देहरादून (सहसपुर)। लोकतंत्र में जनसेवा केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया भर नहीं, बल्कि आम नागरिक का विश्वास जीतने का माध्यम भी है। इसी मूलमंत्र को चरितार्थ करते हुए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को स्पष्ट किया कि राज्य सरकार का उद्देश्य शासन को जनता के और अधिक निकट लाना है।
श्री गुरु रामराय पब्लिक स्कूल, सहसपुर में ‘सेवा, सुशासन एवं समर्पण’ कार्यक्रम के तहत आयोजित ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ बहुउद्देशीय जनसेवा शिविर में प्रतिभाग करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “सरकार की प्राथमिकता है कि आमजन को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें, बल्कि सरकार खुद उनके दरवाजे तक पहुंचकर सेवाएं उपलब्ध कराए।”
प्रशासनिक दूरी घटी, जनता और शासन के बीच बढ़ा विश्वास
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में जनता ही सर्वोपरि है और सुशासन का असली अर्थ संवेदनशील, जवाबदेह एवं जनकेंद्रित प्रशासन देना है। ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान ने उत्तराखंड में शासन और जनता के बीच के फासले को मिटाया है।
उन्होंने आंकड़ों का उल्लेख करते हुए बताया कि अभियान के पहले चरण में प्रदेशभर में 65 दिनों के दौरान लगभग 700 जनसेवा शिविर आयोजित किए गए, जिनमें 5 लाख से अधिक नागरिकों की भागीदारी रही। केवल देहरादून जनपद के 46 शिविरों में ही 60 हजार से अधिक लोग पहुंचे, जहां लगभग 39 हजार नागरिकों की समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया गया।
वर्तमान में 4 जुलाई से शुरू हुए ‘सेवा पखवाड़े’ के दौरान अब तक 64 हजार से अधिक नागरिक शिविरों में पहुंच चुके हैं। इस अवधि में प्राप्त 5,567 जनसमस्याओं में से 4,951 का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जा चुका है। सहसपुर शिविर में भी 1,000 से अधिक लोगों ने पंजीकरण कराया, जिन्हें विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ दिया गया।
जनसमस्याओं पर तुरंत एक्शन: मौके पर ही दिए कड़े निर्देश
शिविर की सबसे खास बात मुख्यमंत्री का ऑन-द-स्पॉट फैसला लेने का अंदाज रहा। फरियादियों की बात सुनते ही मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई की हिदायत दी:
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सिलाई मशीन की मांग: स्थानीय निवासी बबली गुप्ता ने जूट बैग बनाने के लिए सिलाई मशीन का मांगपत्र दिया, जिस पर सीएम ने अधिकारियों को आज ही सिलाई मशीन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
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सोलर लाइट और श्मशान घाट: कारबारी ग्रांट में 30 सोलर लाइटों और भाऊवाला पुल के पास श्मशान घाट निर्माण की मांग पर एमडीडीए को 2 माह के भीतर कार्य पूरा करने का आदेश दिया।
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भूमि बंदोबस्त में राहत: अटकफार्म और सेंट्रल होपटाउन में बंदोबस्त कार्य न होने से आ रही दिक्कतों पर सचिव राजस्व को 15 दिन के भीतर समाधान का अल्टीमेटम दिया।
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स्वास्थ्य व बुनियादी सुविधाएं: सेलाकुईं में जल निकासी व सीसी मार्ग, शांति विहार में ओपन जिम/पार्क तथा ग्राम बडोवाला में डिस्पेंसरी व एंबुलेंस की मांग पर संबंधित विभागों को 1 माह के भीतर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
’21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य विकास के नए आयाम छू रहा है। सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, पर्यटन और हवाई कनेक्टिविटी जैसे हर क्षेत्र में तेजी से काम हुआ है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि यूसीसी (समान नागरिक संहिता) लागू कर उत्तराखंड ने सामाजिक न्याय की दिशा में ऐतिहासिक पहल की है। वहीं, पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया और देश के सबसे सख्त नकल विरोधी कानून के चलते 34 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां मिली हैं।
सहसपुर के बहुउद्देशीय शिविर में राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, स्थानीय विधायक सहदेव सिंह पुंडीर, जिलाधिकारी देहरादून डॉ. आशीष चौहान और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र डोभाल सहित तमाम वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
