ऋषिकेश: उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच नदी-नाले एक बार फिर बेहद खतरनाक रूप में बह रहे हैं। ऋषिकेश में भी बारिश के कारण बीन नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया। इसी दौरान हरिद्वार की ओर से ऋषिकेश आ रहा एक मैक्स वाहन अनियंत्रित होकर उफनती बीन नदी की चपेट में आ गया और तेज बहाव में पलट गया। हादसे के बाद वाहन में सवार दो लोग नदी के बीच फंस गए। रात के अंधेरे, तेज बहाव और लगातार बढ़ते जलस्तर के बीच करीब एक घंटे तक चले बेहद चुनौतीपूर्ण रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद SDRF की टीम ने दोनों लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। दोनों को प्राथमिक उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और SDRF में हड़कंप मच गया। पुलिस चौकी पशुलोक बैराज से रात करीब 9:22 बजे सूचना मिली कि बीन नदी में एक मैक्स वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया है और उसमें कुछ लोग फंसे हुए हैं। सूचना की गंभीरता को देखते हुए ढालवाला पोस्ट से अपर उप निरीक्षक महावीर चौहान के नेतृत्व में SDRF की रेस्क्यू टीम तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हुई।
उफनती नदी के बीच शुरू हुआ जिंदगी बचाने का अभियान
घटनास्थल पर पहुंचते ही SDRF जवानों ने हालात का जायजा लिया। नदी का पानी तेज रफ्तार से बह रहा था और जलस्तर लगातार बढ़ रहा था। अंधेरा होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन और भी मुश्किल हो गया था। इसके बावजूद SDRF जवानों ने बिना समय गंवाए बचाव अभियान शुरू कर दिया।
रेस्क्यू टीम ने जोखिम उठाते हुए नदी के तेज बहाव के बीच वाहन तक पहुंच बनाने की कोशिश की। कड़ी मशक्कत के बाद टीम ने वाहन में फंसे एक व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। हालांकि, इस दौरान चुनौती अभी खत्म नहीं हुई थी। दूसरा व्यक्ति अब भी वाहन के अंदर फंसा हुआ था।
इधर, नदी का बहाव लगातार तेज हो रहा था। पानी के दबाव के कारण मैक्स वाहन भी अपनी जगह से खिसककर कुछ दूरी तक बह गया। ऐसे में वाहन के भीतर फंसे दूसरे व्यक्ति को निकालना SDRF जवानों के लिए बेहद जोखिम भरा हो गया। किसी भी तरह की चूक जानलेवा साबित हो सकती थी।
दूसरी SDRF टीम को भी बुलाया गया
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए SDRF ने तत्काल अतिरिक्त टीम को मौके पर बुलाया। निरीक्षक कविंद्र सजवाण के नेतृत्व में दूसरी टीम घटनास्थल पर पहुंची। दोनों टीमों ने आपसी समन्वय बनाते हुए रेस्क्यू ऑपरेशन को आगे बढ़ाया।
तेज बहाव और अंधेरे के बीच SDRF जवानों ने बेहद सावधानी से वाहन तक पहुंच बनाई। टीम के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि नदी का बहाव लगातार बढ़ रहा था और वाहन भी पानी के दबाव में अपनी स्थिति बदल रहा था। इसके बावजूद जवानों ने हिम्मत नहीं हारी।
काफी मशक्कत के बाद SDRF की टीम वाहन में फंसे दूसरे व्यक्ति तक पहुंचने में सफल रही। जवानों ने उसे सुरक्षित बाहर निकाला और नदी के खतरनाक बहाव वाले क्षेत्र से सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। इस तरह करीब एक घंटे की कड़ी मेहनत के बाद वाहन में फंसे दोनों लोगों की जान बचा ली गई।
हरिद्वार से ऋषिकेश आ रहा था मैक्स वाहन
बताया गया कि मैक्स वाहन हरिद्वार की ओर से ऋषिकेश आ रहा था। इसी दौरान चालक ने वाहन को उफनती बीन नदी में उतार दिया। नदी में पानी का बहाव तेज था और जलस्तर भी बढ़ा हुआ था। वाहन नदी के तेज बहाव की चपेट में आया और अनियंत्रित होकर पलट गया।
SDRF इंस्पेक्टर कविंद्र सजवाण के मुताबिक, त्वरित कार्रवाई और दोनों टीमों के बेहतर समन्वय के कारण वाहन में फंसे दोनों लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सका। रेस्क्यू के बाद दोनों को उपचार के लिए अस्पताल भेज दिया गया।
रात के अंधेरे में SDRF का साहस आया काम
यह पूरा रेस्क्यू ऑपरेशन कई मायनों में चुनौतीपूर्ण था। एक तरफ रात का अंधेरा था तो दूसरी तरफ नदी का तेज बहाव लगातार खतरा बढ़ा रहा था। वाहन भी पानी के बहाव में खिसक रहा था। ऐसी स्थिति में SDRF के जवानों ने अपनी जान की परवाह किए बिना बचाव अभियान जारी रखा।
रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान जवानों ने पहले एक व्यक्ति को बाहर निकाला और इसके बाद अतिरिक्त टीम की मदद से दूसरे व्यक्ति को भी सुरक्षित निकाल लिया। SDRF की तत्परता और साहस से एक बड़ा हादसा टल गया।
बारिश ने बढ़ाई उत्तराखंड में मुश्किलें
उत्तराखंड में इन दिनों बारिश का दौर जारी है। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के कारण नदियों और बरसाती नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। कई स्थानों पर नदी-नाले उफान पर हैं। ऐसे में नदी या बरसाती नाले को पार करने अथवा उसमें वाहन उतारने की कोशिश बेहद खतरनाक साबित हो सकती है।
ऋषिकेश और आसपास के क्षेत्रों में भी बारिश के कारण जलस्रोतों का बहाव तेज हो गया है। बीन नदी का यह हादसा एक बार फिर लोगों के लिए चेतावनी है कि उफनती नदियों और बरसाती नालों के पास किसी भी तरह का जोखिम न उठाया जाए।
मौसम विभाग की ओर से भी देहरादून समेत उत्तराखंड के कई हिस्सों में बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। ऐसे में प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग लगातार लोगों से सतर्क रहने की अपील कर रहे हैं।
एक छोटी सी लापरवाही पड़ सकती है भारी
बीन नदी में हुआ यह हादसा बताता है कि बारिश के मौसम में नदी-नालों के बहाव को हल्के में लेना कितना खतरनाक हो सकता है। सामान्य दिनों में जहां पानी कम दिखाई देता है, वहीं पहाड़ों में बारिश के बाद अचानक जलस्तर बढ़ सकता है और कुछ ही मिनटों में शांत दिखने वाला नदी-नाला जानलेवा रूप ले सकता है।
विशेषज्ञ और प्रशासन लगातार लोगों को सलाह देते हैं कि तेज बहाव वाले नदी-नालों में वाहन न उतारें और न ही जलस्तर बढ़ने के दौरान उन्हें पार करने का प्रयास करें। खासकर रात के समय ऐसे स्थानों पर अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।
ऋषिकेश की बीन नदी में मैक्स वाहन पलटने की घटना में गनीमत रही कि SDRF टीम समय पर मौके पर पहुंच गई। जवानों ने विपरीत परिस्थितियों में साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए दोनों लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इस रेस्क्यू ऑपरेशन ने एक बार फिर साबित किया कि आपदा की घड़ी में SDRF के प्रशिक्षित जवान किस तरह अपनी जान जोखिम में डालकर लोगों की जिंदगी बचाने के लिए तत्पर रहते हैं।
