By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
The Hill IndiaThe Hill IndiaThe Hill India
Notification Show More
Font ResizerAa
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Reading: सुप्रीम कोर्ट से पवन खेड़ा को बड़ी राहत: असम CM की पत्नी से जुड़े मानहानि केस में मिली अग्रिम जमानत
Share
Font ResizerAa
The Hill IndiaThe Hill India
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Search
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Have an existing account? Sign In
Follow US
The Hill India > Blog > देश > सुप्रीम कोर्ट से पवन खेड़ा को बड़ी राहत: असम CM की पत्नी से जुड़े मानहानि केस में मिली अग्रिम जमानत
देशफीचर्ड

सुप्रीम कोर्ट से पवन खेड़ा को बड़ी राहत: असम CM की पत्नी से जुड़े मानहानि केस में मिली अग्रिम जमानत

The Hill India News
Last updated: May 1, 2026 7:30 am
The Hill India News
Published: May 1, 2026
Share
SHARE

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सर्वोच्च न्यायालय ने असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी रिंकी भुइयां शर्मा से जुड़े मानहानि मामले में उन्हें अग्रिम जमानत प्रदान कर दी है। हालांकि अदालत ने इस राहत के साथ कई महत्वपूर्ण शर्तें भी लगाई हैं। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को कांग्रेस के लिए राहत और राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि हाल के दिनों में इस मामले को लेकर काफी राजनीतिक बयानबाजी देखने को मिली थी।

दरअसल, यह पूरा मामला उस समय शुरू हुआ जब पवन खेड़ा ने सार्वजनिक रूप से आरोप लगाया था कि असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी रिंकी भुइयां शर्मा के पास कथित तौर पर तीन पासपोर्ट हैं और विदेशों में अघोषित संपत्तियां भी मौजूद हैं। खेड़ा के इन आरोपों के बाद मुख्यमंत्री की पत्नी की ओर से इसे मानहानिकारक बताते हुए कानूनी कार्रवाई शुरू की गई। गुवाहाटी अपराध शाखा थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत पवन खेड़ा और अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया।

मामले के बाद पवन खेड़ा ने गिरफ्तारी की आशंका जताते हुए अदालत का दरवाजा खटखटाया था। शुरुआत में उन्हें तेलंगाना हाईकोर्ट से सात दिनों की ट्रांजिट अग्रिम जमानत मिली थी, लेकिन असम पुलिस ने इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। इसके बाद सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रांजिट अग्रिम जमानत पर रोक लगाते हुए पवन खेड़ा को गुवाहाटी हाईकोर्ट जाने का निर्देश दिया था।

गुवाहाटी हाईकोर्ट ने 24 अप्रैल को पवन खेड़ा की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी। हाईकोर्ट के इस फैसले के खिलाफ खेड़ा ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की। इस याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति जे.के. माहेश्वरी और न्यायमूर्ति ए.एस. चंदुरकर की पीठ ने दोनों पक्षों की दलीलें विस्तार से सुनीं। गुरुवार को सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिसे अब सुनाते हुए पवन खेड़ा को अंतरिम राहत दी गई है।

सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि पवन खेड़ा को जांच में पूरा सहयोग करना होगा। यदि जांच एजेंसियां या पुलिस उन्हें पूछताछ के लिए बुलाती हैं, तो उन्हें उपस्थित होना पड़ेगा। अदालत ने यह भी कहा कि खेड़ा किसी भी प्रकार से सबूतों को प्रभावित करने या छेड़छाड़ करने की कोशिश नहीं करेंगे। इसके अलावा, उन्हें बिना सक्षम न्यायालय की अनुमति के देश छोड़ने की अनुमति नहीं होगी।

अदालत ने यह अधिकार भी ट्रायल कोर्ट को दिया है कि आवश्यकता पड़ने पर वह अतिरिक्त शर्तें लागू कर सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी साफ किया कि जमानत देते समय जिन तथ्यों और दस्तावेजों पर विचार किया गया है, उनका मामले के अंतिम निर्णय पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। ट्रायल कोर्ट कानून के अनुसार स्वतंत्र रूप से सुनवाई करेगा।

पवन खेड़ा की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने सुप्रीम कोर्ट में दलीलें पेश कीं। उन्होंने अदालत को बताया कि असम के मुख्यमंत्री लगातार कांग्रेस नेता के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां कर रहे हैं। सिंघवी ने आशंका जताई कि यदि पवन खेड़ा को गिरफ्तार किया गया तो उनके साथ निष्पक्ष व्यवहार नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि यह मामला राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से प्रेरित प्रतीत होता है।

सुनवाई के दौरान पवन खेड़ा की ओर से यह भी बताया गया कि उन्होंने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को लेकर एक वीडियो जारी किया था, जिसमें उन्होंने अपनी स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश की थी। वहीं दूसरी ओर, शिकायतकर्ता पक्ष का कहना था कि खेड़ा ने बिना किसी प्रमाण के गंभीर आरोप लगाए, जिससे उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा है।

इस पूरे घटनाक्रम ने राजनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है। कांग्रेस पार्टी इसे विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश बता रही है, जबकि भारतीय जनता पार्टी का कहना है कि किसी भी व्यक्ति को बिना प्रमाण गंभीर आरोप लगाने की छूट नहीं दी जा सकती। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला आने वाले समय में और अधिक राजनीतिक रंग ले सकता है, क्योंकि इसमें एक ओर विपक्ष के प्रमुख नेता हैं तो दूसरी ओर एक सत्तारूढ़ मुख्यमंत्री का परिवार।

सुप्रीम कोर्ट से मिली अग्रिम जमानत के बाद फिलहाल पवन खेड़ा को गिरफ्तारी से राहत मिल गई है, लेकिन कानूनी लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है। आने वाले दिनों में जांच एजेंसियां उनसे पूछताछ कर सकती हैं और ट्रायल कोर्ट में इस मामले की आगे सुनवाई जारी रहेगी। इस बीच, देशभर की राजनीतिक नजरें इस मामले पर टिकी हुई हैं, क्योंकि इसका असर राष्ट्रीय राजनीति पर भी पड़ सकता है।

कुल मिलाकर, सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला पवन खेड़ा के लिए बड़ी राहत जरूर है, लेकिन अदालत द्वारा लगाई गई सख्त शर्तें यह भी दर्शाती हैं कि जांच प्रक्रिया में सहयोग और कानून का पालन अनिवार्य होगा। अब आगे की कानूनी प्रक्रिया और अदालतों में होने वाली सुनवाई इस मामले की दिशा तय करेगी।

You Might Also Like

हिमाचल में पहली बार कांग्रेस जीती देहरा विधानसभा सीट, अब सदन में बैठेंगे पति-पत्नी एक साथ
राष्ट्रीय खेलों के बाद उत्तराखंड में खेलों की नई उड़ान: मुख्यमंत्री धामी ने ‘लिगेसी प्लान’ पर तेज़ कार्रवाई के दिए निर्देश
20 साल बाद मिला न्याय: यूपी के संभल में बसपा नेता रफत उल्ला को मिली जमीन, योगी सरकार की करी जमकर तारीफ
New Delhi: SCO बैठक के लिए गोवा रवाना होने से पहले बिलावल भुट्टो ने कही ये बात
उत्तराखंड में टीबी का बढ़ता खतरा: 4216 हाई-रिस्क गांव चिन्हित, कई जिलों में हालात चिंताजनक
TAGGED:anticipatory bailAssamCongressDefamation CaseHimanta Biswa SarmaPawan KheraRiniki Bhuyan SarmaSupreme Court
Share This Article
Facebook Email Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
देशफीचर्ड

ऐतिहासिक फैसला! राष्ट्रपति मुर्मू ने एंटी-पेपर लीक कानून को दी मंजूरी, अब 2 महीने में जांच, 3 महीने में फैसला और 10 साल तक की जेल

The Hill India News
The Hill India News
August 1, 2026
गलत नंबर पर हो गया मोबाइल रिचार्ज? घबराएं नहीं! Airtel और Jio यूजर्स ऐसे वापस पा सकते हैं अपने पैसे, जानिए पूरा प्रोसेस
संसद के ‘भगवा प्रदर्शन’ पर कानूनी शिकंजा: राहुल गांधी, पप्पू यादव और अवधेश प्रसाद के खिलाफ केस दर्ज, धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप
सृष्टि कंडारी मौत मामला: अब CB-CID करेगी हर पहलू की जांच, सीएम धामी के बड़े फैसले से बढ़ी न्याय की उम्मीद; देवप्रयाग विधायक की मांग पर हुई कार्रवाई
देहरादून की चर्चित सृष्टि कंडारी मौत मामला: पति और ननद गिरफ्तार, सास की भूमिका जांच के घेरे में; वीडियो बना जांच का सबसे अहम सबूत
E20 फ्यूल पर देशभर में सियासी घमासान: केजरीवाल ने सरकार के सामने रखीं 3 बड़ी मांगें, कहा- ‘शुद्ध पेट्रोल का विकल्प दो, E20 सस्ता करो’
यूपी पुलिस में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: लखनऊ से वाराणसी और गोरखपुर तक 15 वरिष्ठ IPS अधिकारियों के तबादले, कई ADG को मिली नई जिम्मेदारी
मसूरी में 200 साल पुरानी कब्रगाह पर प्रशासन का एक्शन: अंतिम नमाज स्थल भी हटाया गया, विरोध में सड़क पर उतरा मुस्लिम समुदाय; जानिए पूरा मामला
लिपुलेख दर्रे से फिर गूंजा व्यापार का इतिहास: भारत-तिब्बत सीमा व्यापार का शुभारंभ, पहला भारतीय दल पहुंचा तकलाकोट; सीमांत क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई रफ्तार
’30 करोड़ का इनाम भी दान कर दिया’: जानिए उस महान इंसान की कहानी, जिन्हें सुपरस्टार रजनीकांत ने कहा- ‘मैं आपको पिता का दर्जा देना चाहता हूं’
© The Hill India. All Rights Reserved | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?