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ऑपरेशन प्रहार: हरिद्वार में नशे के सौदागरों पर पुलिस का ‘हंटर’, 85 तस्कर चिन्हित, थाने में हुई परेड और सख्त चेतावनी

हरिद्वार: धर्मनगरी हरिद्वार को नशामुक्त बनाने के संकल्प के साथ हरिद्वार पुलिस ने ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत एक बड़ी और निर्णायक कार्रवाई शुरू कर दी है। एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर के कड़े निर्देशों के बाद पथरी थाना पुलिस ने नशे के काले कारोबार में लिप्त अपराधियों की कमर तोड़ने के लिए एक नया एक्शन प्लान तैयार किया है। इस अभियान के तहत एनडीपीएस (NDPS) एक्ट में पूर्व में जेल जा चुके 85 तस्करों को चिन्हित कर उनकी गतिविधियों पर चौबीसों घंटे निगरानी रखने का चक्रव्यूह बुना गया है।

शनिवार को इसी कड़ी में पथरी थाने में एक अभूतपूर्व दृश्य देखने को मिला, जहाँ पुलिस ने चिन्हित किए गए नशा तस्करों की परेड कराई और उन्हें भविष्य के लिए ‘अंतिम चेतावनी’ जारी की।


ऑपरेशन प्रहार: अपराधियों में खौफ, पुलिस का नया एक्शन प्लान

हरिद्वार पुलिस की यह कार्रवाई केवल तात्कालिक गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भविष्य में अपराध को जड़ से मिटाने की एक सुविचारित रणनीति है। एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने जनपद के सभी थाना क्षेत्रों में ऑपरेशन प्रहार को प्रभावी ढंग से लागू करने का जिम्मा सौंपा है। इसी क्रम में थानाध्यक्ष पथरी, रविंद्र सिंह ने एक सराहनीय और सख्त पहल करते हुए वर्ष 2016 से लेकर 2025 तक के उन सभी अपराधियों का कच्चा-चिट्ठा खोला, जो कभी भी मादक पदार्थों की तस्करी के आरोप में सलाखों के पीछे गए थे।

पुलिस ने ऐसे कुल 85 आरोपियों की सूची तैयार की है। शनिवार को इनमें से 25 तस्करों को थाने तलब किया गया। थाने के प्रांगण में इन अपराधियों की परेड कराई गई, जिससे न केवल अपराधियों के मन में कानून का भय पैदा हुआ है, बल्कि स्थानीय जनता में पुलिस के प्रति विश्वास भी बढ़ा है।

15 दिन की हाजिरी और विशेष रजिस्टर: तस्करों पर ‘डिजिटल’ और ‘फिजिकल’ नजर

पथरी थाना प्रभारी रविंद्र सिंह ने इस अभियान को और अधिक व्यवस्थित बनाने के लिए एक ‘विशेष रजिस्टर’ तैयार किया है। इस रजिस्टर में केवल नाम ही नहीं, बल्कि प्रत्येक चिन्हित आरोपी का पूरा आपराधिक इतिहास, वर्तमान फोटो, सक्रिय फोन नंबर और उनकी वर्तमान आजीविका के साधनों का विवरण दर्ज किया गया है।

पुलिस ने इन सभी 25 आरोपियों को कड़े शब्दों में निर्देश दिए हैं कि:

  • वे प्रत्येक 15 दिन के भीतर व्यक्तिगत रूप से थाने में उपस्थित होकर अपनी हाजिरी दर्ज कराएंगे।

  • यदि उनके मोबाइल नंबर या निवास स्थान में कोई बदलाव होता है, तो इसकी जानकारी तत्काल पुलिस को देनी होगी।

  • पुलिस की एक विशेष टीम समय-समय पर इनके घरों पर जाकर औचक निरीक्षण (Surprise Check) करेगी।

सख्त हिदायत: ‘सुधर जाओ या परिणाम भुगतने को तैयार रहो’

परेड के दौरान थानाध्यक्ष ने उपस्थित तस्करों को दो टूक शब्दों में चेतावनी दी। उन्होंने कहा, “यह केवल एक मुलाकात नहीं, बल्कि आखिरी चेतावनी है। यदि कोई भी व्यक्ति प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से दोबारा नशे के कारोबार में संलिप्त पाया गया, तो पुलिस इस बार केवल जेल नहीं भेजेगी, बल्कि कठोरतम धाराओं के तहत उनकी संपत्ति की जांच और कुर्की जैसी कार्रवाई से भी पीछे नहीं हटेगी।

पुलिस की इस सख्ती का उद्देश्य नशा तस्करों के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करना है। अक्सर देखा जाता है कि जेल से छूटने के बाद अपराधी दोबारा उसी धंधे में लग जाते हैं, लेकिन ऑपरेशन प्रहार के तहत बनाई गई यह हाजिरी प्रणाली उन्हें दोबारा अपराध की दुनिया में कदम रखने से रोकेगी।

हरिद्वार को नशामुक्त बनाने का संकल्प

हरिद्वार एक अंतरराष्ट्रीय आध्यात्मिक केंद्र है, जहाँ हर साल करोड़ों श्रद्धालु पहुँचते हैं। ऐसे में युवाओं को नशे की गर्त में धकेलने वाले इन सौदागरों पर लगाम लगाना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने स्पष्ट किया है कि नशे के खिलाफ यह जंग जारी रहेगी और इसमें किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पथरी पुलिस की इस पहल को अब जनपद के अन्य थानों में भी रोल मॉडल के रूप में देखा जा रहा है।

स्थानीय निवासियों ने पुलिस की इस कार्रवाई का स्वागत किया है। लोगों का कहना है कि नशा तस्करों की खुलेआम परेड होने से अन्य असामाजिक तत्वों में भी डर पैदा होगा, जिससे अपराध की दर में कमी आएगी।

हरिद्वार पुलिस का ‘ऑपरेशन प्रहार’ अब एक जन-आंदोलन का रूप ले रहा है। नशा तस्करों को चिन्हित कर उन्हें थाने बुलाना और उनकी गतिविधियों की निरंतर मॉनिटरिंग करना एक ऐसी प्रक्रिया है, जो अपराधियों के पुनर्वास या फिर उनके पूर्ण बहिष्कार को सुनिश्चित करेगी। कानून के सख्त पहरे और पुलिस की सक्रियता ने यह साफ कर दिया है कि देवभूमि में अब नशे के सौदागरों के लिए कोई जगह नहीं है।

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