‘वेलकम’ के बल्लू को याद कर भावुक हुए संजय मिश्रा, बोले- बेहद अच्छे कलाकार और इंसान थे मुश्ताक खान; दुबई में साथ बिताए दिनों को भी किया याद
बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता मुश्ताक खान के निधन की खबर से हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर है। अपनी शानदार कॉमिक टाइमिंग और सपोर्टिंग किरदारों से दर्शकों के बीच खास पहचान बनाने वाले मुश्ताक खान ने 24 सितंबर 2026 को अंतिम सांस ली। वह 56 वर्ष के थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, वह कैंसर से जूझ रहे थे और मुंबई के नानावती अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। उनकी तबीयत लगातार बिगड़ने के बाद उनका निधन हो गया। उनके जाने से फिल्म इंडस्ट्री ने एक ऐसे कलाकार को खो दिया, जिसने कई फिल्मों में अपनी छोटी-छोटी लेकिन यादगार भूमिकाओं से दर्शकों के चेहरे पर मुस्कान बिखेरी।
मुश्ताक खान के निधन की खबर सामने आने के बाद उनके साथ काम कर चुके कई कलाकारों और फिल्मी हस्तियों ने उन्हें याद किया। अभिनेता संजय मिश्रा ने भी अपने ‘वेलकम’ को-स्टार को भावुक श्रद्धांजलि दी। संजय मिश्रा ने मुश्ताक खान को सिर्फ एक सह-कलाकार नहीं, बल्कि अपने जीवन के एक दौर में अभिभावक जैसी भूमिका निभाने वाला व्यक्ति बताया। उन्होंने कहा कि जब भी उन्हें जरूरत होती थी, वह मुश्ताक खान से सलाह लिया करते थे। साथ ही उन्होंने इस बात का भी अफसोस जताया कि इतने बेहतरीन कलाकार को उनके काम के मुताबिक वह पहचान और क्रेडिट नहीं मिला, जिसके वह हकदार थे।
‘सोचा नहीं था कि वह चले जाएंगे’, संजय मिश्रा हुए भावुक
मुश्ताक खान को याद करते हुए संजय मिश्रा ने ANI से बातचीत में कहा कि उन्हें जानकारी थी कि मुश्ताक की तबीयत खराब रहती है, लेकिन उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि वह इतनी जल्दी दुनिया छोड़ देंगे। संजय मिश्रा ने इस खबर को बेहद दुखद बताते हुए कहा कि उनके जीवन में एक समय ऐसा भी आया था जब मुश्ताक खान उनके लिए अभिभावक जैसे बन गए थे।
संजय मिश्रा के मुताबिक, जब भी उन्हें किसी तरह की जरूरत होती थी या किसी विषय पर सलाह चाहिए होती थी, वह मुश्ताक खान से बात करते थे। उन्होंने मुश्ताक को एक बेहतरीन कलाकार के साथ-साथ अच्छा इंसान भी बताया। संजय ने कहा कि मुश्ताक खान को उनके अभिनय के लिए उतना क्रेडिट नहीं मिला, जितना मिलना चाहिए था।
‘वेलकम’ की शूटिंग और दुबई की यादें भी ताजा हुईं
संजय मिश्रा और मुश्ताक खान ने लोकप्रिय फिल्म ‘वेलकम’ में साथ काम किया था। फिल्म की शूटिंग से जुड़ी यादों को साझा करते हुए संजय मिश्रा ने बताया कि मुश्ताक खान ने उन्हें पूरा दुबई घुमाया था। यही वजह है कि उनके लिए मुश्ताक का जाना सिर्फ फिल्म इंडस्ट्री के एक कलाकार का निधन नहीं, बल्कि एक करीबी और मार्गदर्शक जैसे व्यक्ति को खोना भी है।
संजय मिश्रा ने मुश्ताक खान के साथ बिताए समय को याद करते हुए उनकी तस्वीर भी सोशल मीडिया पर साझा की। उनकी श्रद्धांजलि में अपनापन और भावुकता साफ दिखाई दी। फिल्मी दुनिया में कई कलाकारों के साथ काम करने वाले संजय मिश्रा के लिए मुश्ताक खान की भूमिका कुछ अलग थी, क्योंकि वह उनके मुताबिक जरूरत के समय सलाह और मार्गदर्शन देने वाले व्यक्ति थे।
‘वेलकम’ का बल्लू आज भी दर्शकों के दिलों में जिंदा
मुश्ताक खान का फिल्मी करियर तीन दशक से भी ज्यादा लंबा रहा। उन्होंने 1980 की फिल्म ‘Albert Pinto Ko Gussa Kyon Aata Hai’ से अपने फिल्मी सफर की शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने हिंदी सिनेमा की कई चर्चित फिल्मों में काम किया और अलग-अलग तरह के किरदार निभाए।
हालांकि, आम दर्शकों के बीच उन्हें सबसे ज्यादा लोकप्रियता 2007 में आई फिल्म ‘वेलकम’ से मिली। अक्षय कुमार, कैटरीना कैफ, नाना पाटेकर और अनिल कपूर जैसे कलाकारों से सजी इस फिल्म में मुश्ताक खान ने ‘बल्लू’ का किरदार निभाया था। उनका अंदाज और कॉमिक टाइमिंग दर्शकों को खूब पसंद आई।
फिल्म में उनका मशहूर कॉमिक सीन और ‘मेरी एक टांग नकली है…’ वाला संवाद आज भी दर्शकों के बीच याद किया जाता है। सोशल मीडिया और मीम्स के दौर में भी यह सीन लंबे समय तक लोगों के बीच चर्चा में रहा। मुश्ताक खान ने अपनी सहज अदाकारी से इस छोटे से किरदार को यादगार बना दिया।
‘हेरा फेरी’ से ‘स्त्री 2’ तक, कई फिल्मों में छोड़ी छाप
मुश्ताक खान ने अपने लंबे करियर में सिर्फ कॉमेडी फिल्मों तक खुद को सीमित नहीं रखा। उन्होंने ‘आशिकी’, ‘हम हैं राही प्यार के’, ‘हेरा फेरी’, ‘जोड़ी नंबर 1’, ‘मुझसे शादी करोगी’, ‘वेलकम’ और ‘राउडी राठौर’ जैसी फिल्मों में काम किया। इसके अलावा उनके खाते में ‘गदर’, ‘गदर 2’, ‘बधाई दो’ और ‘स्त्री 2’ जैसी अपेक्षाकृत नई फिल्में भी शामिल रहीं।
उनकी खासियत यह थी कि वह फिल्म में चाहे कितनी भी छोटी भूमिका में नजर आएं, अपने अभिनय और संवाद अदायगी से दर्शकों का ध्यान खींच लेते थे। यही वजह है कि उन्हें हिंदी सिनेमा के उन चरित्र कलाकारों में याद किया जाता है, जिन्होंने मुख्य भूमिका में न रहते हुए भी फिल्मों के कई दृश्यों को यादगार बनाया।
अनीस बज्मी ने भी दी भावुक श्रद्धांजलि
मुश्ताक खान के निधन पर ‘वेलकम’ के निर्देशक अनीस बज्मी ने भी भावुक श्रद्धांजलि दी। उन्होंने सोशल मीडिया पर मुश्ताक खान की तस्वीर साझा करते हुए उन्हें अपना ‘बल्लू’ बताया और उनके निधन पर दुख जताया। बज्मी ने उन्हें बेहतरीन कलाकार और खूबसूरत व्यक्तित्व वाला इंसान बताया।
मुश्ताक खान के निधन के बाद फिल्म इंडस्ट्री और उनके प्रशंसक उनकी फिल्मों के दृश्यों और किरदारों को याद कर रहे हैं। उनकी पहचान भले ही अक्सर सहायक या कॉमिक भूमिकाओं से जुड़ी रही हो, लेकिन पर्दे पर उनकी मौजूदगी ने कई फिल्मों में अलग रंग भरा।
संजय मिश्रा के शब्दों में कहें तो मुश्ताक खान सिर्फ एक कलाकार नहीं थे, बल्कि उन लोगों के लिए एक मार्गदर्शक और अच्छे इंसान भी थे, जो उन्हें करीब से जानते थे। उनका निधन हिंदी सिनेमा के लिए एक ऐसी क्षति है, जिसकी भरपाई मुश्किल है। मुश्ताक खान अब हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन ‘वेलकम’ के बल्लू समेत उनके निभाए कई किरदार लंबे समय तक दर्शकों की यादों में जिंदा रहेंगे।
