नैनीताल: उत्तराखंड के विश्वप्रसिद्ध पर्यटन स्थल नैनीताल से एक बेहद हृदयविदारक और सिहरन पैदा करने वाली खबर सामने आ रही है। यहाँ के अत्यधिक व्यस्त रहने वाले मल्लीताल क्षेत्र में जल संस्थान के एक अनियंत्रित और बेकाबू ट्रक ने भारी तबाही मचाई है। ट्रक ने पहले तो सड़क पर चल रही एक कार को जोरदार टक्कर मारी और उसके बाद अनियंत्रित होते हुए सड़क किनारे चल रहे राहगीरों की भीड़ में जा घुसा। इस खौफनाक नैनीताल में सड़क हादसा के दौरान वहां से गुजर रहीं दिल्ली की दो महिला पर्यटक ट्रक के पहियों की चपेट में आ गईं, जिससे वे गंभीर रूप से कुचल गईं।
हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। स्थानीय लोगों और पुलिस की मुस्तैदी से दोनों लहूलुहान महिलाओं को तत्काल नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उन्हें तत्काल हायर सेंटर रेफर कर दिया है। इस घटना ने एक बार फिर पर्वतीय क्षेत्रों में सरकारी और भारी वाहनों के रखरखाव तथा उनके संचालन की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
मल्लीताल के पुराने घोड़ा स्टैंड पर पसरा सन्नाटा: ऐसे हुआ खौफनाक मंजर
प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, यह दर्दनाक वाकया मल्लीताल के पुराने घोड़ा स्टैंड के समीप घटित हुआ। दिल्ली से नैनीताल की खूबसूरत वादियों का लुत्फ उठाने आई मां-बेटी सड़क किनारे पैदल चल रही थीं। इसी दौरान जल संस्थान का एक भारी ट्रक अचानक अनियंत्रित हो गया। बताया जा रहा है कि ट्रक की रफ्तार तेज थी और उसके ब्रेक फेल होने या चालक के नियंत्रण खो देने के कारण वह सबसे पहले रास्ते में खड़ी एक मारुति वैन से जा टकराया।
चश्मदीदों का बयान: “टक्कर इतनी जोरदार थी कि वैन को धक्का मारने के बाद भी ट्रक थमा नहीं। ड्राइवर ने वाहन पर से पूरी तरह नियंत्रण खो दिया था। ट्रक तेजी से सड़क के किनारे मौजूद लोगों की तरफ बढ़ने लगा। लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे, लेकिन दुर्भाग्यवश वहां से गुजर रहीं दोनों महिला पर्यटक इसकी सीधी चपेट में आ गईं।”
यह हादसा इतना भयावह और रोंगटे खड़े कर देने वाला था कि ट्रक का भारी-भरकम पहिया एक महिला के हाथ और दूसरी महिला के पैर के ऊपर से गुजर गया, जिससे उनके अंग बुरी तरह कुचल गए। मौके पर मौजूद लोगों के मुताबिक, चारों तरफ खून बिखर गया और घायल महिलाओं की दर्दनाक चीखें सुनकर पूरा इलाका दहल उठा।
प्रशासनिक अमला और स्थानीय लोग आए आगे, बीडी पांडे अस्पताल में मची खलबली
घटना की भयावहता को देखते हुए आस-पास के दुकानदार, स्थानीय निवासी और राहगीर तुरंत मदद के लिए दौड़े। इसी बीच हादसे की भनक लगते ही नगर पालिका अध्यक्ष डॉ. सरस्वती खेतवाल और स्थानीय सभासद भी बिना वक्त गंवाए दलबल के साथ मौके पर पहुंच गए। स्थानीय लोगों और पुलिस प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से दोनों घायल महिलाओं को मलबे और ट्रक के नीचे से निकालकर एम्बुलेंस के जरिए तुरंत बीडी पांडे जिला अस्पताल पहुंचाया गया।
अस्पताल की प्रमुख चिकित्साधीक्षक (पीएमएस) डॉ. द्रौपदी गर्ब्याल ने मीडिया को बताया कि घायलों की पहचान दिल्ली निवासी रितु डांग (उम्र 42 वर्ष) और उनकी सुपुत्री भारवी (उम्र 20 वर्ष) के रूप में हुई है। दोनों ही मां-बेटी इस हादसे में अत्यंत गंभीर रूप से जख्मी हुई हैं। डॉ. गर्ब्याल के अनुसार:
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रितु डांग (42): शरीर के कई हिस्सों में गंभीर फ्रैक्चर और आंतरिक चोटें।
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भारवी (20): ट्रक के पहिये के नीचे आने से पैर और धड़ के निचले हिस्से में अत्यधिक क्रश इंजरी (कुचलने के घाव)।
अस्पताल के डॉक्टरों की टीम ने तुरंत उन्हें जीवन रक्षक प्राथमिक उपचार दिया, लेकिन घावों की गंभीरता, अत्यधिक रक्तस्राव और नाजुक स्थिति को देखते हुए उन्हें बेहतर और उच्च स्तरीय प्लास्टिक सर्जरी व ट्रॉमा उपचार के लिए तुरंत हायर सेंटर (सुशीला तिवारी अस्पताल, हल्द्वानी) के लिए रेफर कर दिया गया है।
जन संस्थान के वाहनों पर भड़के स्थानीय लोग; चालक ने किया आत्मसमर्पण
इस दर्दनाक नैनीताल में सड़क हादसा के बाद देवभूमि के शांत वातावरण में स्थानीय लोगों और व्यापारियों का गुस्सा फूट पड़ा। दुर्घटनास्थल पर सैकड़ों की संख्या में स्थानीय लोग और पर्यटक जमा हो गए, जिन्होंने जल संस्थान और स्थानीय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सरकारी विभागों के भारी वाहनों का समय पर फिटनेस टेस्ट नहीं होता है और कई बार अप्रशिक्षित या लापरवाही से वाहन चलाने वाले चालकों के हाथ में इन भारी ट्रकों की कमान सौंप दी जाती है, जिससे नैनीताल जैसे संवेदनशील पर्यटन क्षेत्रों में आम लोगों और पर्यटकों की जान हमेशा जोखिम में बनी रहती है।
दूसरी ओर, हादसे की सूचना मिलते ही मल्लीताल कोतवाली पुलिस की टीम सक्रिय हो गई। मामले की जानकारी देते हुए वरिष्ठ उपनिरीक्षक (SSO) दिनेश जोशी ने बताया कि पुलिस ने दुर्घटना करने वाले जल संस्थान के ट्रक को तुरंत कब्जे में ले लिया है। उन्होंने एक अहम जानकारी साझा करते हुए बताया कि हादसे के तुरंत बाद खौफनाक मंजर को देखकर और जनता के गुस्से से डरकर ट्रक चालक खुद ही भागकर सीधे कोतवाली पहुंच गया, जहाँ उसने आत्मसमर्पण कर दिया।
पुलिसिया जांच जारी, तहरीर के आधार पर होगी सख्त कानूनी कार्रवाई
एसएसआई दिनेश जोशी ने स्पष्ट किया कि चालक पुलिस की हिरासत में है और उससे पूछताछ की जा रही है। वाहन के तकनीकी पहलुओं जैसे ब्रेक फेलियर या स्टेयरिंग लॉक होने की संभावनाओं की जांच के लिए परिवहन विभाग के तकनीकी निरीक्षक को भी बुलाया जा रहा है।
पुलिस के अनुसार, पीड़ित परिवार दिल्ली का रहने वाला है और उनके अन्य परिजनों को इस अनहोनी की सूचना दे दी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जैसे ही घायलों या उनके परिजनों की तरफ से लिखित शिकायत (तहरीर) प्राप्त होती है, वैसे ही चालक के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने और जीवन को संकट में डालने की सुसंगत धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर सख्त वैधानिक कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। फिलहाल पुलिस पूरे इलाके में कानून व्यवस्था बनाए रखने और यातायात को सुचारू करने में जुटी हुई है।
