बरसात का मौसम अपने साथ हरियाली और ठंडक तो लेकर आता है, लेकिन इसी मौसम में कई तरह के कीड़े-मकौड़ों और मकड़ियों की सक्रियता भी बढ़ जाती है। घरों, बगीचों, खेतों और नम स्थानों पर मकड़ियां अधिक दिखाई देने लगती हैं। ऐसे में यदि किसी व्यक्ति को मकड़ी काट ले, तो घबराने के बजाय सही जानकारी और उचित प्राथमिक उपचार अपनाना बेहद जरूरी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के तकनीकी सलाहकार, शोधकर्ता और हेल्थ एजुकेटर डॉ. जेम्स ओ’डोनोवन ने हाल ही में एक वीडियो के माध्यम से बताया है कि मकड़ी के काटने पर क्या करना चाहिए, किन गलतियों से बचना चाहिए और किन परिस्थितियों में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना आवश्यक हो जाता है।
डॉ. ओ’डोनोवन के अनुसार अधिकांश मकड़ियों का काटना गंभीर नहीं होता और सामान्य प्राथमिक उपचार से स्थिति में सुधार हो जाता है। हालांकि, कुछ मामलों में एलर्जी या संक्रमण की वजह से समस्या गंभीर भी हो सकती है। इसलिए शुरुआती लक्षणों को पहचानना और सही समय पर इलाज कराना बेहद महत्वपूर्ण है।
मकड़ी के काटने के बाद प्रभावित स्थान पर छोटे लाल धब्बे, खुजली, हल्की सूजन, जलन या फफोले दिखाई दे सकते हैं। कुछ लोगों को काटे गए स्थान पर दर्द भी महसूस हो सकता है। यदि लक्षण सामान्य हों तो घबराने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन लगातार बढ़ती तकलीफ को नजरअंदाज करना भी ठीक नहीं है।
विशेषज्ञों के अनुसार मकड़ी काटने के बाद सबसे पहला कदम प्रभावित हिस्से को साफ करना होना चाहिए। उस स्थान को साफ पानी और हल्के साबुन से अच्छी तरह धो लें, ताकि संक्रमण का खतरा कम हो सके। इसके बाद यदि दर्द, सूजन या जलन महसूस हो रही हो, तो साफ कपड़े में बर्फ लपेटकर 10 से 15 मिनट तक हल्की सिकाई करें। ध्यान रखें कि बर्फ को कभी भी सीधे त्वचा पर न रखें, क्योंकि इससे त्वचा को नुकसान पहुंच सकता है।
डॉक्टर यह भी सलाह देते हैं कि मकड़ी के काटने वाली जगह को बार-बार खुजलाने से बचें। खुजलाने से त्वचा छिल सकती है, जिससे बैक्टीरिया प्रवेश कर संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। यदि खुजली अधिक हो रही हो या सूजन बढ़ रही हो, तो बिना डॉक्टर की सलाह के कोई भी दवा या घरेलू नुस्खा अपनाने के बजाय चिकित्सकीय सलाह लेना बेहतर विकल्प है।
कई लोग मकड़ी के काटने पर तुरंत तेल, मिट्टी, टूथपेस्ट, हल्दी या अन्य घरेलू चीजें लगाने लगते हैं, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसा करने से संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए केवल वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित प्राथमिक उपचार ही अपनाना चाहिए।
हालांकि अधिकांश मामलों में मकड़ी का काटना गंभीर नहीं होता, लेकिन कुछ लक्षण ऐसे हैं जिन्हें बिल्कुल भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। यदि काटने के बाद सांस लेने में कठिनाई होने लगे, चेहरे, होंठ या गले में सूजन आ जाए, तेज बुखार या ठंड लगने लगे, पूरे शरीर में एलर्जी या चकत्ते दिखाई दें, काटे गए स्थान पर अत्यधिक दर्द, पस या तेजी से बढ़ती सूजन हो, या फिर उल्टी, चक्कर अथवा बेहोशी जैसा महसूस हो, तो तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचना चाहिए। ये गंभीर एलर्जिक प्रतिक्रिया या संक्रमण के संकेत हो सकते हैं, जिनका समय पर इलाज जरूरी है।
डॉ. जेम्स ओ’डोनोवन एक प्रशिक्षित चिकित्सक होने के साथ-साथ वैश्विक स्वास्थ्य क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। वह विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के तकनीकी सलाहकार, एक अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य संगठन में रिसर्च डायरेक्टर, न्यूयॉर्क के माउंट सीनाई स्कूल ऑफ मेडिसिन में असिस्टेंट क्लीनिकल प्रोफेसर तथा ब्रिटेन की राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा (NHS) में लाइसेंस प्राप्त डॉक्टर के रूप में कार्यरत हैं। स्वास्थ्य संबंधी उनकी सलाह वैज्ञानिक तथ्यों और चिकित्सा अनुसंधान पर आधारित होती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि बरसात के मौसम में घर और आसपास की जगहों को साफ-सुथरा रखना, कोनों में बने जालों की नियमित सफाई करना, नम स्थानों को सूखा रखना और बगीचे या खेतों में काम करते समय दस्ताने एवं पूरे कपड़े पहनना मकड़ियों से बचाव के प्रभावी उपाय हैं। सही जानकारी, सतर्कता और समय पर उपचार अपनाकर मकड़ी के काटने से होने वाली अधिकांश समस्याओं से आसानी से बचा जा सकता है।
