By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
The Hill IndiaThe Hill IndiaThe Hill India
Notification Show More
Font ResizerAa
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Reading: जय बाबा केदार: भक्ति और उल्लास के बीच खुले केदारनाथ धाम के कपाट, 51 क्विंटल फूलों से महकी केदारपुरी
Share
Font ResizerAa
The Hill IndiaThe Hill India
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Search
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Have an existing account? Sign In
Follow US
The Hill India > Blog > उत्तराखंड > जय बाबा केदार: भक्ति और उल्लास के बीच खुले केदारनाथ धाम के कपाट, 51 क्विंटल फूलों से महकी केदारपुरी
उत्तराखंडफीचर्ड

जय बाबा केदार: भक्ति और उल्लास के बीच खुले केदारनाथ धाम के कपाट, 51 क्विंटल फूलों से महकी केदारपुरी

The Hill India News
Last updated: April 22, 2026 3:26 am
The Hill India News
Published: April 22, 2026
Share
SHARE

केदारनाथ (रुद्रप्रयाग)। हिमालय की धवल चोटियों के बीच बसे विश्व प्रसिद्ध और 11वें ज्योतिर्लिंग भगवान केदारनाथ के कपाट आज बुधवार को ग्रीष्मकाल के लिए खोल दिए गए हैं। ब्रह्म मुहूर्त में विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मंदिर के द्वार श्रद्धालुओं के लिए खोले गए। इस ऐतिहासिक और आध्यात्मिक क्षण का साक्षी बनने के लिए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं धाम में मौजूद रहे। मंदिर परिसर को 51 क्विंटल ताजे गेंदे के फूलों से भव्य रूप से सजाया गया था, जिसकी आभा देखते ही बन रही थी।

Contents
भक्ति का सैलाब: जयकारों से गुंजायमान हुआ हिमालयपरंपरा का निर्वहन: पंचमुखी डोली का आगमन और पहली आरतीआध्यात्मिक महत्व: पांडवों द्वारा स्थापित 11वां ज्योतिर्लिंग6 माह ‘नर’ तो 6 माह ‘देव’ पूजा का विधानभुकुंट भैरव: केदारपुरी के रक्षक की विशेष पूजाआपदा के बाद का कायाकल्प: भव्य और सुरक्षित केदारपुरीचारधाम यात्रा 2026: अब बदरीनाथ के कपाट खुलने का इंतजार

भक्ति का सैलाब: जयकारों से गुंजायमान हुआ हिमालय

कपाट खुलने के अवसर पर देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु केदारपुरी पहुंचे। जैसे ही मंदिर के मुख्य द्वार खुले, पूरी घाटी ‘बम-बम भोले’ और ‘जय बाबा केदार’ के उद्घोष से गुंजायमान हो गई। सेना के बैंड की धुनों और स्थानीय वाद्य यंत्रों ने वातावरण को पूरी तरह भक्तिमय कर दिया। मुख्यमंत्री धामी ने बाबा केदार के दर्शन कर प्रदेश की खुशहाली और सुख-समृद्धि की कामना की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस वर्ष रिकॉर्ड संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं की सुगम और सुरक्षित यात्रा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

परंपरा का निर्वहन: पंचमुखी डोली का आगमन और पहली आरती

कपाट खुलने की प्रक्रिया सदियों पुरानी परंपराओं के अनुसार संपन्न हुई। शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर, ऊखीमठ से बाबा केदार की पंचमुखी चल उत्सव विग्रह डोली के धाम पहुंचने के बाद विशेष पूजा-अर्चना की गई। मुख्य पुजारी (रावल) और वेदपाठियों ने गर्भगृह के द्वार खोले। इसके पश्चात भगवान शिव का अभिषेक किया गया और साल की पहली आरती उतारी गई। कपाट खुलने के साथ ही केदारनाथ धाम में ‘नर पूजा’ का छह महीने का कालखंड शुरू हो गया है।

सज गया है बाबा केदार का धाम…हर हर महादेव..! pic.twitter.com/Na99RbAhJd

— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) April 21, 2026

आध्यात्मिक महत्व: पांडवों द्वारा स्थापित 11वां ज्योतिर्लिंग

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, केदारनाथ धाम पंच केदार में प्रथम और 12 ज्योतिर्लिंगों में 11वें स्थान पर आता है। कहा जाता है कि द्वापर युग में पांडवों ने गोत्र हत्या के पाप से मुक्ति पाने के लिए यहां भगवान शिव की तपस्या की थी। भगवान शिव ने उन्हें महिष (बैल) के रूप में दर्शन दिए थे, जिसका त्रिकोणीय शिवलिंग आज भी मंदिर के गर्भगृह में विराजमान है। यह धाम मंदाकिनी नदी का उद्गम स्थल भी है, जो इसे और भी पवित्र बनाता है।

6 माह ‘नर’ तो 6 माह ‘देव’ पूजा का विधान

केदारनाथ धाम की एक अनूठी विशेषता यहां की पूजा पद्धति है। मान्यता है कि वर्ष के छह महीने जब कपाट खुले रहते हैं, तब मनुष्य (नर) भगवान की सेवा करते हैं। वहीं, शीतकाल में जब भारी बर्फबारी के कारण कपाट बंद हो जाते हैं, तब अगले छह महीनों तक देवता स्वयं बाबा केदार की अर्चना करते हैं। इस आध्यात्मिक क्रम का निर्वहन युगों से चला आ रहा है।

भुकुंट भैरव: केदारपुरी के रक्षक की विशेष पूजा

बाबा केदार के दर्शन तब तक अधूरे माने जाते हैं, जब तक श्रद्धालु भुकुंट भैरव के दर्शन न कर लें। मंदिर से कुछ दूरी पर स्थित भुकुंट भैरव को केदारपुरी का क्षेत्रपाल या रक्षक माना जाता है। मान्यता है कि शीतकाल में जब कपाट बंद रहते हैं, तब भैरव बाबा ही इस पूरे क्षेत्र की सुरक्षा का दायित्व संभालते हैं। आज कपाट उद्घाटन के बाद श्रद्धालुओं ने भैरव मंदिर में भी माथा टेका और रक्षा का आशीर्वाद लिया।

आपदा के बाद का कायाकल्प: भव्य और सुरक्षित केदारपुरी

साल 2013 की भीषण आपदा के बाद केदारनाथ धाम का स्वरूप पूरी तरह बदल चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट के तहत हुए पुनर्निर्माण कार्यों ने केदारपुरी को एक आधुनिक और सुरक्षित तीर्थ बना दिया है। चौड़े पैदल मार्ग, बेहतरीन घाट, आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं और सुव्यवस्थित हेलीकॉप्टर सेवाओं के कारण आज केदारनाथ धाम कपाट उद्घाटन 2026 के समय भक्तों को पहले से कहीं बेहतर सुविधाएं मिल रही हैं। अब श्रद्धालु बिना किसी भय के बाबा के द्वार पहुंच रहे हैं, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती मिली है।

चारधाम यात्रा 2026: अब बदरीनाथ के कपाट खुलने का इंतजार

उत्तराखंड की प्रसिद्ध चारधाम यात्रा 19 अप्रैल को गंगोत्री और यमुनोत्री धामों के कपाट खुलने के साथ शुरू हुई थी। आज केदारनाथ के कपाट खुलने से यात्रा ने और गति पकड़ ली है। अब कल यानी गुरुवार को भगवान बदरी विशाल के कपाट खुलेंगे, जिसके साथ ही चारों धामों की यात्रा विधिवत रूप से पूर्ण संचालित हो जाएगी। प्रशासन ने केदारनाथ में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए टोकन व्यवस्था और दर्शन के लिए विशेष इंतजाम किए हैं।

केदारनाथ धाम के कपाट खुलना केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि करोड़ों हिंदुओं की आस्था का पुनर्जागरण है। केदारनाथ धाम कपाट उद्घाटन 2026 इस बात का प्रमाण है कि हिमालय की चोटियों पर बाबा केदार का आशीर्वाद निरंतर बना हुआ है। यदि आप भी बाबा के दर्शन की योजना बना रहे हैं, तो रजिस्ट्रेशन और मौसम का अपडेट लेकर ही अपनी यात्रा शुरू करें।

You Might Also Like

उत्तराखण्ड : कड़ी सुरक्षा के बीच निर्धारित तिथि 12 फरवरी को होगी राजस्व उप निरीक्षक(पटवारी/लेखपाल) परीक्षा
CDS अनिल चौहान का बड़ा बयान: “फौज ही है एकमात्र ऐसी जगह जहां भाई-भतीजावाद नहीं”
Uttarakhand: CM धामी ने सचिवालय में ‘आयुष शिक्षा विभाग’ की करी समीक्षा, अधिकारियों को दिये ये निर्देश
तीन दिवसीय कार्यक्रम में भाग लेने उत्तराखण्ड पहुंचे पंडित शास्त्री
जम्मू-कश्मीर: सेना का आतंकियों के साथ मुठभेड़, पुंछ में सेना के वाहन पर गोलीबारी
TAGGED:Bhukunt Bhairav ​​Temple KedarnathChardham Yatra Uttarakhand 2026First Aarti of Baba Kedar.Kedarnath Yatra 2026 UpdatesPanchmukhi Doli Ukhimath
Share This Article
Facebook Email Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
उत्तराखंडफीचर्ड

देहरादून में प्राथमिक शिक्षकों का शक्ति प्रदर्शन! 9 सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री आवास कूच, बैरिकेडिंग पर रोकी गई रैली

The Hill India News
The Hill India News
October 24, 2026
एम्स ऋषिकेश में इलाज के लिए आने वालों को झटका! अब पार्किंग के भी देने होंगे पैसे, दोपहिया के ₹20 और कार के ₹40 शुल्क; व्यापार मंडल ने जताई नाराजगी
बदरी-केदार धाम पहुंचे राज्यपाल ढाल सिंह बिसेन, परिवार संग किए दर्शन; स्वच्छ और नशामुक्त देवभूमि बनाने का दिया संदेश
कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक साकेत बडोला का बड़ा फैसला, रिटायरमेंट से 11 साल पहले छोड़ेंगे IFS सेवा! VRS की घोषणा से वन विभाग में हलचल, जानिए क्या है पूरा मामला
उत्तराखंड में चुनावी जंग तेज! कांग्रेस की ‘न्याय यात्रा’ के जवाब में BJP निकालेगी ‘लोकतंत्र बचाओ यात्रा’, धामी ने किया बड़ा ऐलान
SBI में बड़ा डेटा लीक! डार्क वेब पर पहुंचे 3,897 ग्राहकों के निजी रिकॉर्ड, नाम-पता से लेकर लोन के दस्तावेज तक उजागर
देहरादून में पद्मश्री योगी ऐरन के ‘जंगल-मंगल’ पर हमला! 50 लोगों की भीड़ पर तोड़फोड़ और धमकी देने का आरोप, जमीन के दस्तावेज खंगाल रही पुलिस
उत्तराखंड को मिला नया राज्यपाल! डॉ. ढाल सिंह बिसेन ने ली पद एवं गोपनीयता की शपथ, बोले—संवैधानिक मूल्यों की रक्षा और विकास योजनाओं को गति देना प्राथमिकता
टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में बड़ा खुलासा! जयपुर से दिल्ली और फिर नेपाल भागने की थी प्लानिंग, कोटा पुलिस ने 15 मिनट में ट्रेन खंगालकर 3 आरोपियों को दबोचा
गैरसैंण के विकास पर बीजेपी में घमासान! पूर्व विधायक सुरेंद्र सिंह नेगी बोले—‘कुंभकर्ण 6 महीने में जागता था, विधायक 5 साल से सोए हैं’; अनिल नौटियाल ने आरोपों पर दिया जवाब
© The Hill India. All Rights Reserved | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?