नई दिल्ली / मुंबई / रांची: उत्तर से लेकर दक्षिण तक, देश के अधिकांश हिस्सों में मानसूनी गतिविधियां अब पूरी तरह से परवान चढ़ चुकी हैं। कहीं राहत की फुहारें बरस रही हैं, तो कहीं आफत का सैलाब आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर रहा है। ताजा Monsoon Update के अनुसार, देश की आर्थिक राजधानी मुंबई इस समय मानसून के सबसे तगड़े प्रहार का सामना कर रही है, जहां भारी बारिश के कारण हवाई यातायात को कुछ समय के लिए पूरी तरह रोकना पड़ा। दूसरी तरफ, देश की प्रशासनिक राजधानी दिल्ली, केरल, ओडिशा और झारखंड जैसे राज्यों में भी मौसम विभाग ने मौसम को लेकर गंभीर अलर्ट जारी किए हैं।
प्रकृति के बदलते तेवरों ने जहां एक तरफ झुलसाती गर्मी से लोगों को राहत दी है, वहीं दूसरी तरफ बुनियादी ढांचे और सुरक्षा व्यवस्था के सामने नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। आइए जानते हैं देश के प्रमुख राज्यों में मानसून की क्या स्थिति है।
मुंबई पर मानसून की सबसे तगड़ी मार: ‘रेड अलर्ट’ के बीच थमा हवाई सफर
इस मानसूनी सीजन में मायानगरी मुंबई पर प्रकृति का सबसे उग्र रूप देखने को मिला है। शनिवार रात से शुरू हुई मूसलाधार बारिश ने रविवार को रफ्तार पकड़ ली, जिसके बाद भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मुंबई के लिए ‘रेड अलर्ट’ को बरकरार रखा है। मौसम विभाग ने शहर के कुछ संवेदनशील इलाकों में अत्यधिक भारी बारिश का अनुमान जताया है।
एयरपोर्ट पर थमा परिचालन: रातभर हुई रिकॉर्ड तोड़ बारिश और 42 नॉट (लगभग 77 किमी/घंटा) की रफ्तार से चली तेज हवाओं के कारण दृश्यता (Visibility) बेहद कम हो गई। इसका सीधा असर छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पड़ा। मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड के मुताबिक, सुबह करीब 10.17 बजे दृश्यता शून्य के करीब पहुंचने से रनवे का संचालन लगभग एक घंटे तक पूरी तरह रोकना पड़ा।
इस व्यवधान के कारण यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। आंकड़ों के अनुसार, उड़ानों के प्रस्थान (Departure) में औसतन 75 मिनट और आगमन (Arrival) में कम से कम 28 मिनट की देरी दर्ज की गई। हालांकि, दोपहर में मौसम में थोड़ा सुधार होने के बाद हवाई पट्टी पर परिचालन को फिर से सामान्य कर दिया गया। आधिकारिक आंकड़ों की मानें तो पिछले 24 घंटों में मुंबई के कई हिस्सों में 200 मिमी से अधिक और कुछ विशेष पॉकेट्स में 300 मिमी तक भारी बारिश दर्ज की गई है, जिससे निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई है।
दिल्ली-NCR में बदला मौसम का मिजाज, उमस से मिली बड़ी राहत
मुंबई की आफत के उलट, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और उसके आस-पास के क्षेत्रों (NCR) में रविवार को हुई बारिश लोगों के लिए राहत का पैगाम लेकर आई। पिछले कई दिनों से भीषण उमस झेल रहे दिल्लीवासियों को इस मध्यम बारिश ने काफी सुकून दिया।
मौसम विभाग के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, दोपहर 2.30 बजे तक दिल्ली के छतरपुर इलाके में सबसे अधिक 49 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा एनसीआर और दिल्ली के अन्य प्रमुख क्षेत्रों में भी अच्छी बारिश दर्ज की गई, जिसका विवरण इस प्रकार है:
| क्षेत्र | दर्ज की गई बारिश (मिमी में) |
| छतरपुर | 49 मिमी |
| गुरुग्राम | 35 मिमी |
| महरौली | 18 मिमी |
| ग्रेटर नोएडा | 17 मिमी |
| नजफगढ़ | 8 मिमी |
| जनकपुरी | 7 मिमी |
IMD के पूर्वानुमान के मुताबिक, आने वाले दिनों में भी दिल्ली का आसमान आमतौर पर बादलों से घिरा रहेगा और मध्यम दर्जे की बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। इस दौरान दिल्ली का अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है, जिससे मौसम सुहावना बना रहेगा।
झारखंड के सभी 24 जिलों में ‘येलो अलर्ट’: वज्रपात और आंधी का खतरा
पूर्वी भारत की बात करें तो झारखंड में भी मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है। रांची मौसम केंद्र ने राज्य में सुरक्षा के लिहाज से 6 से 9 जुलाई तक सभी 24 जिलों के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों ने इस अवधि के दौरान तेज हवाएं चलने, गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली (वज्रपात) गिरने की आशंका जताई है।
विशेष रूप से सोमवार को गढ़वा, पलामू, चतरा, हजारीबाग, लातेहार, लोहरदगा, गुमला और रांची जैसे मध्य व उत्तर-पश्चिमी जिलों में भारी बारिश होने का अनुमान व्यक्त किया गया है। मौसम विभाग का कहना है कि अधिकांश हिस्सों में हल्के से मध्यम दर्जे की बारिश होगी, जिससे अगले दो-तीन दिनों में अधिकतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस की भारी गिरावट आ सकती है। किसानों और आम लोगों को आकाशीय बिजली से बचने के लिए खराब मौसम में खुले स्थानों पर न जाने की सलाह दी गई है।
केरल में भूस्खलन और बाढ़ की आहट: ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी
दक्षिण भारत के प्रवेश द्वार केरल में भी मानसून के पैर पसारने के साथ ही स्थिति गंभीर होती जा रही है। राज्य के अधिकांश हिस्सों में रविवार को मूसलाधार बारिश हुई, जिससे नदियां उफान पर हैं। मौसम विभाग ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कई जिलों में ‘ऑरेंज’ और ‘येलो’ अलर्ट जारी कर दिया है।
-
6 जुलाई (सोमवार): कन्नूर और कासरगोड जिलों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’।
-
7 जुलाई (मंगलवार): कोझिकोड, कन्नूर और कासरगोड के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ बरकरार रहेगा।
प्रशासन की चेतावनी: केरल राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (KSDMA) ने पहाड़ी और तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए विशेष गाइडलाइन जारी की है। भूस्खलन (Landslide), मिट्टी धंसने और अचानक आने वाली बाढ़ (Flash Floods) के प्रति संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को अलर्ट पर रहने और आवश्यकता पड़ने पर तुरंत सुरक्षित स्थानों या राहत शिविरों में जाने के निर्देश दिए गए हैं।
इस व्यापक Monsoon Update से साफ है कि देश के बड़े हिस्से में मानसून इस समय अपने चरम पर है। जहां यह कृषि कार्य के लिए एक अच्छी खबर है, वहीं शहरी इलाकों में जलभराव और पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन जैसी आपदाओं ने चिंता बढ़ा दी है। मौसम विभाग ने आम जनता से अपील की है कि वे स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी की जा रही चेतावनियों का पालन करें, जलभराव वाले रास्तों पर यात्रा करने से बचें और जलजनित बीमारियों के प्रति सतर्क रहें।
