नाभीढांग, गुंजी और कुटी समेत 10 हजार फीट से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बारिश के साथ गिरी बर्फ; तापमान में गिरावट से बढ़ी ठंड, प्रशासन अलर्ट
पिथौरागढ़: उत्तराखंड के सीमांत जिले पिथौरागढ़ में शुक्रवार से मौसम ने अचानक करवट बदल ली है। जिले के मैदानी और निचले इलाकों में बारिश का सिलसिला शुरू होने के साथ ही उच्च हिमालयी क्षेत्रों में मौसम का असर और ज्यादा दिखाई दे रहा है। व्यास घाटी के आदि कैलाश और ओम पर्वत क्षेत्र में सीजन की पहली बर्फबारी हुई है। नाभीढांग, गुंजी और कुटी समेत 10 हजार फीट से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बारिश के साथ हल्की बर्फबारी होने से पूरे उच्च हिमालयी क्षेत्र में ठंड बढ़ गई है।
शुक्रवार दोपहर से लगातार बदल रहे मौसम के बीच शाम के समय उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी और बारिश का दौर शुरू हुआ। बर्फ गिरने के बाद पहाड़ों की चोटियों पर सफेद चादर दिखाई देने लगी है। वहीं, तापमान में गिरावट आने के कारण स्थानीय लोगों के साथ-साथ आदि कैलाश यात्रा पर पहुंचे श्रद्धालुओं और पर्यटकों की मुश्किलें भी बढ़ सकती हैं। मौसम की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने शनिवार को आदि कैलाश यात्रा पर रोक लगाने के साथ धारचूला तहसील क्षेत्र में इनर लाइन परमिट जारी नहीं करने का फैसला लिया है।
नाभीढांग में शाम से बारिश के साथ बर्फबारी
केएमवीएन के नाभीढांग स्थित पर्यटक आवास गृह के प्रबंधक नरेंद्र बिष्ट के अनुसार, शुक्रवार शाम करीब चार बजे से क्षेत्र में रुक-रुककर हल्की बर्फबारी के साथ बारिश हो रही है। नाभीढांग क्षेत्र समुद्र तल से करीब 14 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित है। इतनी ऊंचाई वाले क्षेत्र में मौसम के बदलते ही ठंड का असर तेजी से बढ़ गया है।
बारिश और बर्फबारी के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। उच्च हिमालयी क्षेत्र में पहले से ही मौसम काफी ठंडा रहता है, ऐसे में बर्फबारी शुरू होने के बाद ठंड और बढ़ गई है। स्थानीय स्तर पर मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
गुंजी और आसपास के ऊंचाई वाले गांव भी बर्फ की चपेट में
व्यास घाटी के गुंजी क्षेत्र में भी शुक्रवार को बारिश के साथ हल्की बर्फबारी हुई। केएमवीएन गुंजी के प्रबंधक होशियार रावत ने बताया कि गुंजी और आसपास के 10 हजार फीट से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फ गिर रही है।
मौसम में अचानक आए बदलाव का असर पूरे उच्च हिमालयी क्षेत्र में दिखाई दे रहा है। बारिश और बर्फबारी के चलते जहां तापमान तेजी से नीचे जा रहा है, वहीं स्थानीय लोगों को ठंड से बचाव के लिए अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ रही है। आने वाले दिनों में मौसम का रुख कैसा रहता है, इस पर यात्रा और सीमावर्ती इलाकों की आवाजाही भी निर्भर करेगी।
आदि कैलाश की चोटियों पर गिरी सीजन की पहली बर्फ
आदि कैलाश क्षेत्र में भी मौसम ने अपना रंग बदल दिया है। करीब 12,303 फीट की ऊंचाई पर स्थित कुटी गांव में बर्फबारी के बाद ठंड बढ़ गई है। कुटी गांव के होम स्टे संचालक कुंवर सिंह कुटियाल ने बताया कि आदि कैलाश की चोटियों और आसपास के पहाड़ों पर बर्फ पड़ चुकी है।
आदि कैलाश और ओम पर्वत क्षेत्र में सीजन की पहली बर्फबारी को यात्रा के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इन दिनों बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक व्यास घाटी पहुंच रहे हैं। ऐसे में ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी के कारण रास्तों पर फिसलन, तापमान में गिरावट और आवाजाही से जुड़ी चुनौतियां बढ़ सकती हैं।
आज आदि कैलाश यात्रा पर रोक, जारी नहीं होंगे इनर लाइन परमिट
मौसम में अचानक आए बदलाव को देखते हुए प्रशासन ने शनिवार को आदि कैलाश यात्रा पर रोक लगाने का निर्णय लिया है। धारचूला तहसील प्रशासन की ओर से शनिवार को इनर लाइन परमिट भी जारी नहीं किए जाएंगे।
प्रशासन के अनुसार, 20 सितंबर से 25 सितंबर तक कुल 2,783 इनर लाइन परमिट जारी किए जा चुके हैं। वर्तमान मौसम की स्थिति को देखते हुए यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए शनिवार को परमिट जारी करने पर रोक लगाई गई है।
उच्च हिमालयी क्षेत्रों में मौसम तेजी से बदलता है। ऐसे में यात्रा मार्ग पर बर्फबारी और बारिश की स्थिति को देखते हुए प्रशासन और संबंधित विभागों की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
धारचूला समेत निचली घाटियों में भी बारिश
उच्च हिमालयी क्षेत्र में बर्फबारी शुरू होने के करीब एक घंटे बाद धारचूला नगर और आसपास के क्षेत्रों में भी हल्की बारिश शुरू हो गई। दिन में मौसम में बदलाव के बाद शाम होते-होते बारिश ने जोर पकड़ लिया।
लगातार बारिश के कारण सीमांत क्षेत्र में तापमान गिरने लगा है। कई स्थानों पर जनजीवन प्रभावित हुआ है। बारिश का असर सड़क यातायात पर भी पड़ा है और जिले की कई प्रमुख सड़कों पर आवाजाही बाधित हुई है।
पिथौरागढ़ में 11 सड़कें बंद, खोलने का काम जारी
लगातार बारिश के कारण पिथौरागढ़ जिले की अलग-अलग तहसीलों में 11 सड़कें बंद बताई गई हैं। इनमें प्रमुख रूप से घाट-पिथौरागढ़ मोटर मार्ग, धारचूला-तवाघाट मोटर मार्ग और तवाघाट-गुंजी मोटर मार्ग शामिल हैं।
प्रशासन की ओर से बंद सड़कों को खोलने का काम शुरू कर दिया गया है। संबंधित विभागों की टीमें प्रभावित मार्गों पर काम कर रही हैं। सड़कें बंद होने से स्थानीय लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है और कई क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था पर असर पड़ा है।
पिथौरागढ़ जिले में बंद प्रमुख सड़कें इस प्रकार हैं:
- घाट-पिथौरागढ़ मोटर मार्ग
- धारचूला-तवाघाट मोटर मार्ग
- तवाघाट-गुंजी मोटर मार्ग
- ड्योरा-बारमू मोटर मार्ग
- देविचौना-जमतड़ी मोटर मार्ग
- बड़ाबे-तोली-शिलिंगिया मोटर मार्ग
- सोबला-उमचिया मोटर मार्ग
- एलागाड़-जुम्मा मोटर मार्ग
- घापाबैण्ड-बुई-पातों मोटर मार्ग
- देविसौना-गराली-कूटा मोटर मार्ग
- कंज्योति-नारायण आश्रम मोटर मार्ग
स्कूलों में भी अवकाश, प्रशासन ने विभागों को किया अलर्ट
लगातार बारिश को देखते हुए पिथौरागढ़ जिले में शनिवार को सभी स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है। प्रशासन ने मौसम की स्थिति को देखते हुए संबंधित विभागों को अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी भूपेंद्र महर ने बताया कि जिले की सभी तहसीलों में लगातार बारिश के कारण 11 सड़कें बंद हैं। इन सड़कों को खोलने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित विभागों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि बारिश से उत्पन्न किसी भी स्थिति से समय रहते निपटा जा सके।
यात्रियों और स्थानीय लोगों से सतर्क रहने की अपील
आदि कैलाश और ओम पर्वत क्षेत्र में पहली बर्फबारी के बाद मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी के साथ तापमान में और गिरावट आने की संभावना को देखते हुए यात्रा करने वाले लोगों को प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी जा रही है।
फिलहाल पिथौरागढ़ में बारिश, उच्च हिमालय में बर्फबारी और कई सड़कों के बंद होने के कारण प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। आदि कैलाश और ओम पर्वत की चोटियों पर सीजन की पहली बर्फबारी ने जहां सर्दियों के आगमन का संकेत दे दिया है, वहीं सीमांत जिले में मौसम की चुनौती भी बढ़ा दी है।
