
कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के मतदान संपन्न होने के बाद नतीजों से ठीक पहले सियासी पारा अपने चरम पर है। गुरुवार रात उत्तरी कोलकाता की कुछ सीटों पर ईवीएम (EVM) से छेड़छाड़ के आरोपों को लेकर भारी हंगामा देखने को मिला। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ नेताओं और उम्मीदवारों द्वारा स्ट्रॉन्ग रूम में रखी मशीनों को लेकर सवाल उठाए गए। हालात इतने गंभीर हो गए कि खुद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी मूसलाधार बारिश के बावजूद आधी रात को स्ट्रॉन्ग रूम के निरीक्षण के लिए पहुँचीं और लगभग चार घंटे तक वहीं डटी रहीं।
BJP and their compromised Election Commission have no idea who they are dealing with.
They have imported operatives from other states to swarm the area outside the Netaji Indoor Stadium, staging a media spectacle to mask their fear. We do not need to mobilize. At one command… pic.twitter.com/PHQk7K5fiQ
— All India Trinamool Congress (@AITCofficial) April 30, 2026
टीएमसी नेताओं का धरना और आरोप
उत्तरी कोलकाता की दो प्रमुख सीटों से टीएमसी उम्मीदवार कुणाल घोष और डॉ. शशि पांजा ने स्ट्रॉन्ग रूम में रखी ईवीएम से कथित छेड़छाड़ को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। इन नेताओं का कहना है कि जब उन्होंने इस विषय पर संबंधित अधिकारियों से जानकारी लेनी चाही, तो उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
अपने दावों को पुख्ता करने के लिए टीएमसी की ओर से एक सीसीटीवी फुटेज भी जारी किया गया। इन आरोपों के विरोध में टीएमसी कार्यकर्ताओं और नेताओं ने खुदीराम अनुशीलन केंद्र परिसर के बाहर धरना-प्रदर्शन किया।
“ममता बनर्जी ने सख्त लहजे में चेतावनी दी कि मतगणना प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की हेरफेर या धांधली का प्रयास किया गया, तो पार्टी कार्यकर्ता जान की बाजी लगा देंगे।”
ममता बनर्जी का चार घंटे का ‘स्ट्रॉन्ग रूम’ दौरा
राज्य में पश्चिम बंगाल चुनाव के नतीजों (4 मई) से पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने की अपील की। वे भारी बारिश की परवाह न करते हुए भवानीपुर स्थित स्ट्रॉन्ग रूम में पहुँचीं।
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केंद्रीय बलों का रवैया: मुख्यमंत्री ने बताया कि जब वे स्ट्रॉन्ग रूम के अंदर जा रही थीं, तो शुरुआत में केंद्रीय बलों द्वारा उन्हें अंदर जाने से रोका गया, जिस पर उन्होंने आपत्ति जताई।
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पारदर्शिता पर जोर: स्ट्रॉन्ग रूम में लगभग चार घंटे बिताने के बाद बाहर आईं ममता बनर्जी ने कहा कि मतगणना वाले क्षेत्र में केवल एक व्यक्ति (उम्मीदवार या एजेंट) को जाने की अनुमति दी जानी चाहिए।
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मीडिया के लिए निगरानी: उन्होंने मीडिया की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर सीसीटीवी कैमरा लगाने का भी सुझाव दिया।
इस दौरान कोलकाता के महापौर और कोलकाता पोर्ट सीट से टीएमसी उम्मीदवार फिरहाद हाकिम भी मौके पर पहुँचे, लेकिन वे मुख्यमंत्री से नहीं मिल सके क्योंकि ममता बनर्जी पहले ही अपने चुनाव एजेंट के साथ अंदर जा चुकी थीं।
VIDEO | Kolkata: West Bengal CM and Trinamool Congress supremo Mamata Banerjee on Thursday night landed up at the Sakhawat Memorial School in South Kolkata, the counting centre for the Bhabanipur assembly segment, which houses the strong room for EVMs of the polls which were held… pic.twitter.com/Rux9oXEDDN
— Press Trust of India (@PTI_News) May 1, 2026
4 मई की मतगणना पर टिकी निगाहें
मतदान के बाद से ही पूरे राज्य में राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। ममता बनर्जी ने कहा कि जनता का वोट सुरक्षित रहना चाहिए और इसके साथ कोई खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के घटनाक्रमों ने 4 मई को होने वाली मतगणना से पहले राजनीतिक तनाव को काफी बढ़ा दिया है। चुनाव आयोग की ओर से भी इस मामले में कड़ी निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।



