
पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और वैश्विक तनाव के बीच भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों, गैस सप्लाई और संभावित लॉकडाउन को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं चल रही थीं. सोशल मीडिया पर यह दावा किया जा रहा था कि आने वाले दिनों में देश में ईंधन संकट गहरा सकता है और सरकार को कड़े कदम उठाने पड़ सकते हैं. इन सभी अटकलों पर अब केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप पुरी ने बड़ा बयान देकर स्थिति साफ कर दी है.
दिल्ली में आयोजित CII समिट के दौरान मंत्री हरदीप पुरी ने साफ शब्दों में कहा कि देश में न तो तेल की कोई कमी है और न ही किसी तरह का लॉकडाउन लगाने की तैयारी चल रही है. उन्होंने अफवाह फैलाने वालों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि लोगों को भ्रमित करने वाली खबरों पर भरोसा नहीं करना चाहिए. सरकार पूरी तरह स्थिति पर नजर बनाए हुए है और आम जनता को घबराने की जरूरत नहीं है.
“कल कोई लॉकडाउन नहीं लगने जा रहा”
पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर यह चर्चा तेज थी कि मिडिल ईस्ट में युद्ध बढ़ने के कारण भारत में फिर से लॉकडाउन जैसी स्थिति बन सकती है. इस पर जवाब देते हुए मंत्री पुरी ने कहा कि यह पूरी तरह निराधार और काल्पनिक बातें हैं. उन्होंने कहा, “कल कोई लॉकडाउन नहीं लगने जा रहा है. ऐसी अफवाहों का सच से कोई लेना-देना नहीं है.”
उन्होंने लोगों से अपील की कि वे केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें और फर्जी खबरों से बचें. सरकार के अनुसार, देश की ऊर्जा व्यवस्था मजबूत है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त तैयारी की गई है.
भारत के पास कितना तेल और गैस भंडार?
हरदीप पुरी ने देश के ऊर्जा भंडार से जुड़े आंकड़े भी साझा किए. उन्होंने बताया कि भारत के पास फिलहाल पर्याप्त मात्रा में कच्चा तेल, एलएनजी और एलपीजी मौजूद है, जिससे आने वाले कई सप्ताह तक किसी तरह की दिक्कत नहीं होगी.
सरकार के अनुसार वर्तमान में भारत के पास:
- लगभग 60 दिनों का कच्चे तेल (Crude Oil) का स्टॉक मौजूद है
- 60 दिनों का LNG बैकअप उपलब्ध है
- करीब 45 दिनों का LPG यानी रसोई गैस भंडार सुरक्षित है
मंत्री ने बताया कि इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी के मानकों के अनुसार सदस्य देशों के पास कम से कम 90 दिनों का ऊर्जा भंडार होना चाहिए. भारत फिलहाल 76 दिनों के संयुक्त ऊर्जा भंडारण स्तर तक पहुंच चुका है और आने वाले समय में इसे और बढ़ाने की योजना है.
हॉर्मुज जलडमरूमध्य संकट के बावजूद गैस सप्लाई सामान्य
मिडिल ईस्ट में तनाव के कारण सबसे ज्यादा चिंता हॉर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर जताई जा रही है, क्योंकि दुनिया के बड़े हिस्से में तेल और गैस की सप्लाई इसी मार्ग से होती है. भारत की करीब 60 प्रतिशत रसोई गैस सप्लाई भी इसी रास्ते से आती रही है.
इस संभावित खतरे को देखते हुए भारत सरकार ने घरेलू उत्पादन क्षमता में बड़ा इजाफा किया है. मंत्री पुरी ने बताया कि देश में LPG उत्पादन को 36,000 मीट्रिक टन से बढ़ाकर 54,000 मीट्रिक टन कर दिया गया है. इससे आयात पर निर्भरता कम होगी और संकट के समय भी सप्लाई बनी रहेगी.
उन्होंने कहा कि देश के किसी भी हिस्से में गैस या तेल की कमी नहीं है और आम लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है.
कंपनियों को भारी घाटा, फिर भी नहीं बढ़े दाम
पेट्रोल-डीजल की कीमतों को लेकर भी केंद्रीय मंत्री ने बड़ा खुलासा किया. उन्होंने कहा कि पिछले चार वर्षों से सरकार ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद आम जनता पर अतिरिक्त बोझ नहीं डाला है.
मंत्री के अनुसार सरकारी तेल कंपनियां हर दिन लगभग 1,000 करोड़ रुपये का नुकसान उठा रही हैं. कुल अंडर-रिकवरी यानी घाटा करीब 1.98 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है. इसके बावजूद सरकार ने पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस के दामों में बड़ी बढ़ोतरी नहीं की.
हरदीप पुरी ने कहा कि 2022 के बाद कई चुनाव हुए, लेकिन इसके बावजूद ईंधन की कीमतें स्थिर रखी गईं. उन्होंने कहा कि कई देशों में युद्ध और महंगाई के कारण ईंधन की कीमतों में भारी उछाल देखा गया, लेकिन भारत ने जनता को राहत देने की कोशिश की है.
बदल सकती है लोगों की जीवनशैली
मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संदेश का जिक्र करते हुए कहा कि वैश्विक युद्धों और आर्थिक संकटों का असर पूरी दुनिया पर पड़ रहा है. भारत भी इससे पूरी तरह अछूता नहीं है. अगर यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है तो भविष्य में लोगों को अपनी जीवनशैली में कुछ बदलाव करने पड़ सकते हैं.
उन्होंने संकेत दिया कि ऊर्जा संरक्षण, वैकल्पिक ईंधन और घरेलू संसाधनों के बेहतर उपयोग पर आने वाले समय में ज्यादा जोर दिया जाएगा. सरकार लगातार ग्रीन एनर्जी, एथेनॉल ब्लेंडिंग और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी जैसे क्षेत्रों में काम कर रही है ताकि आयातित तेल पर निर्भरता कम की जा सके.
भारत बना दुनिया का बड़ा रिफाइनिंग हब
हरदीप पुरी ने कहा कि तमाम वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत ने ऊर्जा क्षेत्र में बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं. आज भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा रिफाइनर बन चुका है और पेट्रोलियम उत्पादों का चौथा सबसे बड़ा निर्यातक भी है.
उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों और ऊर्जा क्षेत्र में निवेश के कारण भारत ने कठिन परिस्थितियों को अवसर में बदलने का काम किया है. आने वाले वर्षों में देश अपनी ऊर्जा सुरक्षा को और मजबूत करेगा.
कुल मिलाकर केंद्र सरकार ने साफ कर दिया है कि देश में फिलहाल पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कोई कमी नहीं है. लॉकडाउन की खबरों को भी पूरी तरह अफवाह बताया गया है. हालांकि वैश्विक हालात चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं, लेकिन सरकार का दावा है कि आम लोगों पर इसका असर कम से कम पड़े, इसके लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं।



