी इसी दिन होने से पूरे शहर में भक्तों की भारी भीड़ रही। मंदिर और आसपास के इलाकों में लंबी कतारें दिखाई दीं।
सुबह करीब 9 बजे हरसिद्धि मंदिर के सामने बैरिकेडिंग वाले क्षेत्र में श्रद्धालुओं की संख्या अचानक बढ़ गई। भीड़ का दबाव बढ़ने पर कुछ लोगों को सांस लेने में परेशानी हुई और देखते ही देखते कई श्रद्धालु असहज होकर जमीन पर गिर पड़े। मौके पर मौजूद लोगों और सुरक्षाकर्मियों ने तत्काल उन्हें बाहर निकालने की कोशिश की।
महिलाओं और युवतियों की तबीयत बिगड़ी
अफरा-तफरी के दौरान कई महिलाओं और युवतियों के बेहोश होने की जानकारी सामने आई। कुछ पुरुष श्रद्धालुओं की भी तबीयत बिगड़ी। इसके अलावा कुछ कांवड़ियों के चोटिल होने की बात भी सामने आई है।
बेहोश हुए श्रद्धालुओं को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई और उन्हें अस्पताल भेजा गया। प्रशासन और मंदिर व्यवस्था से जुड़े कर्मचारियों ने स्थिति को संभालने का प्रयास किया। कुछ ही समय बाद स्थिति सामान्य होने लगी।
हालांकि, श्रद्धालुओं की भारी संख्या को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन को लेकर सवाल भी उठने लगे हैं। धार्मिक आयोजनों के दौरान लाखों लोगों के एक साथ पहुंचने पर भीड़ को नियंत्रित करना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन जाता है।
मंदिर समिति ने किया अफवाहों का खंडन
वहीं, महाकाल मंदिर प्रबंधन समिति ने मंदिर में बड़े स्तर पर भगदड़ या अव्यवस्था की खबरों को लेकर स्पष्टीकरण जारी किया है। मंदिर प्रशासक प्रथम कौशिक ने कहा कि कुछ मीडिया और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर मंदिर में अफरा-तफरी तथा अव्यवस्था से संबंधित भ्रामक खबरें प्रसारित की जा रही हैं।
मंदिर प्रबंधन समिति ने ऐसी खबरों का खंडन करते हुए श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें। समिति के मुताबिक, नाग पंचमी, सावन सोमवार और भगवान महाकालेश्वर की सवारी एक ही दिन होने के कारण श्रद्धालुओं की संख्या असाधारण रूप से अधिक रही।
6.19 लाख श्रद्धालु कर चुके दर्शन
मंदिर प्रशासन के अनुसार, अब तक करीब 6.19 लाख श्रद्धालु भगवान महाकाल के दर्शन कर चुके हैं। अलग-अलग मार्गों पर लंबी कतारें लगी हुई हैं, लेकिन श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम दर्शन के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित किए जाने का दावा मंदिर समिति ने किया है।
प्रशासन की ओर से लगातार श्रद्धालुओं से धैर्य बनाए रखने और जल्दबाजी नहीं करने की अपील की जा रही है। भीड़ के दौरान एक-दूसरे को धक्का देने से स्थिति और गंभीर हो सकती है, इसलिए श्रद्धालुओं से निर्धारित मार्ग और बैरिकेडिंग व्यवस्था का पालन करने को कहा गया है।
आस्था के बीच सुरक्षा सबसे बड़ी चुनौती
उज्जैन में नाग पंचमी के अवसर पर देशभर से श्रद्धालु भगवान महाकाल और नागचंद्रेश्वर के दर्शन के लिए पहुंचे हैं। धार्मिक आस्था के इस बड़े आयोजन में लाखों लोगों की मौजूदगी प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती होती है। ऐसे में भीड़ का दबाव बढ़ने पर छोटी सी अफरा-तफरी भी गंभीर स्थिति का रूप ले सकती है।
फिलहाल अस्पताल में भर्ती श्रद्धालुओं का उपचार जारी है और स्थिति सामान्य बताई जा रही है। मंदिर प्रशासन ने भी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर चल रही अपुष्ट खबरों पर विश्वास न करें और किसी भी आपात स्थिति में सुरक्षाकर्मियों तथा प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
नाग पंचमी और सावन सोमवार के इस बड़े धार्मिक आयोजन में जहां लाखों श्रद्धालुओं ने भगवान महाकाल के दर्शन किए, वहीं भीड़ के बीच हुई इस घटना ने एक बार फिर बड़े धार्मिक आयोजनों में प्रभावी भीड़ प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुरक्षा की अहमियत को सामने ला दिया है।
