कोलकाता से वाराणसी जा रहा राजमहल गंगा क्रूज 6 सितंबर से भागलपुर में रुका, सिमरिया सेतु के नीचे से निकलने के लिए अनुकूल जलस्तर का इंतजार; SDRF की टीम लगातार कर रही निगरानी
भागलपुर: बिहार के भागलपुर में गंगा नदी का बढ़ा हुआ जलस्तर एक आलीशान नदी क्रूज की यात्रा में बड़ी बाधा बन गया है। कोलकाता से वाराणसी की ओर जा रहा राजमहल गंगा क्रूज फिलहाल भागलपुर में गंगा के बीच रुका हुआ है। नदी की मौजूदा स्थिति और आगे आने वाली चुनौती को देखते हुए क्रूज पर सवार विदेशी पर्यटकों को पहले ही सुरक्षित तरीके से उतार लिया गया है। इसके बाद सभी विदेशी सैलानियों को ट्रेन के जरिए पटना भेज दिया गया है।
क्रूज प्रबंधन के मुताबिक, गंगा का जलस्तर सामान्य होने और नदी की परिस्थितियां सुरक्षित होने के बाद ही क्रूज को आगे रवाना करने का फैसला लिया जाएगा। फिलहाल क्रूज की सुरक्षा के लिए SDRF की टीम लगातार निगरानी कर रही है और उसके आसपास गश्त भी की जा रही है।
6 सितंबर से गंगा में रुका है क्रूज
जानकारी के अनुसार राजमहल गंगा क्रूज 5 सितंबर को विक्रमशिला सेतु पार करने के बाद भागलपुर पहुंचा था। इसके अगले दिन यानी 6 सितंबर से क्रूज को गंगा में ही रोक दिया गया। बढ़े हुए जलस्तर के कारण आगे की यात्रा को फिलहाल सुरक्षित नहीं माना जा रहा है।
क्रूज को आगे बेगूसराय की तरफ बढ़ते हुए सिमरिया सेतु के नीचे से गुजरना है। नदी का जलस्तर अधिक होने के कारण इस हिस्से में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। सेतु के नीचे से क्रूज को सुरक्षित निकालने के लिए नदी की गहराई, जलस्तर और अन्य परिस्थितियों का अनुकूल होना जरूरी है।
यही वजह है कि क्रूज प्रबंधन फिलहाल जल्दबाजी के बजाय नदी की स्थिति सामान्य होने का इंतजार कर रहा है।
क्रूज पर सवार थे 11 पर्यटक, 9 विदेशी
राजमहल क्रूज पर कुल 11 पर्यटक सवार थे। इनमें 9 विदेशी और 2 भारतीय पर्यटक शामिल थे। विदेशी पर्यटकों में ब्रिटेन, न्यूजीलैंड और नीदरलैंड के नागरिक शामिल बताए गए हैं।
गंगा के बढ़े जलस्तर को देखते हुए पर्यटकों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई। विदेशी पर्यटकों को क्रूज से उतारकर ट्रेन के माध्यम से पटना भेज दिया गया। इस तरह नदी में क्रूज के फंसे रहने की स्थिति में पर्यटकों को किसी संभावित जोखिम से दूर रखा गया।
पर्यटकों को सुरक्षित पटना भेजे जाने के बाद अब क्रूज को आगे रवाना करने की रणनीति पर काम किया जा रहा है।
सिमरिया सेतु बना सबसे बड़ी चुनौती
क्रूज की आगे की यात्रा में फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती सिमरिया सेतु को पार करना है। नदी का जलस्तर अधिक होने की स्थिति में बड़े क्रूज के लिए पुल के नीचे से गुजरना जोखिमपूर्ण हो सकता है।
क्रूज प्रबंधन नदी की स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है। अधिकारियों और संबंधित टीमों द्वारा जलस्तर का आकलन करने के बाद ही आगे बढ़ने का निर्णय लिया जाएगा।
क्रूज प्रबंधन से जुड़े रंजीत कुमार के अनुसार, जलस्तर में सुधार होने के बाद ही क्रूज को आगे भेजा जाएगा। परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो अगले दो से तीन दिनों में क्रूज की यात्रा दोबारा शुरू होने की संभावना है। हालांकि अंतिम फैसला नदी की वास्तविक स्थिति का आकलन करने के बाद ही लिया जाएगा।
SDRF के जवानों की लगातार गश्त
गंगा में बढ़े जलस्तर के बीच क्रूज की सुरक्षा को लेकर प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क है। SDRF की टीम लगातार क्रूज की निगरानी कर रही है। क्रूज के आसपास जवानों की गश्त जारी है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से तत्काल निपटा जा सके।
SDRF कमांडर इंस्पेक्टर नीलू के मुताबिक, गंगा में जलस्तर बढ़ा हुआ है और इसी कारण क्रूज के आसपास लगातार निगरानी रखी जा रही है। सुरक्षा बल नदी की स्थिति और क्रूज की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं।
बढ़ते जलस्तर के बीच नदी में किसी भी प्रकार की आपात स्थिति से बचने के लिए SDRF को अलर्ट रखा गया है।
गंगा के रास्ते ऐतिहासिक सफर पर निकला है राजमहल क्रूज
दरअसल, राजमहल गंगा क्रूज कोई सामान्य नदी यात्रा नहीं कर रहा है। यह क्रूज पिछले कई महीनों से बंगाल, बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश के अलग-अलग ऐतिहासिक, धार्मिक और पौराणिक स्थलों की यात्रा पर है।
इस यात्रा का उद्देश्य पर्यटकों को गंगा के किनारे बसे भारत के समृद्ध इतिहास, संस्कृति और धार्मिक विरासत से रूबरू कराना है। क्रूज यात्रा के दौरान पर्यटकों को नदी किनारे स्थित विभिन्न महत्वपूर्ण स्थलों का भ्रमण कराया जाता है।
गंगा के रास्ते होने वाली ऐसी यात्राएं विदेशी पर्यटकों के लिए भारत की सांस्कृतिक विरासत को करीब से देखने का अनूठा अवसर प्रदान करती हैं। यही वजह है कि इस क्रूज यात्रा में भारत के साथ-साथ विदेशों से आए पर्यटक भी शामिल हुए।
बढ़े जलस्तर से यात्रा पर लगा अस्थायी ब्रेक
भागलपुर में गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण फिलहाल क्रूज की यात्रा पर अस्थायी ब्रेक लग गया है। हालांकि क्रूज पर मौजूद पर्यटकों को सुरक्षित निकाल लिए जाने के बाद किसी बड़े खतरे की स्थिति नहीं है।
अब पूरा ध्यान नदी के जलस्तर और सिमरिया सेतु के नीचे से सुरक्षित मार्ग उपलब्ध होने पर है। क्रूज प्रबंधन का कहना है कि परिस्थितियां अनुकूल होते ही आगे की यात्रा शुरू की जाएगी।
फिलहाल राजमहल क्रूज भागलपुर में गंगा के बीच खड़ा है और सुरक्षा एजेंसियां उसकी निगरानी कर रही हैं। दूसरी ओर, विदेशी पर्यटकों को ट्रेन से पटना भेजे जाने के बाद उनकी यात्रा को सुरक्षित तरीके से आगे बढ़ाने की व्यवस्था की गई है।
जलस्तर घटने का इंतजार, फिर शुरू होगा सफर
गंगा के जलस्तर में कमी आने के बाद क्रूज के आगे बढ़ने की उम्मीद है। हालांकि नदी में जलस्तर के अलावा पुल की ऊंचाई और क्रूज की सुरक्षित आवाजाही जैसे तमाम पहलुओं का आकलन किया जाएगा।
ऐसे में अगले कुछ दिन राजमहल क्रूज के लिए अहम रहने वाले हैं। अगर नदी की स्थिति अनुकूल होती है तो क्रूज भागलपुर से आगे बेगूसराय होते हुए अपनी निर्धारित यात्रा की ओर बढ़ सकता है।
फिलहाल सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए क्रूज को रोक दिया गया है, विदेशी पर्यटकों को सुरक्षित पटना पहुंचा दिया गया है और SDRF की टीम निगरानी में जुटी है। अब सभी की नजरें गंगा के जलस्तर पर टिकी हैं। जलस्तर सामान्य होते ही राजमहल क्रूज एक बार फिर गंगा की लहरों पर अपनी ऐतिहासिक यात्रा को आगे बढ़ाएगा।
