
उत्तराखंड सरकार में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी एक बार फिर अपने सख्त और सक्रिय कार्यशैली को लेकर चर्चाओं में हैं। इस बार उन्होंने मसूरी में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। मंत्री गणेश जोशी ने मसूरी माल रोड और मोतीलाल नेहरू मार्ग का निरीक्षण किया, जहां सड़क की बदहाल स्थिति और निर्माण कार्यों में भारी लापरवाही देखकर उन्होंने अधिकारियों पर नाराजगी जताई। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि जनता के पैसे से किए गए विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
दरअसल, मसूरी का मोतीलाल नेहरू मार्ग लंबे समय से खराब हालत में है। सड़क पर जगह-जगह गड्ढे और क्षतिग्रस्त हिस्से स्थानीय लोगों और पर्यटकों के लिए परेशानी का कारण बने हुए हैं। इसी को लेकर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी खुद मौके पर पहुंचे और पूरे क्षेत्र का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता राजेश कुमार को सख्त निर्देश दिए।
मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि लगभग तीन करोड़ रुपये की लागत से मोतीलाल नेहरू मार्ग का निर्माण कराया गया था, लेकिन सड़क की वर्तमान स्थिति देखकर साफ लगता है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता का पूरी तरह ध्यान नहीं रखा गया। उन्होंने अधिकारियों से पूछा कि आखिर इतनी बड़ी राशि खर्च होने के बावजूद सड़क इतनी जल्दी कैसे खराब हो गई। मंत्री ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि जनता की सुविधा से खिलवाड़ करने वाले अधिकारियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
निरीक्षण के दौरान मंत्री ने सड़क की तत्काल मरम्मत कराने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने सड़क किनारे सुरक्षा रेलिंग लगाने, ब्लॉक नालियों की मरम्मत और कल्वर्ट निर्माण कार्यों को भी बरसात शुरू होने से पहले पूरा करने को कहा। उन्होंने कहा कि मसूरी पर्यटन नगरी है और यहां हर साल बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं। ऐसे में खराब सड़कें न केवल स्थानीय लोगों के लिए परेशानी हैं, बल्कि इससे पर्यटन की छवि भी प्रभावित होती है।
गणेश जोशी ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि बरसात शुरू होने से पहले सभी जरूरी कार्य पूरे कर लिए जाएं, ताकि लोगों को किसी प्रकार की दिक्कत का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि यदि बारिश के दौरान सड़कें और नालियां सही स्थिति में नहीं रहीं तो इससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए सभी विभाग समय रहते जरूरी काम पूरे करें।
कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने अधिकारियों को दो टूक शब्दों में चेतावनी दी कि यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आई तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार विकास कार्यों के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है और जनता को उसका लाभ मिलना चाहिए। किसी भी अधिकारी की लापरवाही के कारण सरकारी धन की बर्बादी स्वीकार नहीं की जाएगी।
सड़क निरीक्षण के बाद मंत्री गणेश जोशी ने मसूरी स्थित उप जिला चिकित्सालय का भी औचक निरीक्षण किया। यहां उन्होंने अस्पताल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और मरीजों से बातचीत कर उनका हालचाल जाना। मंत्री ने अस्पताल में भर्ती मरीजों से पूछा कि उन्हें इलाज और सुविधाओं को लेकर किसी प्रकार की परेशानी तो नहीं हो रही है। इसके अलावा उन्होंने अस्पताल में उपलब्ध दवाइयों और स्वास्थ्य सेवाओं की भी जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान मंत्री ने अस्पताल प्रबंधन और चिकित्सकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि मरीजों को किसी प्रकार की अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि अस्पताल में दवाइयां उपलब्ध हैं तो मरीजों को बाहर से दवाइयां लिखना गलत है। मरीजों को सरकारी अस्पताल में बेहतर इलाज और सभी जरूरी सुविधाएं मिलनी चाहिए।
गणेश जोशी ने यह भी कहा कि यदि अस्पताल में संसाधनों की कोई कमी है तो उसकी जानकारी शासन स्तर तक पहुंचाई जाए, ताकि समय रहते समस्या का समाधान किया जा सके। उन्होंने अस्पताल प्रशासन को निर्देश दिए कि मरीजों की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और इलाज में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
अस्पताल निरीक्षण के दौरान स्टाफ नर्सों और कर्मचारियों ने मंत्री के सामने फोर्थ क्लास कर्मचारियों की कमी का मुद्दा भी उठाया। कर्मचारियों ने बताया कि अस्पताल में पर्याप्त सफाईकर्मी और अन्य सहयोगी स्टाफ नहीं होने के कारण कामकाज प्रभावित हो रहा है और मौजूदा कर्मचारियों पर अतिरिक्त दबाव बढ़ रहा है।
इस पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कर्मचारियों को आश्वासन दिया कि वह जल्द ही स्वास्थ्य सचिव से इस विषय पर चर्चा करेंगे और अस्पताल में पर्याप्त स्टाफ उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाना सरकार की प्राथमिकता है और कर्मचारियों की कमी जल्द दूर की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान अस्पताल में बने पांच बेड के आईसीयू को लेकर भी चर्चा हुई। अस्पताल प्रबंधन ने मंत्री को बताया कि विशेषज्ञ डॉक्टरों और प्रशिक्षित स्टाफ की कमी के कारण अभी तक आईसीयू का संचालन शुरू नहीं हो पाया है। इस पर मंत्री ने नाराजगी जताते हुए कहा कि आईसीयू जैसी महत्वपूर्ण सुविधा का बंद रहना गंभीर विषय है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जल्द से जल्द विशेषज्ञ डॉक्टरों और जरूरी स्टाफ की व्यवस्था कर आईसीयू को चालू किया जाए।
कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी के इस दौरे को प्रशासनिक सक्रियता और जवाबदेही के तौर पर देखा जा रहा है। सड़क से लेकर अस्पताल तक, उन्होंने हर विभाग को साफ संदेश दिया कि जनता की समस्याओं को नजरअंदाज करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी और विकास कार्यों में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।



