By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
The Hill IndiaThe Hill IndiaThe Hill India
Notification Show More
Font ResizerAa
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Reading: उत्तराखंड सचिवालय संघ चुनाव: मस्तु दास को मिली चुनाव अधिकारी की कमान, 1100 कर्मियों की टिकी निगाहें
Share
Font ResizerAa
The Hill IndiaThe Hill India
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Search
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Have an existing account? Sign In
Follow US
The Hill India > Blog > उत्तराखंड > उत्तराखंड सचिवालय संघ चुनाव: मस्तु दास को मिली चुनाव अधिकारी की कमान, 1100 कर्मियों की टिकी निगाहें
उत्तराखंडफीचर्ड

उत्तराखंड सचिवालय संघ चुनाव: मस्तु दास को मिली चुनाव अधिकारी की कमान, 1100 कर्मियों की टिकी निगाहें

The Hill India News
Last updated: April 8, 2026 1:25 pm
The Hill India News
Published: April 8, 2026
Share
SHARE

देहरादून: उत्तराखंड की सत्ता के शीर्ष केंद्र, ‘उत्तराखंड सचिवालय’ की गलियारों में इन दिनों फाइलें ही नहीं, बल्कि चुनावी चर्चाएं भी तेज रफ्तार से दौड़ रही हैं। राज्य में जहां एक ओर राजनीतिक दल आगामी विधानसभा चुनाव के समीकरण बिठाने में जुटे हैं, वहीं दूसरी ओर प्रदेश के सबसे रसूखदार कर्मचारी संगठन ‘उत्तराखंड सचिवालय संघ’ के चुनाव को लेकर माहौल पूरी तरह गर्मा चुका है। लंबे समय से नई कार्यकारिणी की बाट जोह रहे सैकड़ों कर्मचारियों का इंतजार अब खत्म होता दिख रहा है।

Contents
कार्यकाल समाप्ति के बाद बढ़ी हलचलमई या अगस्त: तारीखों पर फंसा पेंचक्यों खास है सचिवालय संघ का चुनाव?अध्यक्ष और महामंत्री पद पर टिकीं सबकी नजरें

प्रशासनिक स्तर पर चुनाव की औपचारिक प्रक्रिया शुरू हो गई है, जिसके तहत वरिष्ठ अधिकारी मस्तु दास को निर्वाचन अधिकारी (Returning Officer) नामित कर दिया गया है। इस नियुक्ति के साथ ही सचिवालय परिसर में शक्ति प्रदर्शन और चुनावी गोलबंदी का दौर शुरू हो गया है।

कार्यकाल समाप्ति के बाद बढ़ी हलचल

सचिवालय संघ की वर्तमान कार्यकारिणी का कार्यकाल काफी समय पहले ही समाप्त हो चुका है। नियमतः समय पर चुनाव होने चाहिए थे, लेकिन विभिन्न प्रशासनिक कारणों और सांगठनिक विलंब के चलते यह प्रक्रिया लंबित पड़ी थी। कर्मचारियों के बीच बढ़ती बेचैनी को देखते हुए सचिवालय प्रशासन विभाग ने सक्रियता दिखाई है। विभाग ने औपचारिक रूप से निर्वाचन से जुड़े अधिकारियों को पत्र लिखकर चुनाव प्रक्रिया को गति देने का अनुरोध किया था।

निर्वाचन अधिकारी के रूप में मस्तु दास के नाम पर मुहर लगने के बाद अब गेंद चुनाव आयोग और संगठन के पाले में है। माना जा रहा है कि निर्वाचन अधिकारी जल्द ही मौजूदा परिस्थितियों का आकलन कर चुनावी शेड्यूल जारी करेंगे।

मई या अगस्त: तारीखों पर फंसा पेंच

सचिवालय संघ के गलियारों में इस वक्त सबसे बड़ा सवाल ‘तारीखों’ को लेकर है। वर्तमान कार्यकारिणी और कर्मचारी गुटों के बीच चुनाव के समय को लेकर दो अलग-अलग संभावनाएं प्रबल हैं।

  • अगस्त का प्रस्ताव: वर्तमान कार्यकारिणी की ओर से अगस्त महीने में चुनाव कराने का प्रस्ताव रखा गया है। इसके पीछे तर्क दिया जा रहा है कि तब तक कई विभागीय कार्य और लंबित मुद्दे सुलझ जाएंगे, जिससे शांतिपूर्ण तरीके से मतदान संपन्न हो सकेगा।

  • मई का विकल्प: यदि निर्वाचन अधिकारी अगस्त की तिथियों पर सहमत नहीं होते हैं या कर्मचारी वर्ग जल्द चुनाव का दबाव बनाता है, तो मई महीने के पहले सप्ताह में मतदान कराया जा सकता है।

सचिवालय संघ के महामंत्री राकेश जोशी ने स्पष्ट किया कि, “हम चुनाव के लिए पूरी तरह तैयार हैं। हमारी प्राथमिकता लोकतांत्रिक प्रक्रिया को समय पर पूरा करना है। यदि निर्वाचन अधिकारी की उपलब्धता और प्रशासनिक सुगमता बनी रही, तो प्रस्तावित तिथियों पर ही मुहर लगेगी, अन्यथा मई का विकल्प हमारे पास खुला है।”

क्यों खास है सचिवालय संघ का चुनाव?

उत्तराखंड सचिवालय संघ केवल एक कर्मचारी संगठन नहीं है, बल्कि यह सरकार और कर्मचारियों के बीच सेतु का कार्य करता है। सचिवालय में कार्यरत करीब 1100 कर्मचारी इस संघ के प्रत्यक्ष सदस्य हैं। यह चुनाव इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि:

  1. नीतिगत प्रभाव: संघ का अध्यक्ष और महामंत्री सीधे मुख्य सचिव और मुख्यमंत्री स्तर तक अपनी बात रखने की क्षमता रखते हैं।

  2. लोकतांत्रिक उत्सव: सचिवालय के भीतर इन चुनावों का नजारा किसी विधानसभा चुनाव से कम नहीं होता। यहां बाकायदा पर्चे बांटे जाते हैं, चाय की चुस्कियों पर पैनल तय होते हैं और सोशल मीडिया पर कैंपेनिंग चलती है।

  3. शक्ति प्रदर्शन: करीब 1100 मतदाताओं वाले इस छोटे लेकिन प्रभावशाली क्षेत्र में एक-एक वोट की कीमत निर्णायक होती है।

अध्यक्ष और महामंत्री पद पर टिकीं सबकी नजरें

सचिवालय की राजनीति में ‘अध्यक्ष’ और ‘महामंत्री’ के पदों को सबसे ‘हॉट सीट’ माना जाता है। संघ की कमान किसके हाथ में होगी, यह इस बात पर निर्भर करता है कि कौन सा गुट कर्मचारियों की पदोन्नति, भत्तों और कार्यस्थल की सुविधाओं के मुद्दों को मुखरता से उठाता है। फिलहाल, कई दिग्गज चेहरों ने अपनी दावेदारी के लिए जमीन तैयार करनी शुरू कर दी है। संभावित प्रत्याशी अलग-अलग अनुभागों और विभागों में जाकर कर्मचारियों से संपर्क साध रहे हैं।

उत्तराखंड सचिवालय संघ चुनाव केवल पदों की लड़ाई नहीं, बल्कि कर्मचारियों के मान-सम्मान और उनके अधिकारों की रक्षा का एक जरिया है। निर्वाचन अधिकारी के रूप में मस्तु दास की नियुक्ति ने इस प्रक्रिया को आधिकारिक अमलीजामा पहना दिया है। अब देखना यह होगा कि आने वाले चंद दिनों में कौन सी तारीखों पर सहमति बनती है।

सचिवालय की आबोहवा बता रही है कि इस बार मुकाबला कांटे का होने वाला है। कर्मचारी एक ऐसी मजबूत कार्यकारिणी की तलाश में हैं जो न केवल प्रशासन के सामने उनकी मांगों को मजबूती से रख सके, बल्कि सचिवालय की कार्यसंस्कृति में भी सकारात्मक सुधार ला सके।

You Might Also Like

Hyderabad Drug Bust: हैदराबाद में हाई-प्रोफाइल ड्रग रैकेट का पर्दाफाश; सॉफ्टवेयर इंजीनियर ‘लिली’ और उसका बॉयफ्रेंड गिरफ्तार
देशभर में मानसून का कहर: बारिश, बाढ़ और भूस्खलन से जनजीवन अस्त-व्यस्त
देहरादूनवासी ध्यान दें! टमाटर और सब्जियों की रेट लिस्ट जारी, देखकर ही खरीदें
भोजपुरी सिंगर पवन सिंह के आसनसोल से BJP का टिकट लौटाने के बाद, अब बिहार के काराकाट सीट से लड़ेंगे लोकसभा चुनाव
Uttarakhand: हरिद्वार में मासूम के ‘सौदागरों’ को सबक: अपहरण और मानव तस्करी के मामले में दो महिलाओं को 10-10 साल की कठोर कैद
TAGGED:Mastu Das Election OfficerRakesh Joshi General Secretary.Secretariat Employees OrganisationSecretariat Union ExecutiveUttarakhand Administrative Elections
Share This Article
Facebook Email Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
फीचर्डविदेश

450 साल पुराने वर्ल्ड मैप को बदलने की तैयारी, UN में ‘Correct the Map’ प्रस्ताव पास; अब नक्शे पर असली आकार में दिखेगा अफ्रीका

The Hill India News
The Hill India News
September 5, 2026
हल्द्वानी के कथित ‘शुद्धिकरण’ पर बेंगलुरु में जीरो एफआईआर, खड़गे के आरोपों से गरमाई सियासत; राहुल गांधी पर भी दर्ज है मामला
श्रीकृष्ण के रंग में रंगा उत्तराखंड, मंदिरों में गूंजे जयकारे और शंखनाद; लक्सर से नैनीताल और टिहरी तक दिखी आस्था की अद्भुत छटा
नौ साल से खाली लोकायुक्त का पद, कांग्रेस ने भाजपा सरकार को घेरा; बीजेपी बोली- भ्रष्टाचार के खिलाफ धामी सरकार की कार्रवाई जारी
सहारनपुर कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर कार्रवाई से मचा सियासी घमासान, इकरा हसन को रोका गया; भारी पुलिस फोर्स तैनात
पेंशन लाभार्थियों के लिए बड़ी राहत! CM धामी ने एक क्लिक में जारी किए ₹147 करोड़, करीब 10 लाख लोगों के खातों में पहुंची अगस्त की पेंशन
देश की पहली ऑल-इन-वन किसान एप ‘मनोरमा कृषि रक्षक’ का उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया शुभारंभ
क्या बदल जाएगा दुनिया का नक्शा? संयुक्त राष्ट्र में आज ऐतिहासिक वोटिंग, अफ्रीका के असली आकार को लेकर उठी बड़ी बहस
रानीपोखरी में गूंजी मातृशक्ति की आवाज, कांग्रेस के संवाद कार्यक्रम में महिलाओं ने खुलकर उठाए सामाजिक, आर्थिक और सुरक्षा के मुद्दे
‘मिशन यूपी’ पर कांग्रेस का बड़ा दांव! 7 सितंबर से मुजफ्फरनगर में किसान यात्रा का आगाज, पश्चिम से पूर्वांचल तक गूंजेंगे किसानों के मुद्दे
© The Hill India. All Rights Reserved | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?