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दिल्ली हज कमेटी की शानदार पहल: PM मोदी की अपील पर बसों को छोड़ मेट्रो से एयरपोर्ट पहुंचे यात्री, ईंधन बचाने की अनूठी मुहिम

नई दिल्ली: देश की राजधानी में इस बार हज यात्रा के इतिहास में एक बेहद प्रगतिशील और अनुकरणीय अध्याय जोड़ा गया है। पवित्र हज यात्रा पर सऊदी अरब के मक्का शहर जा रहे जायरीनों को विदा करने के पारंपरिक तौर-तरीकों में एक बड़ा और सकारात्मक बदलाव देखने को मिला है। दिल्ली राज्य हज कमेटी ने ईंधन संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा और सार्वजनिक परिवहन के उपयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक अभूतपूर्व निर्णय लिया है।

इस साल पवित्र यात्रा पर जा रहे हज यात्रियों को पारंपरिक बसों या बड़े निजी वाहनों के वीआईपी काफिलों के बजाय दिल्ली मेट्रो के माध्यम से इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGI Airport) तक पहुंचाया गया। इस सराहनीय दिल्ली हज कमेटी मेट्रो पहल के पीछे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देशवासियों से की गई वह विशेष अपील है, जिसमें उन्होंने व्यक्तिगत और सामाजिक जीवन में मितव्ययता अपनाने तथा सार्वजनिक परिवहन तंत्र को प्राथमिकता देने की बात कही थी।


पीएम मोदी की आत्मनिर्भर और पर्यावरण-अनुकूल भारत की अपील का असर

दरअसल, पिछले दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र के नाम अपने संबोधन और विभिन्न मंचों से देशवासियों से एक खास आग्रह किया था। पीएम मोदी ने कहा था कि वैश्विक स्तर पर बढ़ते ईंधन संकट का मुकाबला करने और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए यह बेहद जरूरी है कि हम अपने व्यक्तिगत और सामाजिक जीवन में अनावश्यक खर्चों में कटौती करें। उन्होंने नागरिकों से अपील की थी कि वे अपने दैनिक और सामाजिक जीवन में ईंधन बचाने के लिए मेट्रो और भारतीय ट्रेनों जैसे सार्वजनिक परिवहन साधनों के उपयोग को प्राथमिकता दें।

प्रधानमंत्री की इसी राष्ट्रभक्ति की भावना और दूरदर्शी अपील को अमलीजामा पहनाते हुए दिल्ली हज कमेटी ने एक दूरगामी फैसला लिया। कमेटी ने निर्णय लिया कि इस बार रामलीला मैदान से हवाई अड्डे तक का सफर बसों के प्रदूषणकारी धुएं और दिल्ली के ट्रैफिक जाम के बीच तय नहीं होगा, बल्कि इसके लिए देश की सबसे आधुनिक और तेज परिवहन प्रणालियों में से एक, दिल्ली मेट्रो की एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन का सहारा लिया जाएगा। इस पहल का सीधा उद्देश्य देश में ईंधन की भारी बचत करना, कार्बन उत्सर्जन को कम कर पर्यावरण का संरक्षण करना और आम जनता के बीच सार्वजनिक परिवहन के प्रति सकारात्मक जागरूकता पैदा करना है।


रामलीला मैदान से टर्मिनल-3: ऐसे सुगम और इको-फ्रेंडली बना पवित्र सफर

हज कमेटी द्वारा जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, कमेटी ने ईंधन की बचत और सार्वजनिक परिवहन प्रणालियों की उपयोगिता को सिद्ध करने की प्रधानमंत्री की भावना का सम्मान करते हुए यह कदम उठाया है। हज यात्रा 2026 के अंतर्गत जाने वाले यात्रियों के लिए दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में राज्य हज कमेटी द्वारा एक विशाल और सर्वसुविधायुक्त हज शिविर (कैंप) लगाया गया है।

शुक्रवार को इस कैंप से रवाना होने वाले जत्थों को सबसे पहले नई दिल्ली मेट्रो स्टेशन लाया गया। यहाँ से सभी जायरीनों को दिल्ली मेट्रो की विशेष ‘एयरपोर्ट एक्सप्रेस-वे-मेट्रो’ (Airport Express Line) के जरिए सीधे इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल-3 तक पहुंचाया गया। बयान में इस बात को विशेष रूप से रेखांकित किया गया कि इससे पहले के वर्षों में कमेटी द्वारा हज यात्रियों को रामलीला मैदान से एयरपोर्ट तक ले जाने के लिए दर्जनों बड़ी बसों का इस्तेमाल किया जाता था, जिससे न केवल भारी मात्रा में ईंधन की खपत होती थी, बल्कि दिल्ली की व्यस्त सड़कों पर यातायात का दबाव और प्रदूषण भी बढ़ता था। मेट्रो के चयन से यह पूरा सफर बेहद सुगम, वातानुकूलित और समय की बचत करने वाला साबित हुआ।


18 अप्रैल से जारी है रवानगी का सिलसिला; अध्यक्ष कौसर जहां ने जताया आभार

दिल्ली राज्य हज कमेटी की अध्यक्ष कौसर जहां ने इस ऐतिहासिक पहल पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि देश के प्रधानमंत्री की ऊर्जा और ईंधन बचाने की अपील का ईमानदारी से पालन करना हर सच्चे नागरिक और संस्था का परम कर्तव्य है। उन्होंने स्पष्ट किया कि दिल्ली हज कमेटी राष्ट्र निर्माण और पर्यावरण संरक्षण के ऐसे हर प्रयास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

“इस्लाम के पांच बुनियादी स्तंभों में से एक ‘हज’ की यह पवित्र यात्रा जितनी रूहानी है, उतनी ही सामाजिक रूप से भी जिम्मेदार होनी चाहिए। मेट्रो से यात्रा कर हमारे हज यात्रियों ने देश के सामने मितव्ययता और नागरिक कर्तव्यों का एक शानदार उदाहरण पेश किया है।” — कौसर जहां, अध्यक्ष, दिल्ली हज कमेटी

कौसर जहां ने बताया कि दिल्ली से सऊदी अरब के पवित्र शहर मक्का के लिए हज यात्रियों की रवानगी का सिलसिला पिछले 18 अप्रैल से लगातार पूरी गरिमा और उत्साह के साथ चल रहा है। उन्होंने यह भी साझा किया कि इस वर्ष हज का मुख्य आयोजन ईद-उल-अज़हा (बकरीद) के मुबारक मौके पर किया जा रहा है, जो कि इस महीने के अंत में निर्धारित है। ऐसे में समय से पहले सभी यात्रियों की सुरक्षित और आधुनिक ढंग से रवानगी सुनिश्चित करने में दिल्ली मेट्रो का सहयोग बेहद सराहनीय रहा है।


सांस्कृतिक और प्रशासनिक हलकों में सराहना, बनेगा भविष्य का मॉडल

दिल्ली हज कमेटी द्वारा उठाए गए इस कदम की राष्ट्रीय स्तर पर सराहना हो रही है। राजनीतिक, सामाजिक और प्रशासनिक विश्लेषकों का मानना है कि धार्मिक आयोजनों में आधुनिक और हरित (Green) तकनीकों का ऐसा समावेश देश के बदलते मिजाज को दर्शाता है। दिल्ली मेट्रो की एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन से यात्रा करने के कारण हज यात्रियों को दिल्ली के कुख्यात ट्रैफिक जाम से भी मुक्ति मिली, जिससे वे बिना किसी मानसिक तनाव या थकान के, समय से पहले हवाई अड्डे पहुंच गए।

इस अनूठी पहल ने यह भी साबित कर दिया है कि यदि इच्छाशक्ति मजबूत हो, तो बड़े से बड़े पारंपरिक आयोजनों को भी पर्यावरण-अनुकूल और किफायती बनाया जा सकता है। दिल्ली हज कमेटी की इस सूझबूझ भरी व्यवस्था को देश के अन्य राज्यों की हज कमेटियों और अन्य धार्मिक संगठनों के लिए भी एक बेहतरीन ‘रोल मॉडल’ के रूप में देखा जा रहा है।

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