उत्तराखंडफीचर्ड

उत्तराखंड: पिथौरागढ़ के उडियारी गांव में बिना पानी के थमाए गए बिल, आक्रोशित ग्रामीणों ने किया जोरदार प्रदर्शन

पिथौरागढ़ जिले के बेरीनाग तहसील क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले उडियारी गांव में इन दिनों पेयजल संकट को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। गांव के लोगों ने जल निगम पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि जब उनके घरों तक पानी की आपूर्ति ही नहीं हो रही है, तो फिर भारी-भरकम पानी के बिल भेजना पूरी तरह से अन्यायपूर्ण है। इस मुद्दे को लेकर शुक्रवार को ग्रामीणों ने पंचायत घर में बैठक कर विरोध दर्ज कराया और बाद में प्रदर्शन भी किया।

ग्राम प्रधान हेमा देवी के नेतृत्व में आयोजित इस बैठक में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। बैठक के दौरान लोगों ने अपनी समस्याओं को खुलकर सामने रखा और कहा कि लंबे समय से गांव में पानी की सप्लाई बाधित है। कई घरों में तो नलों से एक बूंद पानी तक नहीं आ रहा, लेकिन इसके बावजूद जल निगम की ओर से मोटे बिल भेज दिए गए हैं। इससे लोगों में नाराजगी और भी बढ़ गई है।

ग्रामीणों ने स्पष्ट तौर पर ऐलान किया कि वे बिना पानी के बिल किसी भी कीमत पर नहीं भरेंगे। उनका कहना है कि यदि जबरन बिल वसूली की कोशिश की गई, तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करेंगे। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीण खाली बर्तन लेकर सड़कों पर उतरे और जल निगम के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं किया गया और बिल वापस नहीं लिए गए, तो क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों का घेराव किया जाएगा।

ग्रामीणों का यह भी कहना है कि उडियारी गांव पिछले लगभग दो दशकों से पेयजल संकट से जूझ रहा है। कई बार प्रशासन और विभागीय अधिकारियों को इस समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया। मौजूदा समय में स्थिति और भी खराब हो गई है, जहां पानी की सप्लाई लगभग ठप पड़ी है, फिर भी बिल भेजे जा रहे हैं।

प्रदर्शन में शामिल लोगों में विक्रम सिंह, राजेंद्र सिंह, गोपाल सिंह, भगवान सिंह, गोविंद सिंह, पान सिंह, उमा देवी, अनीता देवी, राधा देवी, पार्वती देवी, गीता, चम्पा, कमला, नीमा, संगीता, रेखा और बबीता सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।

वहीं दूसरी ओर जल निगम के अवर अभियंता पंकज बिष्ट ने विभाग का पक्ष रखते हुए कहा कि गांव के सभी क्षेत्रों में नियमानुसार पेयजल वितरण किया जा रहा है और उसी के आधार पर बिल जारी किए गए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि ग्रामीणों की शिकायतों को उच्च अधिकारियों तक पहुंचा दिया गया है और मामले की जांच की जा रही है।

गौरतलब है कि यह पहला मौका नहीं है जब उडियारी गांव के लोग पेयजल समस्या को लेकर सड़कों पर उतरे हैं। करीब तीन वर्ष पहले भी ग्रामीणों ने इसी मुद्दे पर धरना-प्रदर्शन और सांकेतिक चक्का जाम किया था। उस समय पुलिस प्रशासन ने करीब 50 ग्रामीणों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमे दर्ज किए थे, जिससे मामला और भी गरमा गया था। बाद में पूरे प्रदेश से लोगों ने ग्रामीणों के समर्थन में आवाज उठाई और सरकार से मुकदमे वापस लेने की मांग की गई थी।

फिलहाल, उडियारी गांव में पेयजल संकट और बिल विवाद को लेकर स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। यदि जल्द ही प्रशासन और जल निगम इस समस्या का समाधान नहीं करते, तो आने वाले दिनों में यह विरोध बड़ा आंदोलन का रूप ले सकता है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button