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उत्तराखंड: केदारनाथ पहुंचे गौतम अडानी, बाबा केदार का लिया आशीर्वाद, सोनप्रयाग-केदारनाथ रोपवे परियोजना का किया एरियल सर्वे

उत्तराखंड के विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम में इन दिनों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। बाबा केदार के दर्शन के लिए देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। इसी बीच शुक्रवार 1 मई को देश के जाने-माने उद्योगपति और अडाणी समूह के चेयरमैन गौतम अडानी अपनी पत्नी प्रीति अडानी  के साथ केदारनाथ धाम पहुंचे। उनके आगमन को लेकर मंदिर परिसर में विशेष उत्साह देखने को मिला। उद्योगपति दंपति ने बाबा केदार के दरबार में विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर देश और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की।

जानकारी के अनुसार गौतम अडानी शुक्रवार सुबह दिल्ली से देहरादून पहुंचे, जहां से वह निजी हेलीकॉप्टर के जरिए सीधे केदारनाथ धाम पहुंचे। धाम पहुंचते ही मंदिर समिति और स्थानीय प्रशासन ने उनका पारंपरिक तरीके से स्वागत किया। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त रही, लेकिन आम श्रद्धालुओं की सुविधाओं का भी पूरा ध्यान रखा गया ताकि दर्शन व्यवस्था प्रभावित न हो।

केदारनाथ मंदिर में दर्शन के दौरान गौतम अडानी और उनकी पत्नी ने विशेष पूजा-अर्चना की। उन्होंने भगवान शिव से देश में शांति, विकास और जनकल्याण की प्रार्थना की। मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं के बीच भी अडानी दंपति को देखने की उत्सुकता साफ नजर आई। कई श्रद्धालुओं ने उनके साथ तस्वीरें लेने की कोशिश की, हालांकि सुरक्षा कारणों से सीमित लोगों को ही पास जाने की अनुमति दी गई।

इस अवसर पर वरिष्ठ तीर्थ पुरोहित उमेश चंद्र पोस्ती ने बताया कि गौतम अडानी ने सिर्फ बाबा केदार के दर्शन ही नहीं किए, बल्कि उन्होंने सोनप्रयाग से केदारनाथ तक प्रस्तावित रोपवे परियोजना का एरियल सर्वे भी किया। बताया जा रहा है कि यह महत्वाकांक्षी परियोजना भविष्य में केदारनाथ यात्रा को और अधिक आसान और सुविधाजनक बना सकती है।

दरअसल, सोनप्रयाग से केदारनाथ तक बनने वाला प्रस्तावित रोपवे लगभग 12.9 किलोमीटर लंबा होगा। इस परियोजना का निर्माण कार्य अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड द्वारा किया जाना है। दावा किया जा रहा है कि यह दुनिया के सबसे ऊंचे और लंबे रोपवे प्रोजेक्ट्स में से एक होगा। समुद्र तल से लगभग 11,500 फीट की ऊंचाई पर बनने वाला यह रोपवे श्रद्धालुओं के लिए बड़ी राहत साबित हो सकता है।

वर्तमान में केदारनाथ धाम तक पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को करीब 16 से 18 किलोमीटर की कठिन पैदल यात्रा करनी पड़ती है। मौसम की चुनौती, ऊंचाई और ऑक्सीजन की कमी के कारण बुजुर्गों और बीमार श्रद्धालुओं को विशेष परेशानी का सामना करना पड़ता है। लेकिन रोपवे बनने के बाद यह यात्रा मात्र 36 मिनट में पूरी हो सकेगी। इससे न सिर्फ यात्रा आसान होगी बल्कि स्थानीय पर्यटन और रोजगार को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

बताया जा रहा है कि रोपवे परियोजना में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा ताकि खराब मौसम और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी संचालन सुरक्षित बना रहे। सरकार और संबंधित एजेंसियां इस परियोजना को चारधाम यात्रा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मान रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यह परियोजना उत्तराखंड के धार्मिक पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकती है।

इन दिनों केदारनाथ यात्रा अपने चरम पर है। 30 अप्रैल तक करीब ढाई लाख श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन कर चुके हैं। भारी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने के बावजूद प्रशासन यात्रा को व्यवस्थित बनाए रखने में जुटा हुआ है। यात्रा मार्ग पर स्वास्थ्य सेवाएं, आपदा प्रबंधन, ट्रैफिक नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है। जगह-जगह मेडिकल कैंप और सहायता केंद्र भी बनाए गए हैं।

हेलीकॉप्टर सेवाओं से लेकर पैदल मार्ग तक प्रशासन लगातार निगरानी बनाए हुए है। मौसम में अचानक बदलाव और बारिश की संभावना को देखते हुए यात्रियों को सतर्क रहने की सलाह भी दी जा रही है। इसके बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था में कोई कमी नहीं दिखाई दे रही। कठिन परिस्थितियों के बीच भी हजारों श्रद्धालु रोजाना बाबा केदार के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।

गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों में कई प्रसिद्ध हस्तियां भी केदारनाथ धाम पहुंच चुकी हैं। प्रसिद्ध गायक केलाश खेर समेत कई सेलिब्रिटी और उद्योगपति यहां दर्शन कर चुके हैं। अब गौतम अडानी के दौरे और रोपवे परियोजना के एरियल सर्वे ने केदारनाथ यात्रा और विकास योजनाओं को लेकर नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।

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