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पहलगाम हमले की पहली बरसी: “निर्दोषों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा”, पीएम मोदी का भावुक संदेश; सेना ने दिखाया ‘ऑपरेशन महादेव’ का दम

नई दिल्ली/श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के खूबसूरत पर्यटन स्थल पहलगाम में हुए कायरतापूर्ण आतंकी हमले को आज एक साल पूरा हो गया है। इस गमगीन मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमले में जान गंवाने वाले निर्दोष नागरिकों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। पीएम मोदी ने स्पष्ट शब्दों में आतंकवाद के आकाओं को चेतावनी देते हुए कहा कि भारत न कभी झुका है और न कभी आतंकवाद के आगे झुकेगा। वहीं, भारतीय सेना ने भी पहलगाम आतंकी हमला बरसी 2026 के अवसर पर ‘ऑपरेशन महादेव’ के जरिए इंसाफ की हुंकार भरी है।

प्रधानमंत्री मोदी का संदेश: “आतंक के नापाक मंसूबे कभी सफल नहीं होंगे”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक अत्यंत भावुक संदेश साझा किया। उन्होंने लिखा, “पिछले साल आज ही के दिन पहलगाम में हुए भयानक आतंकी हमले में जान गंवाने वाले निर्दोष लोगों को याद कर रहा हूं। उन्हें कभी भुलाया नहीं जाएगा। मेरी संवेदनाएं उन शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं जो इस अपूरणीय क्षति का सामना कर रहे हैं।”

प्रधानमंत्री ने आगे कड़े शब्दों में कहा कि एक राष्ट्र के रूप में हम दुख और संकल्प के साथ एकजुट हैं। आतंकवादियों के नापाक इरादे भारत की एकता को नहीं तोड़ सकते। पीएम का यह संदेश दुनिया को यह बताने के लिए पर्याप्त है कि नया भारत अपनी सुरक्षा और अपने नागरिकों की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जा सकता है।

बैसरन घाटी का वो खौफनाक दिन: जब खून से लाल हुई थी देवभूमि

बता दें कि पिछले साल आज ही के दिन आतंकियों ने पहलगाम की प्रसिद्ध बैसरन घाटी में निहत्थे पर्यटकों को निशाना बनाया था। मानवता को शर्मसार करने वाली इस घटना में आतंकियों ने लोगों का धर्म पूछ-पूछकर उन पर गोलियां बरसाई थीं। इस हमले ने न केवल कश्मीर की वादियों को बल्कि पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। कई परिवारों ने अपने चिराग खो दिए थे और कई मासूम आज भी उस जख्म को ढो रहे हैं।

सेना की दहाड़: “न्याय जरूर मिलेगा, हमेशा”

प्रधानमंत्री की श्रद्धांजलि के साथ ही भारतीय सेना ने भी आतंकियों और उनके सीमा पार बैठे सरपरस्तों को सीधा संदेश दिया है। सेना ने सोशल मीडिया पर एक ग्राफिक्स साझा किया, जिसमें ‘ऑपरेशन महादेव’ की सफलता का उल्लेख किया गया है। सेना ने लिखा— “भारत के खिलाफ किए गए घिनौने कृत्यों का जवाब मिलना तय है। न्याय जरूर मिलेगा। हमेशा।”

इस पोस्ट के माध्यम से सेना ने याद दिलाया कि कैसे ‘ऑपरेशन महादेव’ के तहत पहलगाम के कातिलों को ढूंढ-ढूंढकर जहन्नुम पहुंचाया गया। सेना का यह कड़ा लहजा बताता है कि भारत अब केवल डिफेंसिव मोड में नहीं, बल्कि प्रो-एक्टिव मोड में है।

ऑपरेशन सिंदूर: जब पाकिस्तान के अंदर कांपे आतंकी अड्डे

पहलगाम हमले के बाद भारत की प्रतिक्रिया केवल घाटी तक सीमित नहीं रही थी। भारतीय सेना ने सीमा पार चल रहे आतंकी शिविरों को नष्ट करने के लिए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ लॉन्च किया था। इस ऑपरेशन के तहत नियंत्रण रेखा (LoC) के पार स्थित लॉन्चिंग पैड्स और आतंकी बुनियादी ढांचों को भारी नुकसान पहुंचाया गया था। पहलगाम आतंकी हमला बरसी 2026 पर देश उस वीरता को भी याद कर रहा है, जिसके जरिए आतंकियों को संदेश दिया गया कि भारत के भीतर खून बहाने की कीमत उनके अपने घर में चुकानी होगी।

पर्यटन और सुरक्षा: फिर से पटरी पर लौटता कश्मीर

भले ही आतंकियों ने पर्यटन को चोट पहुंचाने के लिए पहलगाम को चुना था, लेकिन एक साल बाद घाटी की तस्वीर बदली हुई है। सुरक्षा बलों की मुस्तैदी और सरकार के संकल्प के कारण आज रिकॉर्ड संख्या में पर्यटक कश्मीर पहुंच रहे हैं। बैसरन घाटी में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और अत्याधुनिक निगरानी तंत्र स्थापित किया गया है। पहलगाम की बरसी पर स्थानीय लोगों ने भी मोमबत्तियां जलाकर मृतकों को याद किया और आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता प्रदर्शित की।

राष्ट्र का संकल्प: आतंकवाद मुक्त भारत

पहलगाम हमले की पहली बरसी केवल शोक मनाने का दिन नहीं है, बल्कि यह आतंकवाद के खिलाफ भारत के शून्य सहिष्णुता (Zero Tolerance) के संकल्प को दोहराने का दिन भी है। पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत ने वैश्विक मंचों पर भी आतंकवाद को खाद-पानी देने वाले देशों को बेनकाब किया है।

सेना और सरकार का साझा संदेश स्पष्ट है: “हम भूलेंगे नहीं, हम माफ नहीं करेंगे।” पहलगाम आतंकी हमला बरसी 2026 पर पूरा देश उन मासूमों को याद कर रहा है जिन्होंने अपनी जान गंवाई, लेकिन साथ ही उन वीर जवानों को भी सलाम कर रहा है जिन्होंने उन कातिलों का अंत कर न्याय सुनिश्चित किया।

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