By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
The Hill IndiaThe Hill IndiaThe Hill India
Notification Show More
Font ResizerAa
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Reading: CBSE का बड़ा फैसला: तीसरी भाषा में पास होना अब अनिवार्य, फेल होने पर नहीं मिलेगा 10वीं का पास सर्टिफिकेट
Share
Font ResizerAa
The Hill IndiaThe Hill India
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Search
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Have an existing account? Sign In
Follow US
The Hill India > Blog > देश > CBSE का बड़ा फैसला: तीसरी भाषा में पास होना अब अनिवार्य, फेल होने पर नहीं मिलेगा 10वीं का पास सर्टिफिकेट
देशफीचर्डशिक्षा

CBSE का बड़ा फैसला: तीसरी भाषा में पास होना अब अनिवार्य, फेल होने पर नहीं मिलेगा 10वीं का पास सर्टिफिकेट

The Hill India News
Last updated: July 14, 2026 8:03 am
The Hill India News
Published: July 14, 2026
Share
SHARE

नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत लागू की जा रही तीन-भाषा नीति (Three-Language Policy) को लेकर छात्रों, अभिभावकों और स्कूलों के बीच उठ रहे सवालों का विस्तृत जवाब जारी किया है। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि कक्षा 9वीं से लागू होने वाली तीसरी भाषा (R3) केवल औपचारिक विषय नहीं होगी, बल्कि इसमें पास होना प्रत्येक छात्र के लिए अनिवार्य होगा। यदि कोई छात्र इस विषय में निर्धारित मानकों के अनुसार उत्तीर्ण नहीं होता है, तो उसे CBSE की 10वीं कक्षा का पास प्रमाणपत्र (Pass Certificate) जारी नहीं किया जाएगा।

CBSE द्वारा जारी आधिकारिक FAQ (Frequently Asked Questions) के अनुसार, वर्ष 2026-27 में कक्षा 9वीं में प्रवेश लेने वाले छात्रों के लिए तीसरी भाषा का मूल्यांकन स्कूल स्तर पर किया जाएगा। इस विषय की कोई बोर्ड परीक्षा नहीं होगी और इसका आकलन पूरी तरह इंटरनल असेसमेंट के माध्यम से किया जाएगा। यानी संबंधित स्कूल के शिक्षक ही छात्रों के प्रदर्शन का मूल्यांकन करेंगे। हालांकि, इस मूल्यांकन को हल्के में नहीं लिया जा सकता, क्योंकि इसमें सफल होना 10वीं का प्रमाणपत्र प्राप्त करने की अनिवार्य शर्त होगी।

बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि कोई छात्र कक्षा 9वीं में तीसरी भाषा (R3) में असफल हो जाता है, तो उसे सीधे रोका नहीं जाएगा। ऐसे छात्र को कक्षा 10वीं में प्रमोट कर दिया जाएगा ताकि उसकी नियमित पढ़ाई प्रभावित न हो। लेकिन प्रमोशन का अर्थ यह नहीं होगा कि छात्र तीसरी भाषा में असफल रहने के बावजूद 10वीं पास मान लिया जाएगा। उसे कक्षा 10वीं के दौरान ही कक्षा 9वीं की तीसरी भाषा की परीक्षा या मूल्यांकन में सफल होना अनिवार्य होगा।

CBSE ने बताया कि यदि कोई छात्र कक्षा 10वीं के दौरान भी तीसरी भाषा में सफल नहीं हो पाता है, तो बोर्ड परीक्षा के परिणाम घोषित होने से पहले संबंधित स्कूल उसे एक और अवसर देगा। स्कूल स्तर पर पुनः मूल्यांकन या परीक्षा आयोजित की जाएगी, जिससे छात्र अपनी कमी को दूर कर सके। यदि छात्र इस अंतिम अवसर में भी सफल नहीं होता है, तो उसे 10वीं का पास प्रमाणपत्र जारी नहीं किया जाएगा। इस प्रकार बोर्ड ने स्पष्ट संदेश दिया है कि तीसरी भाषा अब केवल औपचारिक विषय नहीं बल्कि अनिवार्य शैक्षणिक आवश्यकता है।

बोर्ड ने कक्षा 7वीं और 8वीं में अध्ययनरत छात्रों के लिए भी भविष्य की व्यवस्था स्पष्ट की है। इन छात्रों को जब आगे चलकर कक्षा 9वीं और 10वीं में प्रवेश मिलेगा, तब उन्हें तीन भाषाओं का अध्ययन करना होगा, जिनमें कम से कम दो भारतीय भाषाएं शामिल होंगी। यदि किसी छात्र ने पहले से दो गैर-भारतीय भाषाओं का चयन किया हुआ है, तो उसे तीसरी भाषा के रूप में किसी भारतीय भाषा का अध्ययन करना अनिवार्य होगा। इन बैचों के लिए भी तीसरी भाषा का मूल्यांकन स्कूल स्तर पर ही किया जाएगा और बोर्ड परीक्षा नहीं होगी।

वहीं, वर्तमान में कक्षा 6वीं में अध्ययनरत छात्रों और उनके बाद आने वाले सभी बैचों के लिए नियम और अधिक व्यापक होंगे। इन छात्रों के लिए दो भारतीय भाषाओं का अध्ययन अनिवार्य रहेगा। जब यह बैच भविष्य में कक्षा 10वीं तक पहुंचेगा, तब उन्हें तीसरी भाषा (R3) की बोर्ड परीक्षा भी देनी होगी। यानी आने वाले वर्षों में भाषा शिक्षा का महत्व और अधिक बढ़ने वाला है।

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि नई व्यवस्था का उद्देश्य छात्रों पर अतिरिक्त परीक्षा का बोझ बढ़ाना नहीं, बल्कि भारतीय भाषाओं के अध्ययन को प्रोत्साहित करना है। चूंकि प्रारंभिक चरण में तीसरी भाषा का मूल्यांकन स्कूल स्तर पर होगा, इसलिए छात्रों को बोर्ड परीक्षा का अतिरिक्त दबाव नहीं रहेगा। वहीं, स्कूलों की जिम्मेदारी भी बढ़ जाएगी कि वे छात्रों को नियमित रूप से भाषा शिक्षण में सक्षम बनाएं और समय पर उनका मूल्यांकन करें।

CBSE ने सभी स्कूलों, अभिभावकों और छात्रों से अपील की है कि वे तीसरी भाषा को केवल औपचारिक विषय न समझें। छात्रों को पूरे शैक्षणिक सत्र के दौरान नियमित अध्ययन करना चाहिए, क्योंकि इसी के आधार पर उनका इंटरनल मूल्यांकन होगा। बोर्ड का कहना है कि इस नई व्यवस्था का उद्देश्य भारतीय भाषाओं को बढ़ावा देना, विद्यार्थियों की भाषाई दक्षता विकसित करना तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति के उद्देश्यों को प्रभावी रूप से लागू करना है।

नई गाइडलाइन के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षा में भले ही तीसरी भाषा का अलग प्रश्नपत्र न हो, लेकिन इस विषय में सफल हुए बिना CBSE का 10वीं पास प्रमाणपत्र प्राप्त करना संभव नहीं होगा। ऐसे में छात्रों और अभिभावकों को अभी से इस विषय को गंभीरता से लेना होगा, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की शैक्षणिक परेशानी का सामना न करना पड़े।

You Might Also Like

Big Breaking: CM केजरीवाल की गिरफ्तारी वाली याचिका पर, SC के दो जजों की बेंच सोमवार को करेगी सुनवाई
सरकारी नौकरी के नाम पर ठगी करने वाला रैकेट का भंडाफोड़, सेना के निलंबित जवान के खिलाफ केस दर्ज
मुंबई लोकल ट्रेन ब्लास्ट केस: सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के बरी करने के फैसले पर लगाई रोक
कभी प्रियंका गांधी के करीबी रहे आचार्च प्रमोद कृष्णम का बड़ा बयान, “राहुल गांधी को तो पाकिस्तान से चुनाव लड़ना चाहिए…”
उत्तराखण्ड : 100 करोड़ की लागत से बनेगा राफ़्टिंग बेस स्टेशन
TAGGED:CBSECBSE UpdateClass 10 BoardNEP 2020studentsThree Language Policy
Share This Article
Facebook Email Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
देशफीचर्ड

थोक महंगाई में फिर उछाल: जून में WPI बढ़कर 9.87% पहुंची, खाद्य वस्तुओं और पेट्रोलियम उत्पादों ने बढ़ाई आम जनता की चिंता

The Hill India News
The Hill India News
July 14, 2026
CBSE का बड़ा फैसला: तीसरी भाषा में पास होना अब अनिवार्य, फेल होने पर नहीं मिलेगा 10वीं का पास सर्टिफिकेट
हरिद्वार में रिश्तों को शर्मसार करने वाली घटना; 35 लाख नकद और लग्जरी कार न मिलने पर विवाहिता को पीटा, गंगा घाट पर दी जान से मारने की धमकी
Monsoon Rain Alert: मैदानी इलाकों में थमा मॉनसून फिर पकड़ेगा रफ्तार, उत्तराखंड-हिमाचल में ‘रेड अलर्ट’; दिल्ली समेत 18 राज्यों में आफत की बारिश की चेतावनी
कतर के ‘फादर अमीर’ शेख हमद के निधन पर भारत में आज एक दिवसीय राष्ट्रीय शोक, आधा झुका रहेगा तिरंगा; पीएम मोदी ने जताया गहरा दुख
Bankok Pub Fire: थाईलैंड की राजधानी में बड़ा हादसा, पब में आग लगने से 27 लोगों की जिंदा जलकर मौत; सोशल मीडिया पर खौफनाक वीडियो वायरल
ऋषिकेश–डोईवाला हाईवे पर 3000 से अधिक पेड़ों के प्रस्तावित कटान का विरोध तेज, कांग्रेस और सामाजिक संगठनों ने सात मोड़ पर किया प्रदर्शन
J&K में सियासी भूचाल: उमर अब्दुल्ला का बड़ा दावा- ‘NC विधायक को तोड़ने के लिए मिला ₹30 करोड़ और मंत्री पद का ऑफर’, BJP का पलटवार
देहरादून में ‘लोक संवर्धन पर्व’ का शंखनाद: उत्तराखंड बना केंद्र का पहला साझीदार, सीएम धामी और किरेन रिजिजू ने बढ़ाया शिल्पकारों का मान
सहसपुर में बोले सीएम धामी- सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटेगी जनता, अब खुद उनके द्वार पहुंचेगी सरकार
© The Hill India. All Rights Reserved | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?