मुंबई: पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड को लगभग एक महीना पूरा होने वाला है, लेकिन पीड़ित परिवार का दर्द कम होने का नाम नहीं ले रहा है। मामले में हत्या के आरोप में केतन की मंगेतर सिया और उसके कथित बॉयफ्रेंड को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। जांच एजेंसियां मामले की कानूनी प्रक्रिया और पूछताछ में जुटी हैं, लेकिन परिवार का कहना है कि जब तक दोषियों को कड़ी सजा नहीं मिलती, तब तक उन्हें सच्चा न्याय नहीं मिलेगा।
इसी बीच केतन की मां राखी अग्रवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक भावुक पत्र लिखकर अपने बेटे के लिए न्याय की गुहार लगाई है। यह पत्र केवल एक कानूनी अपील नहीं, बल्कि उस मां की पीड़ा का दस्तावेज है जिसने अपने जवान बेटे को हमेशा के लिए खो दिया। पत्र में उन्होंने अपने टूटे हुए परिवार, बेटे के अधूरे सपनों और न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रखने के संकल्प को बेहद भावुक शब्दों में व्यक्त किया है।
राखी अग्रवाल ने अपने पत्र में लिखा कि उन्होंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि उन्हें अपने बेटे के लिए न्याय मांगने के लिए देश के प्रधानमंत्री को पत्र लिखना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि हर मां की तरह उन्होंने भी अपने बेटे के उज्ज्वल भविष्य के सपने देखे थे। वह चाहती थीं कि केतन की शादी हो, वह अपने परिवार के साथ खुशहाल जीवन बिताए और समय आने पर अपने माता-पिता का सहारा बने। लेकिन नियति ने उनसे उनका सबसे बड़ा सहारा छीन लिया।
उन्होंने लिखा कि किसी भी मां के लिए अपने बेटे की अर्थी को कंधा देना जीवन का सबसे बड़ा दुख होता है। केतन की निर्मम हत्या ने उनके जीवन की सारी खुशियां छीन लीं। आज घर का हर कोना उन्हें अपने बेटे की याद दिलाता है। उसका कमरा, उसके कपड़े, उसकी तस्वीरें और उसकी हंसी की गूंज अब केवल यादों तक सीमित रह गई है। जिस घर में कभी खुशियों की आवाज गूंजती थी, वहां अब केवल सन्नाटा और इंतजार बचा है।
राखी अग्रवाल ने अपने पत्र में एक और बड़े पारिवारिक दुख का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि केतन की मौत के केवल बीस दिन बाद उनके ससुर का भी निधन हो गया। उनके अनुसार दादा अपने पोते से बेहद स्नेह करते थे और केतन की मौत का सदमा वह सहन नहीं कर सके। इस प्रकार कुछ ही दिनों के भीतर परिवार ने दो पीढ़ियों को खो दिया। इस दोहरे आघात ने पूरे परिवार को भीतर तक तोड़कर रख दिया है।
पत्र में उन्होंने स्पष्ट किया कि वह किसी प्रकार की सहानुभूति, विशेष सुविधा या दया की मांग नहीं कर रही हैं। उनकी केवल एक ही मांग है—निष्पक्ष और त्वरित न्याय। उन्होंने कहा कि यदि अपराधियों को समय पर कड़ी सजा नहीं मिलती, तो समाज में गलत संदेश जाएगा और पीड़ित परिवार का विश्वास न्याय व्यवस्था से कमजोर होगा। उनका मानना है कि केतन अब कभी वापस नहीं आ सकता, लेकिन उसके हत्यारों को कानून के अनुसार कठोरतम दंड मिलना चाहिए ताकि भविष्य में कोई और परिवार इस तरह का दर्द न झेले।
प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में उन्होंने हाथ जोड़कर अनुरोध किया कि उनके बेटे के मामले को केवल एक सामान्य केस फाइल बनाकर न छोड़ दिया जाए। उन्होंने लिखा कि केतन किसी सरकारी रिकॉर्ड का एक नंबर नहीं था, बल्कि किसी का बेटा, किसी का पोता, किसी का भाई और पूरे परिवार की उम्मीद था। एक मां के लिए वह उसकी पूरी दुनिया था। उन्होंने कहा कि हर रात वह अपने बेटे की तस्वीर के सामने खड़ी होकर यही कहती हैं कि “बेटा, मां अभी भी तेरे लिए लड़ रही है।” उनकी सबसे बड़ी इच्छा है कि एक दिन वह अपने बेटे की तस्वीर के सामने यह कह सकें कि “बेटा, तुझे इंसाफ मिल गया।”
इस पूरे मामले के बीच केतन की मां का एक भावुक वीडियो भी सामने आया है, जिसने सोशल मीडिया पर लोगों को भावुक कर दिया। वीडियो में वह अपने बेटे की तस्वीर हाथ में लेकर रोती हुई नजर आती हैं। वह तस्वीर को निहारते हुए कहती हैं कि आज पूरा देश केतन को जानता है, लेकिन वह उनके लिए केवल एक नाम नहीं बल्कि उनकी पूरी जिंदगी था। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर उनके बेटे की क्या गलती थी और उसे इतनी बेरहमी से क्यों मार दिया गया।
वीडियो में उन्होंने कहा कि अगले महीने रक्षाबंधन का त्योहार आने वाला है। हर साल उनकी बेटी अपने भाई की कलाई पर राखी बांधती थी, लेकिन इस बार वह किसकी कलाई पर राखी बांधेगी। एक मां होने के साथ-साथ उन्हें अपनी बेटी के दर्द की भी चिंता है। उन्होंने भावुक होकर कहा कि वह अपनी बेटी को क्या जवाब देंगी, जो हर त्योहार पर अपने भाई को याद करेगी। उनका कहना है कि एक बेटे की मौत ने पूरे परिवार की खुशियां छीन ली हैं और अब हर त्योहार केवल दुख और खालीपन की याद दिलाएगा।
उन्होंने यह भी बताया कि केतन अपनी शादी को लेकर बेहद उत्साहित था। घर में विवाह की तैयारियों को लेकर खुशियों का माहौल था। वह अपने भविष्य के सपने देख रहा था और परिवार के साथ नई जिंदगी की शुरुआत करने वाला था। लेकिन अचानक हुई इस घटना ने सारी तैयारियां, सारे सपने और सारी उम्मीदें खत्म कर दीं। मां ने कहा कि आज भी उन्हें ऐसा महसूस होता है जैसे केतन उन्हें “मम्मी… मम्मी…” कहकर बुला रहा हो। घटना वाले दिन भी वह उनसे सामान्य तरीके से मिला था, दोनों ने साथ बैठकर खाना खाया था और किसी को यह अंदाजा नहीं था कि वह आखिरी मुलाकात होगी।
उन्होंने कहा कि एक महीना बीत चुका है, लेकिन उन्हें अब भी विश्वास नहीं होता कि उनका बेटा हमेशा के लिए जा चुका है। आज भी वह दरवाजे की ओर उम्मीद से देखती हैं, मानो केतन किसी भी क्षण घर लौट आएगा। लगातार रोते-रोते उनकी आंखों के आंसू जैसे सूख चुके हैं, लेकिन दिल का दर्द कम नहीं हुआ है।
इस मामले ने देशभर में लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में लोग पीड़ित परिवार के समर्थन में आवाज उठा रहे हैं और निष्पक्ष जांच के साथ दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि ऐसे मामलों में त्वरित न्याय न केवल पीड़ित परिवार को राहत देता है, बल्कि समाज में कानून के प्रति विश्वास भी मजबूत करता है।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं ताकि अदालत में मजबूत साक्ष्य प्रस्तुत किए जा सकें। वहीं, केतन का परिवार अब भी न्याय की प्रतीक्षा कर रहा है। एक मां की सबसे बड़ी इच्छा केवल इतनी है कि उसके बेटे के हत्यारों को कानून के अनुसार ऐसी सजा मिले, जिससे यह संदेश जाए कि किसी निर्दोष की जान लेने वालों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। परिवार को उम्मीद है कि न्याय की यह लड़ाई अंततः सफल होगी और केतन को इंसाफ अवश्य मिलेगा।
