उत्तराखंडफीचर्ड

देहरादून में बड़ा खुलासा: कांग्रेस नेता का निजी सचिव बताकर 25 लाख की ठगी करने वाला अंतरराज्यीय ठग गिरोह का सरगना गिरफ्तार

देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। थाना राजपुर पुलिस ने एक ऐसे अंतरराज्यीय ठग गिरोह के सरगना को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है, जो बड़े राजनीतिक दलों के वरिष्ठ नेताओं और पदाधिकारियों का करीबी बताकर लोगों को ठगी का शिकार बनाता था। आरोपी ने खुद को राष्ट्रीय स्तर के एक बड़े कांग्रेस नेता का निजी सचिव बताकर महिला जनप्रतिनिधि से 25 लाख रुपये की ठगी की थी। इस घटना के बाद से ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया था।

पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह गिरोह न केवल उत्तराखंड बल्कि राजस्थान, बिहार और पंजाब सहित देश के कई राज्यों में सक्रिय था और नेताओं को पद व टिकट दिलाने के नाम पर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी कर चुका है।

क्या है पूरा मामला?

प्राप्त जानकारी के अनुसार, देहरादून के राजपुर थाना क्षेत्र की रहने वाली जनप्रतिनिधि भावना पांडे ने थाने में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। अपनी शिकायत में उन्होंने बताया कि कनिष्क सिंह नाम के एक व्यक्ति ने खुद को कांग्रेस पार्टी के एक वरिष्ठ पदाधिकारी का निजी सचिव बताकर उनसे संपर्क किया। आरोपी ने उत्तराखंड राज्य में सर्वे और पार्टी में महत्वपूर्ण पद दिलाने का झांसा देकर उनसे 25 लाख रुपये की मांग की।

पीड़िता के अनुसार, 13 अप्रैल को आरोपी ने अपने एक साथी को पीड़िता के आवास ‘पीनाकिल रेजिडेंसी’ जाखन भेजा, जहाँ वादिनी से 25 लाख रुपये की नकदी ले ली गई। धनराशि प्राप्त करने के बाद, कथित कनिष्क सिंह ने फोन उठाना बंद कर दिया और पैसे वापस लौटाने से भी इनकार कर दिया। इसके बाद पीड़िता को शक हुआ और उन्होंने पुलिस का दरवाजा खटखटाया।

पुलिस द्वारा की गई त्वरित कार्रवाई

तहरीर के आधार पर थाना राजपुर में तत्काल मुकदमा दर्ज किया गया और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में कई टीमों का गठन किया गया। गठित टीमों ने सीसीटीवी फुटेज और मुखबिरों की सहायता से छानबीन शुरू की।

जांच के दौरान पुलिस को यह अहम जानकारी मिली कि इस ठगी की घटना में शामिल मुख्य आरोपी उत्तराखंड के एक वरिष्ठ कांग्रेस नेता के संपर्क में है और उसे टिकट दिलाने के नाम पर जाखन के एक मॉल में पैसे लेने आने वाला है। इसी सूचना के आधार पर पुलिस ने जाल बिछाकर आरोपी कनिष्क उर्फ गौरव कुमार को जाखन क्षेत्र से धर दबोचा।

सोशल मीडिया और ‘ट्रू-कॉलर’ का करता था इस्तेमाल

थाना राजपुर प्रभारी पीड़ी भट्ट ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि गिरफ्तार आरोपी का असली नाम गौरव कुमार है, जो मूल रूप से अमृतसर (पंजाब) का रहने वाला है। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने सोशल मीडिया और ‘नेता डॉट कॉम’ (neta.com) जैसी वेबसाइटों की मदद से देश भर के बड़े राजनेताओं, उनके करीबियों और सहयोगियों के बारे में विस्तृत जानकारी जुटाई थी।

इसके बाद आरोपी ने ‘कनिष्क सिंह’ नाम के एक ऐसे व्यक्ति के नाम का सहारा लिया, जो वर्ष 2003 से 2015 तक एक वरिष्ठ पदाधिकारी के निजी सचिव के रूप में कार्य कर चुका था। आरोपी ने कनिष्क सिंह के नाम से ‘ट्रू-कॉलर’ पर एक फर्जी आईडी बनाई ताकि लोगों को विश्वास हो सके कि वह वाकई कांग्रेस का बड़ा अधिकारी है।

अन्य राज्यों में भी फैला है नेटवर्क

पुलिस की जांच में पता चला है कि गौरव कुमार के साथ पंजाब के रहने वाले तीन अन्य साथी—छज्जू, रजत मदान और मनिंदर सिंह कालू—भी इस धोखाधड़ी में शामिल हैं। इस गिरोह का इतिहास बहुत पुराना और लंबा है।

  • वर्ष 2017 (राजस्थान): इस गिरोह ने जयपुर में दो नेताओं से विधायक का टिकट दिलाने के एवज में लगभग 2 करोड़ 2 लाख रुपये की ठगी की थी।

  • वर्ष 2025 (बिहार): पटना में एक राजनेता से पार्टी में पद दिलाने के नाम पर 3 लाख रुपये ऐंठे थे।

राजनीतिक गलियारों में हलचल

इस अंतरराज्यीय ठग गिरोह की गिरफ्तारी से न केवल उत्तराखंड, बल्कि अन्य राज्यों के राजनीतिक गलियारों में भी हड़कंप मच गया है। पुलिस का मानना है कि इस गिरोह के तार कई अन्य सफेदपोश लोगों से जुड़े हो सकते हैं।

देहरादून पुलिस फिलहाल गिरोह के अन्य फरार सदस्यों की तलाश में जुटी है और उनके बैंक खातों व अन्य संपत्तियों की भी जांच की जा रही है। पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि वे इस तरह के प्रलोभन देने वाले व्यक्तियों से सतर्क रहें।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button