लखनऊ में भीषण बिजली संकट पर फूटा लोगों का गुस्सा, दुबग्गा में सड़क पर उतरे सैकड़ों लोग, सीतापुर हाईवे जाम कर किया प्रदर्शन

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ इन दिनों भीषण गर्मी और बिजली संकट की दोहरी मार झेल रही है। लगातार बढ़ते तापमान के बीच शहर के कई इलाकों में घंटों बिजली कटौती और लो-वोल्टेज की समस्या ने लोगों का जीवन मुश्किल कर दिया है। इसी बीच बुधवार रात राजधानी के दुबग्गा और आसपास के क्षेत्रों में बिजली संकट को लेकर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। करीब तीन घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रहने के बाद सैकड़ों की संख्या में लोग सड़क पर उतर आए और बिजली विभाग के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सीतापुर हाईवे जाम कर दिया और राजाजीपुरम स्थित पावर हाउस का घेराव भी किया।
जानकारी के मुताबिक शकुंतला मिश्रा पावर हाउस से जुड़े कई इलाकों में रात लगभग 10 बजे बिजली चली गई थी, जो देर रात करीब 1 बजे के बाद बहाल हो सकी। भीषण उमस और गर्मी के बीच तीन घंटे तक बिजली न आने से लोग बेहद परेशान हो गए। खासकर छोटे बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। नाराज लोगों ने आरोप लगाया कि यह कोई पहली घटना नहीं है, बल्कि पिछले कई दिनों से लगातार बिजली कटौती और लो-वोल्टेज की समस्या बनी हुई है।
बिजली संकट से प्रभावित इलाकों में हर्ष नगर, बुद्धेश्वर, नाजिम नगर, कुंदन बिहार, मायापुरम, सोना बिहार, जाहिद नगर, बादशाह खेड़ा, ज्ञानेंद्र बिहार, पिंक सिटी, जनता विहार कॉलोनी, सत्यम सिटी, मुनेश्वर पुरम और प्रभातपुरम जैसे इलाके शामिल रहे। इन क्षेत्रों के निवासियों का कहना है कि गर्मी बढ़ने के साथ बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। कई बार शिकायत दर्ज कराने के बावजूद बिजली विभाग की ओर से स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा।
बुधवार रात जैसे ही बिजली गुल हुई, लोगों ने पहले बिजली विभाग के अधिकारियों और हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करने की कोशिश की। लेकिन उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इससे लोगों का गुस्सा और बढ़ गया। धीरे-धीरे बड़ी संख्या में लोग घरों से बाहर निकल आए और बुद्धेश्वर के आलमनगर रोड पर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर बैठकर बिजली विभाग के खिलाफ नारेबाजी की और जल्द बिजली बहाल करने की मांग की।
स्थिति तब और तनावपूर्ण हो गई जब कुछ लोग राजाजीपुरम स्थित बिजली घर पहुंच गए और वहां घेराव शुरू कर दिया। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने आरोप लगाया कि बिजली कर्मचारी ताला लगाकर फरार हो गए थे और कोई अधिकारी मौके पर मौजूद नहीं था। लोगों का कहना था कि जब भी बिजली कटौती होती है, अधिकारी फोन उठाना बंद कर देते हैं और जनता को कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी जाती।
सीतापुर हाईवे पर जाम लगने से देर रात यातायात भी प्रभावित हुआ। कई वाहन लंबे समय तक फंसे रहे। स्थानीय पुलिस को जैसे ही स्थिति की जानकारी मिली, तुरंत मौके पर पुलिस बल भेजा गया। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रहे लोगों को समझाने का प्रयास किया और स्थिति को नियंत्रित किया। काफी देर तक बातचीत और आश्वासन के बाद लोगों ने सड़क से जाम हटाया।
प्रदर्शन कर रहे लोगों ने कहा कि बिजली कटौती के कारण केवल पंखे और कूलर बंद नहीं होते, बल्कि पानी की समस्या भी गंभीर हो जाती है। बिजली न रहने से मोटर और पानी के पंप नहीं चल पाते, जिससे घरों में पानी की सप्लाई रुक जाती है। लोगों ने बताया कि गर्मी के इस मौसम में बिजली और पानी दोनों की समस्या ने हालात बेहद खराब कर दिए हैं। कई घरों में छोटे बच्चे और बुजुर्ग पूरी रात जागने को मजबूर रहे।
स्थानीय निवासियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो वे बड़ा आंदोलन करेंगे। लोगों का कहना है कि राजधानी में रहने के बावजूद उन्हें बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार और बिजली विभाग से मांग की कि लो-वोल्टेज और बार-बार बिजली कटौती की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए।
वहीं बिजली विभाग की ओर से जारी बयान में कहा गया कि तकनीकी खराबी के कारण बिजली आपूर्ति बाधित हुई थी। विभाग के अधिकारियों ने दावा किया कि कर्मचारियों ने रातभर काम कर खराबी को दूर किया और देर रात बिजली आपूर्ति सामान्य कर दी गई। विभाग ने यह भी कहा कि गर्मी के कारण बिजली की मांग अचानक बढ़ गई है, जिससे कुछ इलाकों में तकनीकी दबाव बढ़ रहा है।
हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि हर बार तकनीकी खराबी का हवाला देकर जिम्मेदारी से बचा नहीं जा सकता। उनका आरोप है कि बिजली व्यवस्था के रखरखाव और सुधार पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा। लगातार बढ़ती गर्मी के बीच राजधानी में बिजली संकट अब बड़ा जनसरोकार बनता जा रहा है।
लखनऊ में हुए इस विरोध प्रदर्शन ने एक बार फिर प्रदेश की बिजली व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ने की संभावना है, ऐसे में यदि बिजली आपूर्ति को मजबूत नहीं किया गया तो लोगों की परेशानियां और बढ़ सकती हैं। फिलहाल प्रशासन और बिजली विभाग स्थिति सामान्य होने का दावा कर रहे हैं, लेकिन लोगों में नाराजगी अभी भी बनी हुई है।



