पुरानी दिल्ली के चावड़ी बाजार में निर्माणाधीन तीन मंजिला इमारत ढहने की घटना ने एक बार फिर अवैध निर्माण और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हादसे में अब तक दो लोगों की मौत और चार लोगों के घायल होने की सूचना है। घटना के बाद MCD ने बड़ी कार्रवाई करते हुए असिस्टेंट इंजीनियर और जूनियर इंजीनियर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। वहीं, इमारत का निर्माण कराने वाले लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घटनास्थल का दौरा कर मामले की जांच और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया है।
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के पुराने इलाकों में लगातार हो रहे निर्माण कार्यों और सुरक्षा नियमों की अनदेखी का एक गंभीर मामला सामने आया है। पुरानी दिल्ली के व्यस्त चावड़ी बाजार इलाके में गुरुवार को एक निर्माणाधीन तीन मंजिला इमारत अचानक भरभराकर ढह गई। जिस समय यह हादसा हुआ, उस वक्त इमारत में निर्माण कार्य चल रहा था और मजदूर तीसरी मंजिल पर लेंटर डालने की तैयारी में जुटे हुए थे। देखते ही देखते पूरी इमारत मलबे में तब्दील हो गई। इस दर्दनाक हादसे में दो लोगों की जान चली गई, जबकि चार लोग घायल हो गए। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और आसपास के लोगों में दहशत फैल गई।
हादसे की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली नगर निगम (MCD) ने तत्काल कार्रवाई की है। लापरवाही के आरोपों के बीच ओल्ड दिल्ली जोन के डिप्टी कमिश्नर ने असिस्टेंट इंजीनियर मोहम्मद नईम और जूनियर इंजीनियर अमन दलाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के आदेश जारी किए हैं। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद निर्माण कार्यों की निगरानी और अधिकारियों की जिम्मेदारी को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
लेंटर डालते समय अचानक ढह गई तीन मंजिला इमारत
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, चावड़ी बाजार में जिस इमारत में हादसा हुआ, वह तीन मंजिल तक बन चुकी थी और उसके ऊपर निर्माण कार्य जारी था। इसी दौरान तीसरी मंजिल पर लेंटर डालने का काम चल रहा था। तभी अचानक इमारत में हलचल शुरू हुई और कुछ ही पलों में पूरी संरचना नीचे आ गिरी। इमारत के गिरते ही वहां काम कर रहे मजदूरों को संभलने तक का मौका नहीं मिला।
दिल्ली पुलिस के DCP सेंट्रल रोहित राजबीर के मुताबिक, हादसे के समय निर्माण स्थल पर करीब 10 से 12 मजदूर मौजूद थे। जैसे ही इमारत हिलने लगी, कुछ मजदूरों को बाहर निकाल लिया गया, लेकिन तीन मजदूर मलबे के भीतर फंस गए। इसके बाद पुलिस, दमकल विभाग और बचाव दल ने मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया।
प्रशासन की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, मलबे से तीन लोगों को बाहर निकाला गया। इनमें से दो को मृत घोषित कर दिया गया, जबकि एक घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाया गया। उसकी हालत खतरे से बाहर बताई गई। हादसे में घायल अन्य लोगों का भी उपचार कराया गया। मलबे में और लोगों के फंसे होने की आशंका को देखते हुए बचाव अभियान जारी रखा गया।
MCD ने दो इंजीनियरों को किया सस्पेंड, विभाग में मचा हड़कंप
इस हादसे के बाद दिल्ली नगर निगम ने लापरवाही के मामले में सख्त रुख अपनाया है। MCD के ओल्ड दिल्ली जोन के डिप्टी कमिश्नर की ओर से जारी आदेश के तहत असिस्टेंट इंजीनियर मोहम्मद नईम और जूनियर इंजीनियर अमन दलाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
दोनों इंजीनियरों पर क्षेत्र में निर्माण कार्यों की निगरानी और नियमों के पालन से जुड़ी जिम्मेदारियों के संदर्भ में कार्रवाई की गई है। हालांकि, हादसे के वास्तविक कारणों और अधिकारियों की भूमिका का विस्तृत खुलासा जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा।
इस कार्रवाई को इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि पुरानी दिल्ली के कई इलाकों में मकान और व्यावसायिक इमारतें बेहद संकरी गलियों में स्थित हैं। ऐसे स्थानों पर निर्माण या मरम्मत का काम करते समय सुरक्षा मानकों का पालन करना बेहद जरूरी है। यदि निर्माण के दौरान आवश्यक सावधानियां नहीं बरती जाती हैं, तो इसका खामियाजा केवल मजदूरों को ही नहीं, बल्कि आसपास रहने वाले लोगों को भी भुगतना पड़ सकता है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घटनास्थल का किया निरीक्षण
चावड़ी बाजार में इमारत गिरने की जानकारी मिलते ही दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी घटनास्थल पर पहुंचीं। उन्होंने हादसे वाली जगह का निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों से राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि फिलहाल इमारत गिरने के वास्तविक कारणों का पता जांच के बाद ही चल पाएगा।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि नगर निगम ने अपने असिस्टेंट इंजीनियर और जूनियर इंजीनियर को निलंबित कर दिया है। इसके अलावा जिस व्यक्ति की ओर से इमारत का निर्माण कराया जा रहा था, उसके खिलाफ भी FIR दर्ज की गई है।
उन्होंने निर्माण कार्यों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर चिंता जताते हुए कहा कि लोग अपने मकानों का निर्माण कराते समय सुरक्षा और बचाव के जरूरी नियमों को नजरअंदाज कर देते हैं। यह लापरवाही सीधे तौर पर लोगों की जिंदगी के लिए खतरा बन सकती है।
मुख्यमंत्री ने यह भी साफ किया कि यदि कोई अधिकारी अपने क्षेत्र में इस तरह की लापरवाही को नजरअंदाज करता है या अपनी जिम्मेदारी ठीक से नहीं निभाता है, तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है और जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा।
अवैध निर्माण को लेकर पहले भी उठ चुके थे सवाल
इस पूरे मामले में सबसे गंभीर पहलू यह है कि घटनास्थल पर अवैध निर्माण की बात भी सामने आई है। DCP सेंट्रल रोहित राजबीर के अनुसार, संबंधित निर्माण कार्य को रुकवाने के लिए पहले ही नगर निकाय को पत्र लिखा जा चुका था। इसके बावजूद वहां निर्माण गतिविधियां जारी थीं।
इस जानकारी के सामने आने के बाद यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि जब संबंधित निर्माण को लेकर पहले ही नगर निकाय को सूचित किया गया था, तो फिर समय रहते प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं की गई? क्या निर्माण कार्य की नियमित निगरानी की जा रही थी? क्या इमारत की मजबूती और सुरक्षा से जुड़े मानकों की जांच की गई थी? इन सवालों के जवाब जांच के बाद ही सामने आ सकेंगे।
पुलिस के मुताबिक, इमारत का निर्माण कराने वाले लोगों की पहचान कर ली गई है। उन्हें तलाशने की कोशिश की जा रही है और कुछ लोग पुलिस के संपर्क में भी हैं। मामले में FIR दर्ज होने के बाद अब पुलिस निर्माण से जुड़े लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
संकरी गलियों के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में आ रही परेशानी
चावड़ी बाजार दिल्ली के उन पुराने और घनी आबादी वाले इलाकों में शामिल है, जहां गलियां बेहद संकरी हैं। यहां एक साथ कई बड़े वाहन ले जाना भी आसान नहीं होता। यही वजह है कि इमारत ढहने के बाद राहत एवं बचाव दल को मलबा हटाने और फंसे हुए लोगों तक पहुंचने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
हादसे के बाद आसपास की इमारतों को लेकर भी चिंता बढ़ गई। पुलिस ने एहतियात के तौर पर आसपास की इमारतों में मौजूद लोगों को बाहर निकलवाया, क्योंकि कुछ नजदीकी इमारतों की स्थिति भी कमजोर बताई गई। प्रशासन की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना रही कि बचाव अभियान के दौरान कोई दूसरा हादसा न हो।
मलबा हटाने का काम सावधानीपूर्वक किया गया, ताकि उसके नीचे दबे किसी व्यक्ति को नुकसान न पहुंचे। बचाव दल की ओर से लगातार यह पता लगाने की कोशिश की गई कि कहीं कोई अन्य मजदूर या व्यक्ति मलबे में तो नहीं फंसा है।
मेयर प्रवेश वाही ने GRAP नियमों के उल्लंघन पर दी सख्त चेतावनी
दिल्ली के मेयर प्रवेश वाही ने भी इस घटना को गंभीर बताते हुए निर्माण कार्यों में नियमों के उल्लंघन पर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि संकरी गलियों में GRAP के नियमों का खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है। ऐसे मामलों में संबंधित लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कराई गई है और आगे भी नियमों का उल्लंघन करने वालों पर FIR दर्ज की जाएगी।
मेयर के बयान से साफ है कि प्रशासन अब केवल हादसे के बाद कार्रवाई करने तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि निर्माण गतिविधियों के दौरान नियमों की अनदेखी करने वालों पर भी शिकंजा कसने की तैयारी में है।
GRAP के नियमों का उद्देश्य प्रदूषण को नियंत्रित करना और निर्माण गतिविधियों को निर्धारित मानकों के अनुसार संचालित करना है। ऐसे में इन नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
हादसे ने खड़े किए कई बड़े सवाल
चावड़ी बाजार में हुई यह घटना केवल एक इमारत के गिरने का मामला नहीं है, बल्कि इसने पुरानी दिल्ली में चल रहे निर्माण कार्यों की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। जब किसी निर्माण स्थल को लेकर पहले ही नगर निकाय को शिकायत या सूचना दी जा चुकी थी, तो उस पर समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं हुई? निर्माण के दौरान मजदूरों की सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम क्यों नहीं किए गए? क्या इमारत की संरचनात्मक मजबूती की जांच की गई थी?
ये ऐसे सवाल हैं, जिनका जवाब जांच पूरी होने के बाद सामने आना जरूरी है।
फिलहाल इस हादसे में दो लोगों की मौत और चार लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। दो इंजीनियरों को निलंबित किया जा चुका है और निर्माण कराने वालों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। पुलिस और संबंधित विभाग मामले की जांच में जुटे हैं।
चावड़ी बाजार का यह हादसा एक बार फिर याद दिलाता है कि विकास और निर्माण कार्यों से ज्यादा जरूरी लोगों की सुरक्षा है। नियमों की अनदेखी और अधिकारियों की कथित लापरवाही कभी-कभी ऐसी कीमत वसूलती है, जिसकी भरपाई किसी भी कार्रवाई या मुआवजे से नहीं की जा सकती। अब देखना होगा कि जांच में किन लोगों की जिम्मेदारी तय होती है और दोषियों के खिलाफ प्रशासन कितनी सख्त कार्रवाई करता है।
