देहरादून: उत्तराखंड की धामी सरकार की कैबिनेट बैठक आज शुक्रवार, 11 सितंबर को होने जा रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सचिवालय में दोपहर 12 बजे से प्रस्तावित इस बैठक में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा और फैसले होने की संभावना है। आगामी विधानसभा के मानसून सत्र को देखते हुए भी आज की कैबिनेट बैठक को बेहद अहम माना जा रहा है। माना जा रहा है कि बैठक में मानसून सत्र की तारीख और स्थान से जुड़े प्रस्ताव पर भी चर्चा हो सकती है।
इसके साथ ही स्वास्थ्य, परिवहन, शहरी विकास, उद्योग, कार्मिक, शिक्षा और आवास समेत कई विभागों से जुड़े प्रस्ताव कैबिनेट के सामने रखे जा सकते हैं। खास बात यह है कि लंबे समय से स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग कर रहे इंटर्न डॉक्टरों को भी आज की बैठक से बड़ी उम्मीदें हैं। माना जा रहा है कि उनकी मांग पर सरकार की ओर से कोई महत्वपूर्ण निर्णय लिया जा सकता है।
इंटर्न डॉक्टरों के स्टाइपेंड पर टिकी नजरें
उत्तराखंड में एमबीबीएस और पीजी इंटर्न डॉक्टर पिछले कई दिनों से स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। इंटर्न डॉक्टरों की मांग है कि उन्हें उनकी सेवाओं और वर्तमान परिस्थितियों के अनुरूप बेहतर स्टाइपेंड दिया जाए।
ऐसे में आज होने वाली धामी कैबिनेट की बैठक उनके लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। बैठक में इंटर्न डॉक्टरों की मांग से जुड़े प्रस्ताव पर चर्चा होने की संभावना है। यदि सरकार की ओर से इस संबंध में कोई निर्णय लिया जाता है तो लंबे समय से अपनी मांग को लेकर आंदोलन कर रहे इंटर्न डॉक्टरों को राहत मिल सकती है।
हालांकि अंतिम निर्णय कैबिनेट में चर्चा और प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद ही स्पष्ट होगा।
एमबीबीएस के बाद तीन साल की सेवा का प्रस्ताव
स्वास्थ्य विभाग से जुड़ा एक और महत्वपूर्ण प्रस्ताव भी आज कैबिनेट के सामने आ सकता है। सरकारी मेडिकल कॉलेजों से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी करने वाले छात्रों के लिए पर्वतीय क्षेत्रों में सेवा से संबंधित नियमों को और सख्त किए जाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है।
दरअसल, सरकारी मेडिकल कॉलेजों से एमबीबीएस करने वाले छात्रों को बॉन्ड के तहत पर्वतीय क्षेत्रों में सेवाएं देनी होती हैं। लेकिन स्वास्थ्य विभाग के सामने लंबे समय से यह समस्या बनी हुई है कि कुछ डॉक्टर कुछ समय ड्यूटी करने के बाद पोस्ट ग्रेजुएशन में प्रवेश के लिए आवेदन कर देते हैं और आगे की पढ़ाई के लिए चले जाते हैं। इससे पर्वतीय क्षेत्रों में डॉक्टरों की कमी लगातार बनी रहती है।
इसी समस्या को देखते हुए प्रस्ताव तैयार किया गया है कि सरकारी मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस करने वाले डॉक्टरों को कम से कम तीन वर्ष तक अपनी सेवाएं देनी होंगी। इसके बाद ही उन्हें पीजी करने की अनुमति देने की व्यवस्था पर विचार किया जा रहा है।
यदि इस प्रस्ताव को कैबिनेट की मंजूरी मिलती है तो पर्वतीय क्षेत्रों में डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ाने की दिशा में इसे महत्वपूर्ण कदम माना जा सकता है।
मानसून सत्र की तारीख और स्थान पर भी चर्चा
आज की बैठक का एक बड़ा एजेंडा विधानसभा के आगामी मानसून सत्र से जुड़ा हो सकता है। कैबिनेट में सत्र की संभावित तिथियों और स्थान को लेकर चर्चा होने की संभावना है।
मानसून सत्र सरकार और विपक्ष दोनों के लिए महत्वपूर्ण रहने वाला है। सत्र के दौरान विभिन्न विभागों की नीतियों, विकास कार्यों और जनहित से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है। ऐसे में सत्र की तारीख और आयोजन स्थल को लेकर कैबिनेट के फैसले पर भी नजर रहेगी।
परिवहन निगम कर्मचारियों के वेतन पर भी हो सकता है फैसला
राज्य के परिवहन निगम कर्मचारियों से जुड़ा मुद्दा भी आज की कैबिनेट बैठक में महत्वपूर्ण हो सकता है। परिवहन निगम के कर्मचारियों को पिछले दो से तीन महीने से वेतन नहीं मिलने की बात सामने आई है। ऐसे में राज्य सरकार कर्मचारियों के लंबित वेतन भुगतान के लिए आवश्यक धनराशि को मंजूरी देने पर विचार कर सकती है।
अगर सरकार की ओर से धनराशि जारी करने का फैसला लिया जाता है तो लंबे समय से वेतन का इंतजार कर रहे परिवहन निगम कर्मचारियों को बड़ी राहत मिल सकती है।
EV पॉलिसी समेत कई प्रस्तावों पर नजर
कैबिनेट बैठक में इलेक्ट्रिक वाहन यानी EV पॉलिसी से जुड़े प्रस्ताव पर भी चर्चा होने की संभावना है। राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से तैयार की जा रही नीतियों को लेकर सरकार लगातार काम कर रही है।
इसके अलावा शिक्षा विभाग से जुड़े शिक्षकों के तबादलों में पारदर्शिता लाने के प्रस्ताव पर भी कैबिनेट में विचार हो सकता है। शिक्षकों के स्थानांतरण को लेकर लंबे समय से पारदर्शी व्यवस्था की मांग होती रही है। ऐसे में इस दिशा में सरकार की ओर से कोई फैसला होने पर शिक्षा विभाग से जुड़े कर्मचारियों पर इसका सीधा असर पड़ सकता है।
इन विभागों के प्रस्ताव भी रहेंगे महत्वपूर्ण
आज की बैठक में परिवहन विभाग, शहरी विकास, उद्योग, कार्मिक, स्वास्थ्य, शिक्षा और आवास विभाग से संबंधित कई प्रस्तावों पर चर्चा होने की संभावना है। नियोजन विभाग की ओर से तैयार की गई विभिन्न नीतियां भी कैबिनेट के सामने रखी जा सकती हैं।
इनमें से कुछ प्रस्ताव सीधे कर्मचारियों, छात्रों, डॉक्टरों और आम जनता से जुड़े हुए हैं, इसलिए कैबिनेट के फैसलों पर अलग-अलग वर्गों की नजर बनी हुई है।
कई वर्गों को आज के फैसलों का इंतजार
कुल मिलाकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में होने वाली आज की कैबिनेट बैठक कई मायनों में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। एक ओर जहां विधानसभा के मानसून सत्र की तारीख और स्थान पर चर्चा हो सकती है, वहीं दूसरी ओर स्वास्थ्य विभाग के प्रस्ताव से पर्वतीय क्षेत्रों में डॉक्टरों की कमी दूर करने की कोशिश की जा सकती है।
इंटर्न डॉक्टरों के स्टाइपेंड, परिवहन निगम कर्मचारियों के लंबित वेतन, EV पॉलिसी और शिक्षकों के तबादलों में पारदर्शिता जैसे मुद्दे भी बैठक को खास बना रहे हैं। अब सबसे ज्यादा नजर इस बात पर रहेगी कि कैबिनेट इन प्रस्तावों पर क्या निर्णय लेती है और किन प्रस्तावों को मंजूरी मिलती है।
अगर इंटर्न डॉक्टरों के स्टाइपेंड और परिवहन निगम कर्मचारियों के वेतन से जुड़े प्रस्तावों पर सकारात्मक फैसला होता है, तो यह संबंधित वर्गों के लिए बड़ी राहत होगी। वहीं एमबीबीएस के बाद तीन साल की अनिवार्य सेवा का प्रस्ताव मंजूर होने पर पर्वतीय क्षेत्रों की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में सरकार का यह अहम कदम माना जा सकता है।
