देहरादून: उत्तराखंड में 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज होने लगी हैं। चुनाव में अभी कई महीने का समय बाकी है, लेकिन प्रदेश की दोनों प्रमुख राजनीतिक पार्टियों भाजपा और कांग्रेस ने अपनी-अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। कहीं संगठन को मजबूत करने की कवायद चल रही है, तो कहीं जनसभाओं और जनसंपर्क अभियानों के जरिए जनता के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश की जा रही है। इसी बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का 6 नवंबर को प्रस्तावित देहरादून दौरा प्रदेश की राजनीति में नई हलचल पैदा करने वाला माना जा रहा है। उनके इस दौरे को भाजपा के आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
दरअसल, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 6 नवंबर को देहरादून पहुंचेंगे। इस दौरान वे परेड ग्राउंड में आयोजित होने वाली पदयात्रा और जनसभा में शामिल होंगे। भाजपा इस कार्यक्रम को केवल एक राजनीतिक आयोजन के रूप में नहीं, बल्कि आगामी विधानसभा चुनाव से पहले कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा भरने और संगठन की ताकत प्रदर्शित करने के अवसर के तौर पर देख रही है। माना जा रहा है कि इस मंच से अमित शाह प्रदेश भाजपा के नेताओं और कार्यकर्ताओं को आगामी चुनाव के लिए जरूरी दिशा-निर्देश दे सकते हैं। ऐसे में उनके दौरे को उत्तराखंड में चुनावी गतिविधियों के शुरुआती बड़े संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
अमित शाह के दौरे से उत्तराखंड में चुनावी माहौल गरमाने की तैयारी
उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर भाजपा लगातार अपनी रणनीति तैयार कर रही है। प्रदेश में सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने, संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने पर जोर दिया जा रहा है। इसी कड़ी में अमित शाह का देहरादून दौरा पार्टी के लिए काफी अहम माना जा रहा है।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, अमित शाह 6 नवंबर को दोपहर करीब 12 बजे परेड ग्राउंड में आयोजित पदयात्रा और जनसभा में शामिल होंगे। पहले उनके कार्यक्रम में पुलिस लाइन का आयोजन प्राथमिकता में रखा गया था, लेकिन अब कार्यक्रम का क्रम बदल दिया गया है। नए कार्यक्रम के अनुसार, वे पहले पदयात्रा और जनसभा से जुड़ेंगे। इस आयोजन को भाजपा के ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान से भी जोड़ा गया है।
भाजपा नेताओं का दावा है कि इस कार्यक्रम में देहरादून महानगर, ऋषिकेश, देहरादून ग्रामीण और हरिद्वार जिले से लगभग 25 हजार से अधिक कार्यकर्ता और समर्थक शामिल होंगे। पार्टी की कोशिश है कि इस आयोजन को बड़े स्तर पर सफल बनाकर प्रदेश में अपनी राजनीतिक ताकत का प्रदर्शन किया जाए। इसके लिए संगठन के पदाधिकारी लगातार कार्यकर्ताओं के साथ बैठकें कर रहे हैं और कार्यक्रम में अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सौंपी जा रही है।
पांच विधानसभा क्षेत्रों में भाजपा ने तेज की तैयारियां
अमित शाह के दौरे को सफल बनाने के लिए भाजपा संगठन ने देहरादून में तैयारियां तेज कर दी हैं। रायपुर, राजपुर, धर्मपुर, कैंट और मसूरी विधानसभा क्षेत्रों में पार्टी कार्यकर्ताओं की बैठकें आयोजित की जा रही हैं। इन बैठकों में पदयात्रा और जनसभा में कार्यकर्ताओं की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने पर चर्चा हो रही है।
इसके अलावा काशीपुर और जसपुर जैसे क्षेत्रों से भी करीब एक हजार कार्यकर्ताओं को देहरादून लाने की तैयारी की जा रही है। पार्टी पदाधिकारी अलग-अलग क्षेत्रों में कार्यकर्ताओं से संपर्क कर रहे हैं। उन्हें कार्यक्रम के निर्धारित समय पर परेड ग्राउंड पहुंचने और आयोजन को सफल बनाने की अपील की जा रही है।
भाजपा के लिए यह आयोजन इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि प्रदेश में लगातार तीसरी बार सरकार बनाने का लक्ष्य पार्टी के सामने है। ऐसे में संगठन को अभी से चुनावी मोड में लाना, कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय बढ़ाना और केंद्रीय नेतृत्व का संदेश प्रदेश के हर क्षेत्र तक पहुंचाना पार्टी की प्राथमिकताओं में शामिल माना जा रहा है।
अमित शाह के दौरे से कार्यकर्ताओं में बढ़ेगा उत्साह: खजान दास
प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री खजान दास ने अमित शाह के उत्तराखंड दौरे को पार्टी और कार्यकर्ताओं के लिए महत्वपूर्ण बताया है। उनका कहना है कि जब भी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह उत्तराखंड आते हैं, पार्टी कार्यकर्ताओं में विशेष उत्साह देखने को मिलता है। उनके दौरे से संगठन को नई ऊर्जा मिलती है और कार्यकर्ताओं को आगे की राजनीतिक रणनीति के संबंध में मार्गदर्शन मिलता है।
खजान दास के मुताबिक, अमित शाह का दौरा केवल एक जनसभा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसके माध्यम से कार्यकर्ताओं को आगामी विधानसभा चुनाव के लिए तैयार रहने का संदेश भी दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अमित शाह जिस तरह निर्णय लेते हैं और उन पर अडिग रहते हैं, उसमें सरदार वल्लभभाई पटेल की कार्यशैली की झलक दिखाई देती है।
उनका मानना है कि अमित शाह के मार्गदर्शन से भाजपा कार्यकर्ताओं को आगामी चुनाव में पूरी ताकत के साथ जुटने की प्रेरणा मिलेगी। पार्टी प्रदेश में तीसरी बार सरकार बनाने के लक्ष्य को लेकर आगे बढ़ रही है और इस दिशा में संगठन की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण रहने वाली है।
भाजपा का दावा- अमित शाह देंगे तीसरी बार सरकार बनाने का मंत्र
भाजपा के प्रदेश महामंत्री कुंदन परिहार ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का उत्तराखंड दौरा सरकारी कार्यक्रम के साथ-साथ संगठनात्मक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। उनके अनुसार, अमित शाह देहरादून में एक सरकारी कार्यक्रम में शामिल होने के बाद परेड ग्राउंड में आयोजित जनसभा को संबोधित करेंगे।
कुंदन परिहार का कहना है कि इस जनसभा में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ आम जनता की भी भागीदारी रहेगी। अमित शाह का बार-बार उत्तराखंड आना कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा का काम करता है। उनके मार्गदर्शन से संगठन को आगामी विधानसभा चुनाव के लिए अपनी रणनीति को और मजबूत करने में मदद मिलेगी।
उन्होंने भरोसा जताया कि भाजपा आगामी विधानसभा चुनाव में पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरेगी और लगातार तीसरी बार सरकार बनाने के अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए काम करेगी। पार्टी नेताओं के बयानों से साफ है कि भाजपा इस दौरे को आगामी चुनाव के लिए संगठनात्मक तैयारी और राजनीतिक संदेश देने के बड़े अवसर के रूप में देख रही है।
कांग्रेस ने भी कसी कमर, भाजपा से पूछे अंकिता भंडारी मामले पर सवाल
एक तरफ भाजपा अमित शाह के दौरे को लेकर उत्साहित नजर आ रही है, तो दूसरी तरफ कांग्रेस ने भी आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। कांग्रेस का कहना है कि प्रदेश में अब चुनावी माहौल बनने लगा है और आने वाले समय में राष्ट्रीय स्तर के नेताओं के दौरे भी बढ़ेंगे।
कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री राजेंद्र सिंह भंडारी ने अमित शाह के उत्तराखंड दौरे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि देश की सभी प्रमुख राजनीतिक पार्टियों के वरिष्ठ नेताओं के दौरे होते रहते हैं और इसी क्रम में अमित शाह भी उत्तराखंड आ रहे हैं। उनके अनुसार, प्रदेश अब चुनावी मोड में आ चुका है और भाजपा के साथ-साथ कांग्रेस भी अपने कार्यक्रमों और जनसंपर्क अभियानों को लेकर तैयारी कर रही है।
हालांकि, राजेंद्र सिंह भंडारी ने अमित शाह के दौरे के बहाने प्रदेश सरकार और भाजपा के सामने अंकिता भंडारी प्रकरण का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने सवाल किया कि इस मामले में चल रही सीबीआई जांच की रिपोर्ट आखिर कब तक सामने आएगी? कांग्रेस नेता का कहना है कि केंद्रीय गृह मंत्री को उत्तराखंड की जनता के सामने इस मामले से जुड़े सवालों का जवाब भी देना चाहिए।
कांग्रेस का यह रुख बताता है कि पार्टी आगामी चुनाव में केवल संगठनात्मक गतिविधियों तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि प्रदेश से जुड़े संवेदनशील और जनहित के मुद्दों को भी राजनीतिक बहस के केंद्र में लाने की तैयारी कर रही है।
2027 के चुनाव में भाजपा और कांग्रेस के बीच होगी बड़ी राजनीतिक जंग
उत्तराखंड में 2027 का विधानसभा चुनाव भाजपा और कांग्रेस दोनों के लिए काफी अहम होने वाला है। भाजपा के सामने जहां लगातार तीसरी बार सत्ता में आने की चुनौती है, वहीं कांग्रेस के लिए सत्ता में वापसी का मौका है। यही वजह है कि दोनों दल अभी से अपनी राजनीतिक रणनीति बनाने में जुट गए हैं।
भाजपा की ओर से पदयात्राओं, जनसभाओं, संगठनात्मक बैठकों और कार्यकर्ता सम्मेलनों के माध्यम से चुनावी माहौल तैयार करने की कोशिश की जा रही है। पार्टी का जोर सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने और संगठन को मजबूत बनाने पर है। वहीं कांग्रेस भी अपने वरिष्ठ नेताओं के प्रदेश दौरे, जनसंपर्क अभियान और सरकार को घेरने वाले मुद्दों के माध्यम से राजनीतिक जमीन मजबूत करने की कोशिश में जुटी है।
आने वाले दिनों में प्रदेश में दोनों दलों की ओर से बड़े नेताओं के दौरे, जनसभाएं और राजनीतिक कार्यक्रम बढ़ने की संभावना है। ऐसे में जनता के बीच भी यह चर्चा तेज होगी कि 2027 में उत्तराखंड की सत्ता किसके हाथों में जाएगी।
6 नवंबर को परेड ग्राउंड से निकलेगा चुनावी संदेश?
अमित शाह का 6 नवंबर को देहरादून दौरा ऐसे समय में हो रहा है, जब उत्तराखंड की राजनीति धीरे-धीरे चुनावी रंग में रंगने लगी है। भाजपा इस आयोजन को कार्यकर्ताओं में जोश भरने, संगठन को सक्रिय करने और आगामी चुनाव के लिए राजनीतिक दिशा तय करने के अवसर के रूप में देख रही है। वहीं कांग्रेस इस दौरे के दौरान प्रदेश से जुड़े अहम सवालों को उठाकर भाजपा को घेरने की तैयारी में है।
अब सबकी नजरें देहरादून के परेड ग्राउंड पर टिकी हैं। देखना होगा कि अमित शाह अपने संबोधन में प्रदेश भाजपा को क्या संदेश देते हैं और आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर पार्टी की रणनीति के कौन से संकेत सामने आते हैं। इतना जरूर है कि 6 नवंबर का यह कार्यक्रम उत्तराखंड की राजनीति में 2027 के चुनाव से पहले एक महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम साबित हो सकता है। प्रदेश में चुनावी शंखनाद की आहट के बीच भाजपा और कांग्रेस दोनों ही अपनी-अपनी बिसात बिछाने में जुट गई हैं। आने वाला समय बताएगा कि इस सियासी मुकाबले में किसकी रणनीति जनता का भरोसा जीतने में सफल होती है।
