
NEET 2026 पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में उठे सवालों के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan ने बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगले साल से NEET परीक्षा को पूरी तरह कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) मोड में आयोजित करने की तैयारी की जा रही है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि मौजूदा OMR आधारित प्रणाली की तुलना में CBT सिस्टम अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और तकनीकी रूप से मजबूत है।
नई दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में शिक्षा मंत्री ने कहा कि 3 मई को आयोजित हुई NEET परीक्षा के बाद 7 मई को यह जानकारी सामने आई कि कथित “गेस पेपर” में शामिल कई सवाल परीक्षा में पूछे गए थे। इस सूचना के बाद सरकार और NTA ने तत्काल कार्रवाई शुरू की। प्रारंभिक जांच के बाद मामला संबंधित जांच एजेंसियों को सौंप दिया गया और 12 मई को परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया गया।
धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि परीक्षा रद्द करने का निर्णय छात्रों के हित को ध्यान में रखते हुए लिया गया। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा माफियाओं के खिलाफ सख्त कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है और किसी भी तरह की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मंत्री ने यह भी बताया कि मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI द्वारा की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि NEET जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में पारदर्शिता बनाए रखना सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। इसी कारण अगले साल से कंप्यूटर आधारित परीक्षा प्रणाली लागू करने पर जोर दिया जा रहा है। उनके अनुसार CBT मोड में पेपर लीक की संभावना काफी कम हो जाती है, क्योंकि प्रश्नपत्र डिजिटल माध्यम से नियंत्रित तरीके से उपलब्ध कराया जाता है।
शिक्षा मंत्री ने दोबारा आयोजित होने वाली NEET परीक्षा को लेकर भी कई अहम जानकारियां दीं। उन्होंने बताया कि री-एग्जाम 21 जून को आयोजित किया जाएगा। परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजकर 15 मिनट तक चलेगी। इस बार छात्रों को 15 मिनट का अतिरिक्त समय भी दिया जाएगा ताकि वे बिना तनाव के प्रश्नपत्र पढ़ सकें और उत्तर दे सकें।
धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि छात्रों को उनकी पसंद का परीक्षा केंद्र और शहर चुनने की सुविधा भी दी जाएगी। 14 जून तक एडमिट कार्ड जारी कर दिए जाएंगे ताकि विद्यार्थियों को तैयारी और यात्रा संबंधी किसी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने यह भी कहा कि परीक्षा रद्द होने और दोबारा परीक्षा कराने के कारण छात्रों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े, इसके लिए NTA फीस वापसी की प्रक्रिया भी शुरू करेगा।
शिक्षा मंत्री ने साइबर अपराध को आज के समय की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक बताया। उन्होंने जानकारी दी कि NEET से जुड़ी भ्रामक और संदिग्ध सामग्री सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और WhatsApp के जरिए फैलायी गई थी। सरकार ने अब तक 120 टेलीग्राम चैनलों को ब्लॉक किया है, जिन पर पेपर लीक और गेस पेपर से संबंधित सामग्री साझा की जा रही थी।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि आने वाले समय में परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ी फैलाने वाले लोगों को भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। सरकार तकनीक का इस्तेमाल कर शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में काम कर रही है।
धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि NTA सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद गठित की गई संस्था है और हर साल लगभग एक करोड़ छात्रों की परीक्षाएं आयोजित करती है। ऐसे में परीक्षा प्रणाली को अधिक भरोसेमंद और सुरक्षित बनाना बेहद जरूरी है। उन्होंने समाज और अभिभावकों से भी अपील की कि वे गलत प्रथाओं को बढ़ावा न दें और ईमानदार परीक्षा व्यवस्था का समर्थन करें।
NEET 2026 विवाद के बाद सरकार द्वारा लिया गया यह फैसला देश की परीक्षा प्रणाली में बड़े बदलाव का संकेत माना जा रहा है। अब सभी की नजरें 21 जून को होने वाली दोबारा परीक्षा और अगले साल लागू होने वाली ऑनलाइन परीक्षा व्यवस्था पर टिकी हुई हैं।



