हरिद्वार: उत्तराखंड के हरिद्वार में एक बुजुर्ग ज्वेलर के साथ हुई लूट की वारदात का पुलिस ने बेहद दिलचस्प और फिल्मी अंदाज में खुलासा किया है। रानीपुर कोतवाली पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों ने बुजुर्ग ज्वेलर का पीछा करने के बाद पूरी योजना के साथ उसका बैग लूटा था। बैग में चांदी के आभूषण, मोबाइल फोन, दुकान की चाबियां, मेडिकल कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज रखे हुए थे। हालांकि, लूट के दौरान हुई छीना-झपटी में बदमाशों से हुई एक गलती ने पूरे मामले का रुख बदल दिया। ज्वेलर ने संघर्ष के दौरान एक आरोपी का बैग अपने कब्जे में ले लिया था, जिसमें मिले एटीएम कार्ड ने पुलिस को आरोपियों तक पहुंचने में अहम सुराग दिया।
एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने पूरे मामले का खुलासा करते हुए बताया कि पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से लूट से जुड़ा सामान बरामद कर लिया है। पुलिस की कार्रवाई के बाद आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
21 अगस्त की रात बुजुर्ग ज्वेलर को बनाया निशाना
पुलिस के अनुसार, 21 अगस्त को शिवलोक कॉलोनी फेज-3 निवासी प्रदीप कुमार शर्मा ने कोतवाली रानीपुर में लूट की शिकायत दर्ज कराई थी। प्रदीप कुमार शर्मा एक ज्वेलर हैं और घटना वाले दिन रात के समय अपनी दुकान से वापस घर लौट रहे थे।
शिकायत के अनुसार, शिवलोक कॉलोनी के पास मोटरसाइकिल सवार तीन अज्ञात युवकों ने उनका पीछा किया और मौका मिलते ही उन पर हमला कर बैग लूट लिया। बैग में लगभग 100 ग्राम चांदी के आभूषण, दुकान की चाबियां, महंगा मोबाइल फोन, बीएचईएल मेडिकल कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और अन्य जरूरी दस्तावेज रखे हुए थे।
वारदात के दौरान ज्वेलर ने बदमाशों का विरोध किया और अपना बैग बचाने की कोशिश की। इस दौरान आरोपियों और बुजुर्ग ज्वेलर के बीच जमकर छीना-झपटी हुई। आरोप है कि बदमाशों ने बैग छीनने के लिए कैंची से उसके पट्टे को काट दिया। विरोध करने पर ज्वेलर के साथ धक्का-मुक्की की गई और कैंची से हमला करने के साथ ही जान से मारने की धमकी भी दी गई। इसके बाद आरोपी लूट का सामान लेकर मौके से फरार हो गए।
पहले भी किया था ज्वेलर का पीछा, 11 अगस्त को नहीं हो पाए सफल
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपियों ने अचानक इस वारदात को अंजाम नहीं दिया था, बल्कि इसके लिए पहले से रेकी और योजना बनाई गई थी। तीनों आरोपी कांवड़ मेले के दौरान बैरागी कैंप क्षेत्र में दुकान लगाते थे और सामान लेने के लिए कनखल क्षेत्र में आते-जाते थे।
इसी दौरान उनकी नजर ज्वेलर पर पड़ी। आरोपियों ने कथित तौर पर ज्वेलर की उम्र और उसकी दिनचर्या को देखते हुए उसे निशाना बनाने की योजना बनाई। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने 11 अगस्त को भी ज्वेलर का पीछा किया था, लेकिन उस दिन उन्हें वारदात को अंजाम देने का मौका नहीं मिल सका।
इसके बाद 21 अगस्त को तीनों आरोपी एक बार फिर पूरी तैयारी के साथ ज्वेलर के पीछे लग गए। जैसे ही ज्वेलर शिवलोक कॉलोनी क्षेत्र में पहुंचा, आरोपियों ने उसे घेरकर वारदात को अंजाम दिया और उसका बैग लूट लिया।
लूट के बाद आरोपियों ने छिपाया सामान
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी लूट का सामान लेकर हरिद्वार के राजा गार्डन, जगजीतपुर क्षेत्र में स्थित ऋतिक उर्फ टोपो के कमरे पर पहुंचे। यहां उन्होंने लूटे गए सामान को रखने और आगे की योजना बनाने की कोशिश की।
लेकिन बदमाश शायद यह नहीं जानते थे कि लूट के दौरान हुई छीना-झपटी में उनसे एक ऐसी गलती हो चुकी है, जो जल्द ही उनकी गिरफ्तारी का कारण बनने वाली थी।
दरअसल, जब आरोपी ज्वेलर का बैग छीन रहे थे, उस दौरान बुजुर्ग ज्वेलर ने भी संघर्ष करते हुए एक आरोपी का बैग छीन लिया था। आरोपियों का बैग उनके पास रह गया, जबकि बदमाश लूट का सामान लेकर फरार हो गए।
यही बैग पुलिस जांच में सबसे महत्वपूर्ण सुराग साबित हुआ।
एटीएम कार्ड ने खोल दिया बदमाशों का पूरा राज
ज्वेलर द्वारा छीने गए आरोपी के बैग की जब जांच की गई तो उसमें से एटीएम कार्ड समेत कई महत्वपूर्ण सुराग पुलिस के हाथ लगे। पुलिस ने इन सुरागों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया और संदिग्धों की पहचान शुरू की।
रानीपुर कोतवाली प्रभारी इंस्पेक्टर मनोहर भंडारी के नेतृत्व में पुलिस टीमों का गठन किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। इसके साथ ही घटनास्थल और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई और डिजिटल साक्ष्यों को भी जुटाया गया।
एटीएम कार्ड से मिले सुराग, सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर तंत्र की मदद से पुलिस धीरे-धीरे आरोपियों तक पहुंचने में सफल रही। जांच के बाद पुलिस को आरोपियों की गतिविधियों और उनकी मोटरसाइकिल के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिली।
भेल मटेरियल गेट के पास पुलिस ने घेरा
पुलिस को 25 अगस्त को सूचना मिली कि लूट की वारदात में शामिल संदिग्ध एक मोटरसाइकिल से भेल क्षेत्र की ओर घूम रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम सक्रिय हो गई और भेल मटेरियल गेट के पास संदिग्ध मोटरसाइकिल को रोक लिया।
मोटरसाइकिल पर तीन युवक सवार थे। पुलिस ने तीनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो धीरे-धीरे पूरी लूट की घटना का खुलासा हो गया। पूछताछ के बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान ऋतिक उर्फ टोपो, सौरभ और राजीव सैनी उर्फ सागर के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, तीनों आरोपियों की उम्र कम है, लेकिन इनमें से कुछ के खिलाफ पहले से आपराधिक मुकदमे दर्ज होने की जानकारी भी सामने आई है।
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर लूट से जुड़ा सामान भी बरामद किया है। बरामदगी के बाद पुलिस ने पूरे मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई करते हुए आरोपियों को न्यायालय में पेश किया।
दो आरोपियों का आपराधिक इतिहास भी सामने आया
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी ऋतिक उर्फ टोपो और राजीव सैनी उर्फ सागर के खिलाफ पहले भी आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस अब उनके पुराने मामलों और आपराधिक गतिविधियों की भी जांच कर रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि लूट की इस घटना में आरोपियों ने पहले से ज्वेलर की रेकी की थी और उसकी गतिविधियों पर नजर रखी थी। वारदात को अंजाम देने के लिए उन्होंने मोटरसाइकिल का इस्तेमाल किया और सुनसान या अपेक्षाकृत कम भीड़ वाले स्थान पर मौका तलाशा।
हालांकि, वारदात के दौरान बुजुर्ग ज्वेलर द्वारा किया गया विरोध और छीना-झपटी में आरोपी का बैग हाथ लग जाना बदमाशों के लिए सबसे बड़ी चूक साबित हुआ। एटीएम कार्ड से मिले सुराग ने पुलिस की जांच को सही दिशा दी और कुछ ही दिनों के भीतर तीनों आरोपी पुलिस की गिरफ्त में पहुंच गए।
एटीएम कार्ड बदलकर ठगी करने वाले दो आरोपी भी गिरफ्तार
इसी बीच हरिद्वार पुलिस ने एक अन्य कार्रवाई में एटीएम कार्ड बदलकर लोगों से ठगी करने वाले दो आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी लोगों को एटीएम मशीन का इस्तेमाल करने में मदद करने के बहाने या अन्य तरीकों से उनके कार्ड बदल देते थे और बाद में खातों से पैसे निकाल लेते थे।
पुलिस ने दोनों आरोपियों के कब्जे से 8,500 रुपये नकद और आठ एटीएम कार्ड बरामद किए हैं। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि दोनों आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। इनमें से एक आरोपी पूर्व में एनडीपीएस के मामले में जेल जा चुका है, जबकि दूसरे आरोपी के खिलाफ चोरी से संबंधित मामला दर्ज होने की जानकारी मिली है।
पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उन्होंने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया और उनके साथ कोई अन्य व्यक्ति या गिरोह भी जुड़ा हुआ है या नहीं। दोनों के खिलाफ संबंधित धाराओं में कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
हरिद्वार में बुजुर्ग ज्वेलर के साथ हुई लूट का यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि आरोपियों ने वारदात को पूरी तैयारी और रेकी के बाद अंजाम दिया था, लेकिन एक छोटी सी गलती ने उनके पूरे प्लान को नाकाम कर दिया। लूट के दौरान ज्वेलर द्वारा छीना गया बदमाश का बैग और उसमें मिला एटीएम कार्ड पुलिस के लिए ऐसा सुराग बन गया, जिसने फिल्मी अंदाज में पूरी लूट की गुत्थी सुलझा दी। सीसीटीवी, डिजिटल साक्ष्य, मुखबिर तंत्र और पुलिस की लगातार जांच के बाद आखिरकार तीनों आरोपी सलाखों के पीछे पहुंच गए।
