By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
The Hill IndiaThe Hill IndiaThe Hill India
Notification Show More
Font ResizerAa
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Reading: पश्चिम बंगाल चुनाव: मतगणना सुपरवाइज़र नियुक्ति विवाद पर सुप्रीम कोर्ट पहुंची TMC, चुनाव आयोग के फैसले को दी चुनौती
Share
Font ResizerAa
The Hill IndiaThe Hill India
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Search
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Have an existing account? Sign In
Follow US
The Hill India > Blog > देश > पश्चिम बंगाल चुनाव: मतगणना सुपरवाइज़र नियुक्ति विवाद पर सुप्रीम कोर्ट पहुंची TMC, चुनाव आयोग के फैसले को दी चुनौती
देशफीचर्ड

पश्चिम बंगाल चुनाव: मतगणना सुपरवाइज़र नियुक्ति विवाद पर सुप्रीम कोर्ट पहुंची TMC, चुनाव आयोग के फैसले को दी चुनौती

The Hill India News
Last updated: May 1, 2026 2:38 pm
The Hill India News
Published: May 1, 2026
Share
File Photo
SHARE

कोलकाता/नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों की घोषणा से पहले, राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने मतगणना के दौरान सुपरवाइज़रों की नियुक्ति को लेकर चुनाव आयोग के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। यह कदम कलकत्ता हाईकोर्ट द्वारा टीएमसी की याचिका को खारिज किए जाने के बाद उठाया गया है। हाईकोर्ट ने अपने फैसले में चुनाव आयोग के उस निर्देश को सही ठहराया था, जिसके तहत केवल केंद्र सरकार और पब्लिक सेक्टर यूनिट्स (PSU) के कर्मचारियों को ही काउंटिंग सुपरवाइज़र और असिस्टेंट के रूप में तैनात करने की बात कही गई थी।

Contents
क्या है पूरा विवाद?कलकत्ता हाईकोर्ट का फैसलापारदर्शिता और सुरक्षा को लेकर हाईकोर्ट की टिप्पणीसुप्रीम कोर्ट में टीएमसी की चुनौतीमतगणना के लिए चुनावी तैयारियां

क्या है पूरा विवाद?

यह पूरा विवाद चुनाव आयोग द्वारा मतगणना प्रक्रिया के संचालन के लिए जारी किए गए दिशा-निर्देशों से जुड़ा हुआ है। चुनाव आयोग के निर्णय के अनुसार, इस बार वोटों की गिनती के दौरान केवल केंद्र सरकार और पब्लिक सेक्टर यूनिट्स के कर्मचारियों को ही काउंटिंग सुपरवाइज़र और असिस्टेंट के रूप में तैनात किया जाएगा।

तृणमूल कांग्रेस का आरोप है कि इस फैसले के जरिए राज्य सरकार के कर्मचारियों को पूरी तरह से प्रक्रिया से बाहर कर दिया गया है। टीएमसी का तर्क है कि यह कदम न केवल राज्य कर्मचारियों के अधिकारों का हनन है, बल्कि यह पूरी व्यवस्था की निष्पक्षता पर भी सवाल खड़े करता है। पार्टी का मानना है कि इससे मतगणना प्रक्रिया में निष्पक्षता और पारदर्शिता प्रभावित हो सकती है।


कलकत्ता हाईकोर्ट का फैसला

इससे पहले, तृणमूल कांग्रेस ने इस मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। हालांकि, हाईकोर्ट ने टीएमसी की याचिका को खारिज कर दिया था और आयोग के फैसले को वैध करार दिया था।

हाईकोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया था कि चुनाव आयोग की हैंडबुक के नियम राज्य के कर्मचारियों के चयन को सीमित नहीं करते हैं। अदालत ने माना कि यह नियुक्ति प्रक्रिया पूरी तरह से चुनाव आयोग के अधिकार क्षेत्र में आती है। इसके अतिरिक्त, हाईकोर्ट ने कहा कि एडिशनल चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर (ACEO) को जनप्रतिनिधित्व अधिनियम (RP Act) के तहत वैध अधिकार प्राप्त हैं, इसलिए उनका यह आदेश अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर नहीं माना जा सकता।


पारदर्शिता और सुरक्षा को लेकर हाईकोर्ट की टिप्पणी

कलकत्ता हाईकोर्ट ने टीएमसी द्वारा जताई गई इस आशंका को भी सिरे से खारिज कर दिया कि केंद्र सरकार के कर्मचारी किसी एक राजनीतिक दल के प्रभाव में काम कर सकते हैं। अदालत ने कहा कि काउंटिंग हॉल में कई पक्षों के प्रतिनिधि मौजूद रहते हैं। इसके अलावा, प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए सीसीटीवी कैमरे और माइक्रो ऑब्जर्वर जैसी अन्य पुख्ता सुरक्षा व्यवस्थाएं की गई हैं।

“काउंटिंग हॉल में कई पक्ष मौजूद रहते हैं और सीसीटीवी, ऑब्जर्वर तथा अन्य सुरक्षा व्यवस्थाएं पारदर्शिता सुनिश्चित करती हैं। बिना ठोस सबूत के लगाए गए आरोप केवल आशंकाएं हैं। ऐसी परिस्थितियों में चुनाव प्रक्रिया के दौरान दखल देना उचित नहीं है।”

— कलकत्ता हाईकोर्ट

अदालत ने यह भी स्पष्ट किया था कि यदि किसी भी दल को इस पूरी प्रक्रिया में कोई शिकायत है, तो चुनाव के बाद जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 100 के तहत चुनाव याचिका (Election Petition) दायर कर इसका समाधान किया जा सकता है।


सुप्रीम कोर्ट में टीएमसी की चुनौती

कलकत्ता हाईकोर्ट के इस आदेश से राहत न मिलने के बाद, तृणमूल कांग्रेस ने अब सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया का रुख किया है। पार्टी का शीर्ष नेतृत्व अपनी दलीलों के साथ सुप्रीम कोर्ट पहुंचा है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मतगणना से ठीक पहले इस तरह का कानूनी विवाद चुनावी सरगर्मी को और बढ़ा रहा है। सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की सुनवाई पर पूरे राज्य की निगाहें टिकी हुई हैं, क्योंकि इससे वोटों की गिनती की प्रक्रिया का भविष्य तय होगा।


मतगणना के लिए चुनावी तैयारियां

  • पारदर्शिता के उपाय: चुनाव आयोग ने निर्देश दिया है कि मतगणना केंद्रों पर निष्पक्षता बनाए रखने के लिए केंद्रीय बलों की तैनाती की जाएगी।

  • कर्मचारियों का चयन: केंद्रीय और पीएसयू कर्मचारियों के माध्यम से ही पूरी गणना प्रक्रिया को संपन्न कराया जाएगा।

  • समय-सीमा: निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 4 मई को सभी सीटों की मतगणना एक साथ शुरू होगी।

You Might Also Like

रुद्रपुर: पुलिस पर कार्रवाई न करने से आहत युवती ने फ्लाईओवर से कूदने का किया प्रयास, आरोपी पर शादी का झांसा देकर शोषण का आरोप
ईरान युद्ध पर ट्रंप को अपनी ही पार्टी से झटका, अमेरिकी सीनेट में बगावत ने बढ़ाई मुश्किलें
डिजिटल दहशत का ‘मास्टरमाइंड’ गिरफ्तार: दिल्ली पुलिस ने मैसूर से दबोचा, 1000+ फर्जी ईमेल भेजकर हिलाया था देश
LAC Middle Sector: चीन की ‘ग्रे-ज़ोन’ रणनीति का जवाब देने को तैयार भारतीय सेना, मध्य सेक्टर में सुरक्षा कवच होगा और मज़बूत
Uttarakhand: गोवा अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव 2025 में “Cinemascape Uttarakhand: Stories in the Mountains” पर विशेष सत्र
TAGGED:Calcutta High Courtcounting of votesElection CommissionTrinamool CongressWest Bengal Elections
Share This Article
Facebook Email Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
देशफीचर्ड

EPFO अपडेट: क्या सच में ATM और UPI से तुरंत निकलेगा PF पैसा? जानिए वायरल दावे की पूरी सच्चाई

The Hill India News
The Hill India News
June 18, 2026
धामी कैबिनेट ने पूर्व मुख्यमंत्री बी.सी. खंडूरी और निशानेबाज जसपाल राणा को दी भावभीनी श्रद्धांजलि, शोक प्रस्ताव पारित
श्रेयस अय्यर ने रचा इतिहास: विराट कोहली, केएल राहुल और सिद्धू को पीछे छोड़ वनडे में बनाया बड़ा रिकॉर्ड, भारत की धमाकेदार जीत
ईरान ने डील में अमेरिका को दी मात? ट्रंप की ‘डील मास्टर’ छवि पर उठे सवाल, समझौते से मिले अरबों डॉलर के फायदे
उत्तराखंड: धामी कैबिनेट की अहम बैठक जारी, शिक्षा-स्वास्थ्य से लेकर रोजगार और निवेश तक कई बड़े फैसलों पर लग सकती है मुहर
झारखंड राज्यसभा चुनाव 2026: दो सीटें, तीन उम्मीदवार और क्रॉस वोटिंग का सस्पेंस, NDA-INDIA दोनों की बढ़ी धड़कनें
400 करोड़ पार करते ही ‘पेड्डी’ मेकर्स का बड़ा दांव, फिल्म में जोड़े गए करीब 6 मिनट के नए सीन
गोविंदा-सुनीता के तलाक की अफवाहों पर बेटी टीना आहूजा का दर्द छलका, बोलीं- “मैं कोई संत नहीं हूं, ये बातें परेशान करती हैं”
ममता बनर्जी की सुरक्षा पर सियासी बवाल: डेरेक ओ’ब्रायन ने किया बड़ा दावा, बोले- ‘दीदी की हिफाजत के लिए रातभर देना पड़ा पहरा’
उद्धव ठाकरे पर फिर मंडराया जून संकट! कौन हैं वे 6 सांसद, जिनकी बगावत की चर्चाओं ने बढ़ाई शिवसेना (UBT) की चिंता?
© The Hill India. All Rights Reserved | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?