देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान अरुणाचल प्रदेश के खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के चेयरमैन मालिंग गोम्बु ने हाल ही में हुए एंजेल चकमा हत्याकांड पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने इस घटना को बेहद निंदनीय करार देते हुए कहा कि पूरे मामले पर नॉर्थ ईस्ट और उत्तराखंड की सरकारें संपर्क में हैं। इसके साथ ही, उन्होंने पूर्ण विश्वास जताया कि मामले में जल्द ही न्याय मिलेगा और दोषियों को उनके अंजाम तक पहुँचाया जाएगा।
क्या है पूरा मामला?
देहरादून के सेलाकुई क्षेत्र में 9 दिसंबर 2025 को एक दुखद घटना सामने आई थी, जिसमें त्रिपुरा के रहने वाले 21 वर्षीय एमबीए छात्र एंजेल चकमा की चाकू गोदकर निर्मम हत्या कर दी गई थी। मिली जानकारी के अनुसार, एंजेल चकमा और उनके भाई माइकल के साथ कुछ लोगों द्वारा नस्लीय टिप्पणी की गई थी, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ गया था। इस दौरान आरोपियों ने एंजेल चकमा के साथ बुरी तरह मारपीट की थी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
एंजेल चकमा को इलाज के लिए देहरादून के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहाँ 17 दिनों तक चले संघर्ष के बाद 26 दिसंबर 2025 को उन्होंने दम तोड़ दिया था। इस घटना के बाद देश भर में रोष फैल गया था, जिसके बाद त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक शाह ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से फोन पर बात कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी।

मालिंग गोम्बु का बयान: ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’
देहरादून में कार्यक्रम के दौरान मालिंग गोम्बु ने कहा कि 21वीं सदी का भारत ‘एक भारत और श्रेष्ठ भारत’ का प्रतीक है, जहाँ ‘अनेकता में एकता’ ही इस देश की सबसे बड़ी विशेषता है। उन्होंने कहा:
“देश के अलग-अलग हिस्सों में पूर्वोत्तर (North East) के लोग रह रहे हैं। ऐसे में पूर्वोत्तर की संस्कृति और परंपराओं को समझना पूरे देश के लिए अत्यंत आवश्यक है। इसे लेकर पूरे देश में जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं और इंडियन हिमालयन काउंसिल की तरफ से भी लगातार काम किया जा रहा है।”
उन्होंने उम्मीद जताई कि भारत की इस साझा संस्कृति और विशेषता को सभी लोग समझेंगे, जिससे समय के साथ इस तरह की घटनाओं में कमी आएगी और आपसी भाईचारा मजबूत होगा।
पुलिस कार्रवाई और न्याय की उम्मीद
इस हत्याकांड के बाद उत्तराखंड पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पाँच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन मामले का मुख्य आरोपी अभी भी कानून की गिरफ्त से बाहर है। पुलिस और प्रशासन फरार आरोपी की तलाश में लगातार दबिश दे रही है।
चेयरमैन मालिंग गोम्बु ने कहा कि पूर्वोत्तर के राज्यों की सरकारें उत्तराखंड सरकार के लगातार संपर्क में हैं ताकि अपराधियों को कड़ी से कड़ी सजा मिल सके। उन्होंने कहा कि दोनों राज्य सरकारों के समन्वित प्रयासों से पीड़ितों के परिवारों को शीघ्र न्याय मिलेगा।
पूर्वोत्तर और उत्तराखंड के बीच संवाद
इस घटना ने एक बार फिर देश के अन्य राज्यों में रहने वाले छात्रों और नागरिकों की सुरक्षा के मुद्दे को राष्ट्रीय पटल पर ला खड़ा किया है। शिक्षा और रोजगार के लिए पूर्वोत्तर से उत्तराखंड आने वाले छात्रों के बीच सुरक्षा का माहौल बनाए रखना एक बड़ी प्राथमिकता है।
राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन ने भी शिक्षण संस्थानों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने के निर्देश दिए हैं ताकि भविष्य में ऐसी किसी भी घटना की पुनरावृत्ति न हो।



